फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sirsa News ›   70 percent less stubble burnt in the district, Deputy Director of Agriculture honored with Good Governance Award for his commendable efforts.

Sirsa News: जिले में 70 फीसदी कम जली पराली, सराहानीय प्रयास के लिए कृषि उपनिदेशक गुड गवर्नेंस अवॉर्ड से सम्मानित

Mon, 25 Dec 2023 11:32 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा Updated Mon, 25 Dec 2023 11:32 PM IST
विज्ञापन
70 percent less stubble burnt in the district, Deputy Director of Agriculture honored with Good Governance Award for his commendable efforts.
मुख्यमंत्री द्वारा दिया गया अवाॅर्ड दिखाते हुए उपनिदेशक कृषि डाॅ. सुखदेव सिंह। सूचना विभाग
सिरसा। जिले में पराली प्रबंधन को लेकर बेहतर योजना बनाने पर सोमवार को सुशासन दिवस पर पंचकूला में आयोजित राज्यस्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने उपनिदेशक कृषि डॉ. सुखदेव सिंह को सम्मानित किया। उप कृषि निदेशक डॉ. सुखदेव को गुड गवर्नेंस अवॉर्ड मिला।
विज्ञापन

कृषि विभाग के उपनिदेशक और उनकी टीम के प्रयासों से पहली बार पराली जलाने के मामलों में 70 फीसदी की कमी आई है। इतना ही नहीं 19 हजार 530 किसानों ने फसल अवशेष प्रबंधन के लिए पंजीकरण करवाया। उपायुक्त पार्थ गुप्ता ने कहा कि खुशी की बात है कि उत्कृष्ट कार्य करने के लिए उप निदेशक कृषि डॉ. सुखदेव सिंह को राज्य स्तरीय अवाॅर्ड से सम्मानित किया गया है। इससे, दूसरे अधिकारियों को प्रेरणा मिलेगी।
विज्ञापन


आंकड़ों के अनुसार जिले में वर्ष 2022 में 356 पराली जलाने के मामले सामने आए थे। इस वर्ष 163 मामले की लोकेशन ट्रेस हुई। हरसेक से प्राप्त 40 फीसदी लोकेशन गलत पाई गई । ऐसे में पहली बार 70 फीसदी पराली जलाने के मामले कम आई है।
विज्ञापन
विज्ञापन


पराली जलाने के मामले

वर्ष 2021

कुल मामले - 640 मामले
किसानों को जुर्माना लगाया - 9 लाख रुपये

वर्ष 2022

कुल मामले : 356 मामले
जुर्माना : 4 लाख 62 हजार 500 रुपये।



वर्ष 2023

कुल मामले - 163

जुर्माना - दो लाख 25 हजार के करीब।


विभाग ने यह की व्यवस्था तो मिली कामयाबी

- पराली खरीदने वाली फर्मों से सीधा संपर्क किया।

- पराली खरीदने वाली पंजाब व राजस्थान के उद्योगों से संपर्क किया।
- फसल अवशेष प्रबंधन को लेकर जिले के 19 हजार 530 किसानों (165000 एकड़) का पंजीकरण करवाया गया।
- डेलॉइट इंडिया कंपनी के सहयोग से 40 हजार रुपये प्रति एकड़ जमीन किराये पर लेकर पराली के डंपिंग प्वाइंट बनाए गए।

- प्रशासन ने गोशालाओं को चारे के रूप में धान की पराली खरीदने के लिए 100 रुपये प्रति क्विंटल अनुदान।

- ऐप के माध्यम से 15 हजार किसानों को बेलर की सुविधा उपलब्ध करवाई।

- पिछले वर्ष की तुलना में 4 गुना अधिक धान की सीधी बिजाई करवाई गई।



उपायुक्त पार्थ गुप्ता के दिशा निर्देशन में जिले में धान के फसल अवशेष प्रबंधन पर कई विशेष कार्य किए गए हैं। गत वर्ष की तुलना में इस वर्ष आगजनी की घटनाएं घटकर लगभग आधी से कम रह गई है। किसानों को मशीनरी उपलब्ध करवाने के साथ साथ जागरूक किया गया है। किसानों का पराली खरीदने वाले एजेंसियों के साथ तालमेल विभाग ने स्थापित किया था। इतना ही नहीं, किसानों को समय पर मशीनरी मिले, इसकी व्यवस्था भी विभाग ने इस बार की है। इसके अतिरिक्त पराली खरीदने वाले पराली को स्टोर कर सके, इसको लेकर लीज पर प्राइवेट एजेंसी के माध्यम से जमीन मुहैया करवाई गई। इसमें विभाग के सभी अधिकारियों व कर्मचारियों का पूर्ण सहयोग रहा।
-डॉ. सुखदेव सिंह, उप निदेशक कृषि विभाग
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed