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तो क्या ऐसे होगा ‘कैटल फ्री’सिरसा?
Updated Thu, 27 Jul 2017 12:55 AM IST
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तो क्या ऐसे होगा ‘कैटल फ्री’ सिरसा
गलियों-सड़कों से दौड़ाकर हुडा पार्क में रोका
पशुबाड़े में न पीने को पानी और न चारे की व्यवस्था
गर्मी से बेहोश होकर गिर रहे हैं पशु
अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा।
मुख्यमंत्री के 31 जुलाई को सिरसा आगमन पर सिरसा को कैटल फ्री का तमगा दिलवाने के लिए जिला प्रशासन की ओर से गोवंश को मौत के मुंह में धकेला जा रहा है। बाजारों, गलियों से खदेड़कर गोवंश को सिविल अस्पताल के सामने ग्रीन बेल्ट में जहां रोका गया है, वहां न पीने के पानी की व्यवस्था है और न ही चारे की। न छाया की व्यवस्था है और न ही उनकी देखभाल करने वाला कोई डॉक्टर है। बुधवार को कई गोवंश की तड़प-तड़प कर मौत हो गई। गर्मी में बेहोश होकर गिरने का सिलसिला जारी हैै।
गौरतलब है कि जिला प्रशासन की ओर से सिरसा को कैटल फ्री करने का अभियान चलाया जा रहा है। वैसे यह अभियान सराहनीय है, चूंकि अधिकतर सड़क हादसों की प्रमुख वजह आवारा पशुअ ही रहते हैं। इसके बावजूद जिस प्रकार बिना तैयारियों के कैटल फ्री अभियान को शुरू किया गया, उससे गोवंश की दुर्गति हुई है। वे भूख-प्यास से तिलमिला रहे हैं। सिविल अस्पताल के निकट हुडा ग्रीन बेल्ट में सप्ताहभर पूर्व हजारों गोवंश को रोका गया। वहां पर न तो उनके लिए चारे की व्यवस्था की गई और न ही पीने के पानी की। भूख से तड़फकर रोजाना गोवंश जान दे रहा है।
विरोध में उतरे स्थानीय लोग
जेजे कॉलोनी, गुरु तेगबहादुर नगर, जनकल्याण कॉलोनी और आसपास की कॉलोनी के लोगों ने गोवंश की दुर्गति पर रोष जताया है। उन्होंने बताया कि यहां पर हजारों गाय, बछड़े और सांडों को रोका गया है, लेकिन उनके लिए चारे की कोई व्यवस्था तक नहीं की गई है। पूर्व नगर परिषद चेयरमैन सुखविंद्र कौर गिल, मेजर सिंह, पार्षद महावीर सिंह, राजकौर, निहाल कौर, त्रिलोक, हरजिंद्र सिंह, बाबू सिंह, लखविंद्र सिंह और अनिल कुमार ने रोष प्रकट करते हुए चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने बेहाल गोवंश की सुध नहीं ली तो कॉलोनीवासी धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। उन्होंने हुडा ग्रीन बेल्ट से पशुबाड़ा हटाने की भी मांग की।
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हुडा ने पल्ला झाड़ा
सिविल अस्पताल के निकट हुडा की ग्रीन बेल्ट में बनाए गए पशुबाडे़ को लेकर विभाग ने अपनी जिम्मेवारी से पल्ला झाड़ा है। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के एसडीओ ने वहां पर पशुबाड़ा बनाए जाने से अनभिज्ञता प्रकट की। उन्होंने स्पष्ट किया कि विभाग से किसी प्रकार की अनुमति नहीं ली गई है, इस बारे में विभाग के उच्चाधिकारियों को पत्र लिखकर स्थिति से अवगत करवाया गया है।
नंदीशाला की भी दुर्गति
नगर परिषद द्वारा शहरभर से आवारा पशुओं को खदेड़कर केलनियां स्थित नंदीशाला में भी रोका गया है। यहां भी सांडों की दुर्गति हो रही है। बताया जाता है कि यहां पर रोके गए गोवंश को पर्याप्त चारा नहीं मिल पाता और न ही उनके लिए पर्याप्त शैड की ही व्यवस्था की गई है। नंदीशाला में भी चारे-पानी के अभाव में रोजाना गोवंश की मौत का क्रम बना हुआ है।
कहां है गोरक्षक?
गोतस्करी की सूचना पर जान देने और जान ले लेने वाले गोरक्षकों को न जाने क्यों गोवंश की दुर्गति दिखाई नहीं दे रही? शासन-प्रशासन द्वारा परोक्ष रूप से गोवंश को मौत के घाट उतारा जा रहा है। पानी और चारे के अभाव में गोवंश भूख और प्यास से दम तोड़ रहा है। उन्हें जबरन ऐसी जगह पर रोका गया है, जहां कोई व्यवस्था नहीं की गई है। ऐसे में गोरक्षक क्यों चुप्पी साधे है?
स्थिति दुर्भाग्यपूर्ण : सहगल
नगर परिषद की चेयरपर्सन शीला सहगल ने कहा कि पशुबाडे़ में गोवंश की मौत की खबर दुर्भाग्यपूर्ण है। नगर परिषद को गोवंश को रोकने से पहले तमाम व्यवस्था करनी चाहिए थी। गोवंश को भूखे-प्यासे मरने के लिए नहीं छोड़ा जा सकता। मैं स्वयं मौके पर जाकर स्थिति देखती हूं और इसमें सुधार किया जाएगा।
दोपहर तक अनेक पशुओं की मौत
मृत पशु उठाने वाले ठेकेदार के कारिंदे बल्लाराम और चांद राम ने बताया कि बुधवार को हुडा ग्रीन बेल्ट पशुबाडे़ से दोपहर तक सात मृत पशुओं को उठा चुके हैं। निरंतर पशुओं का मरना जारी है। इसी प्रकार केलनियां नंदीशाला में भी गोवंश की मौत का सिलसिला जारी है।
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गलियों-सड़कों से दौड़ाकर हुडा पार्क में रोका
पशुबाड़े में न पीने को पानी और न चारे की व्यवस्था
गर्मी से बेहोश होकर गिर रहे हैं पशु
अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा।
मुख्यमंत्री के 31 जुलाई को सिरसा आगमन पर सिरसा को कैटल फ्री का तमगा दिलवाने के लिए जिला प्रशासन की ओर से गोवंश को मौत के मुंह में धकेला जा रहा है। बाजारों, गलियों से खदेड़कर गोवंश को सिविल अस्पताल के सामने ग्रीन बेल्ट में जहां रोका गया है, वहां न पीने के पानी की व्यवस्था है और न ही चारे की। न छाया की व्यवस्था है और न ही उनकी देखभाल करने वाला कोई डॉक्टर है। बुधवार को कई गोवंश की तड़प-तड़प कर मौत हो गई। गर्मी में बेहोश होकर गिरने का सिलसिला जारी हैै।
गौरतलब है कि जिला प्रशासन की ओर से सिरसा को कैटल फ्री करने का अभियान चलाया जा रहा है। वैसे यह अभियान सराहनीय है, चूंकि अधिकतर सड़क हादसों की प्रमुख वजह आवारा पशुअ ही रहते हैं। इसके बावजूद जिस प्रकार बिना तैयारियों के कैटल फ्री अभियान को शुरू किया गया, उससे गोवंश की दुर्गति हुई है। वे भूख-प्यास से तिलमिला रहे हैं। सिविल अस्पताल के निकट हुडा ग्रीन बेल्ट में सप्ताहभर पूर्व हजारों गोवंश को रोका गया। वहां पर न तो उनके लिए चारे की व्यवस्था की गई और न ही पीने के पानी की। भूख से तड़फकर रोजाना गोवंश जान दे रहा है।
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विरोध में उतरे स्थानीय लोग
जेजे कॉलोनी, गुरु तेगबहादुर नगर, जनकल्याण कॉलोनी और आसपास की कॉलोनी के लोगों ने गोवंश की दुर्गति पर रोष जताया है। उन्होंने बताया कि यहां पर हजारों गाय, बछड़े और सांडों को रोका गया है, लेकिन उनके लिए चारे की कोई व्यवस्था तक नहीं की गई है। पूर्व नगर परिषद चेयरमैन सुखविंद्र कौर गिल, मेजर सिंह, पार्षद महावीर सिंह, राजकौर, निहाल कौर, त्रिलोक, हरजिंद्र सिंह, बाबू सिंह, लखविंद्र सिंह और अनिल कुमार ने रोष प्रकट करते हुए चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने बेहाल गोवंश की सुध नहीं ली तो कॉलोनीवासी धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। उन्होंने हुडा ग्रीन बेल्ट से पशुबाड़ा हटाने की भी मांग की।
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हुडा ने पल्ला झाड़ा
सिविल अस्पताल के निकट हुडा की ग्रीन बेल्ट में बनाए गए पशुबाडे़ को लेकर विभाग ने अपनी जिम्मेवारी से पल्ला झाड़ा है। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के एसडीओ ने वहां पर पशुबाड़ा बनाए जाने से अनभिज्ञता प्रकट की। उन्होंने स्पष्ट किया कि विभाग से किसी प्रकार की अनुमति नहीं ली गई है, इस बारे में विभाग के उच्चाधिकारियों को पत्र लिखकर स्थिति से अवगत करवाया गया है।
नंदीशाला की भी दुर्गति
नगर परिषद द्वारा शहरभर से आवारा पशुओं को खदेड़कर केलनियां स्थित नंदीशाला में भी रोका गया है। यहां भी सांडों की दुर्गति हो रही है। बताया जाता है कि यहां पर रोके गए गोवंश को पर्याप्त चारा नहीं मिल पाता और न ही उनके लिए पर्याप्त शैड की ही व्यवस्था की गई है। नंदीशाला में भी चारे-पानी के अभाव में रोजाना गोवंश की मौत का क्रम बना हुआ है।
कहां है गोरक्षक?
गोतस्करी की सूचना पर जान देने और जान ले लेने वाले गोरक्षकों को न जाने क्यों गोवंश की दुर्गति दिखाई नहीं दे रही? शासन-प्रशासन द्वारा परोक्ष रूप से गोवंश को मौत के घाट उतारा जा रहा है। पानी और चारे के अभाव में गोवंश भूख और प्यास से दम तोड़ रहा है। उन्हें जबरन ऐसी जगह पर रोका गया है, जहां कोई व्यवस्था नहीं की गई है। ऐसे में गोरक्षक क्यों चुप्पी साधे है?
स्थिति दुर्भाग्यपूर्ण : सहगल
नगर परिषद की चेयरपर्सन शीला सहगल ने कहा कि पशुबाडे़ में गोवंश की मौत की खबर दुर्भाग्यपूर्ण है। नगर परिषद को गोवंश को रोकने से पहले तमाम व्यवस्था करनी चाहिए थी। गोवंश को भूखे-प्यासे मरने के लिए नहीं छोड़ा जा सकता। मैं स्वयं मौके पर जाकर स्थिति देखती हूं और इसमें सुधार किया जाएगा।
दोपहर तक अनेक पशुओं की मौत
मृत पशु उठाने वाले ठेकेदार के कारिंदे बल्लाराम और चांद राम ने बताया कि बुधवार को हुडा ग्रीन बेल्ट पशुबाडे़ से दोपहर तक सात मृत पशुओं को उठा चुके हैं। निरंतर पशुओं का मरना जारी है। इसी प्रकार केलनियां नंदीशाला में भी गोवंश की मौत का सिलसिला जारी है।