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Sirsa News: मानसून की बेरुखी...किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें, 67.1% कम बारिश

Sat, 18 Jul 2026 11:48 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा Updated Sat, 18 Jul 2026 11:48 PM IST
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67 percent less rain in season
गांव खारिया में बारिश न होने और पानी की कमी से सुखी मुंग की फसल
संवाद न्यूज एजेंसी
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सिरसा। मानसून की बेरुखी से जिले में किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें हैं। ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में लगातार बिजली के कट लग रहे हैं। 500 के आसपास प्रतिदिन शिकायतें दक्षिण हरियाणा बिजली निगम के कार्यालय में आ रही हैं। मानसून में अब तक 67 प्रतिशत कम बारिश हुई है।
पिछले वर्ष 18 जुलाई तक 300 एमएम से ज्यादा बारिश हो चुकी थी। इस बार अब तक मानसून सीजन में 43.39 एमएम बारिश हुई है। बारिश का यह बड़ा अंतर फसलों से लेकर आमजन तक को प्रभावित कर रहा है।
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आईएमडी के आंकड़ों के अनुसार तेज धूप, हीट वेव और 85 से 90 प्रतिशत तक पहुंची नमी ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया है। सुबह से शाम तक उमस के कारण लोग पसीने से तर-बतर नजर आ रहे हैं। शनिवार को तापमान 40.4 डिग्री तक पहुंच गया। न्यूनतम तापमान 30 डिग्री से ऊपर है। ऐसे में बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है और आंकड़ों के अनुसार 1 करोड़ 15 लाख प्रतिदिन यूनिट के हिसाब से मांग बनी हुई है।
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किसान अलग-अलग सब स्टेशनों पर धरनारत हैं। 24 घंटे बिजली आपूर्ति के सरकार के दावे मानसून की कमी ने धराशायी कर दिए हैं। ट्यूबवेल के लिए पर्याप्त बिजली आपूर्ति किसानों को नहीं मिल रही है।
इससे कभी डिंग मंडी तो कभी कालांवाली में किसान प्रदर्शन कर रहे हैं। अलग-अलग गांवों में किसान सब स्टेशनों पर अपनी नाराजगी जता रहे हैं।
गर्मी के मौसम का सबसे ज्यादा असर धान की बिजाई पर देखने को मिला है। धान बिजाई का सीजन चल रहा है और बारिश नहीं हुई है। बारिश होने की सूरत में घग्गर में पानी आ जाता है और किसान बड़े स्तर पर इस पानी से सिंचाई करते हैं। नहरों में पानी की कमी नहीं रहती है।
हालात ये हैं कि दोनों ही स्रोतों में इस बार मानसून की कमी दिख रही हैं। ऐसे में ट्यूबवेल की आपूर्ति पर धान निर्भर हो गया है। इस कारण किसानों को परेशानी उठानी पड़ रही है। बारिश नहीं होने से कपास, ग्वार और बाजरे की फसल भी प्रभावित होगी।
शहर में गर्मी और उमस ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। चिकित्सकों ने लोगों को दोपहर के समय धूप से बचने, पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी है। किसानों का कहना है कि लगातार बारिश नहीं होने से उन्हें बार-बार सिंचाई करनी पड़ रही है।

कई गांवों में बिजली की पर्याप्त आपूर्ति नहीं मिलने के कारण खेतों तक पानी पहुंचने में देरी हो रही है। यदि आने वाले दिनों में अच्छी बारिश नहीं हुई तो फसलों की बढ़वार पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।
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