फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sirsa News ›   छुटी के दिन भी धरने पर डटी रही आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सरकार को जमकर कोसा

छुटी के दिन भी धरने पर डटी रही आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सरकार को जमकर कोसा

Mon, 26 Feb 2018 01:08 AM IST
Updated Mon, 26 Feb 2018 01:08 AM IST
विज्ञापन
छुटी के दिन भी धरने पर डटी रही आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सरकार को जमकर कोसा
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

सिरसा।
रविवार को छुट्टी होने के बाद भी विभिन्न मांगों को पूरा करवाने के लिए लघु सचिवालय परिसर में आंगनबाड़ी वर्कर व हेल्पर यूनियन की दो हजार कार्यकर्ता धरने पर सातवें दिन भी डटी रही। सिरसा से आंगनबाड़ी वर्करों का एक प्रतिनिधि मंडल रोहतक में राज्य स्तरीय बैठक में भाग लेने के जाने के बाद आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने पीछे से मोर्चा संभाले रखा।
धरनास्थल पर प्रदर्शनकारी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी, गीतों और तालियां बजाकर सरकार को जगाने का प्रयास किया। रविवार को धरने को नेतृत्व रत्नेश कुमारी और प्रेमा ने किया। इनका कहना है कि जब तक उनकी मांगों को सरकार मान नहीं लेती तब तक धरना लगातार इसी प्रकार चलता रहेगा। हमें हमारे हकों के लिए सड़कों पर उतरना पड़ा है और वे अपना हक लेकर ही रहेंगे। सात दिनों से लगातार धरने पर बैठी हुईं हैं लेकिन सरकार गूंगी और बहरी बन कर केवल तमाशा देख रही है। इस मौके पर सर्व कर्मचारी संघ के नेता मदन लाल खोथ, सुरजीत अरोड़ा, किसान नेता गुरदिता, कृष्ण कुमार, दर्शना, रेनू, उषा रंधावा, निशा, माया, सावित्री, प्रेमा, किरण व वीरपाल सहित हजारों आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर सरकार को कोसा।
विज्ञापन

इन मांगों को पूरा करवाने के लिए धरना जारी
आंगनबाड़ी वर्कर और हेल्पर को तीसरे और चौथे दर्जे का सरकारी कर्मचारी घोषित किया जाए ऐसा न करने तक 18000 रुपये मानदेय दिया जाए। 14 जून 2017 को धरने पर पहुंचे कर्मियों पर रोक लगा कर मान सम्मान को ठेस पहुंचाने का कहा गया जिसे तुरंत प्रभाव से खारिज किया जाए। गर्मी और सर्दी की छुट्टियां सरकारी स्कूलों के अनुसार की जाए और एसएनवी क्वालिटी के अनुसार केंद्रों तक पहुंचाई जाए। एसएनपी केंद्रों में मदर ग्रुप से ही बनवाया जाए। आंगनबाड़ी केंद्रों में सरकार द्वारा हाजिरी सुनिश्चित की जाए। निजीकरण पर रोक लगे व विभाग की तरक्की के लिए बजट का प्रावधान किया जाए। आंगनबाड़ी हेल्परों की वर्दी का रंग बदला जाए। आईसीडीएम में डिब्बा बंद भोजन व प्रत्यक्ष-सशक्त कैश ट्रांसफर को लागू करने के तुरंत रोक लगाई जाए। 45वें श्रम सम्मेलन की सिफारिशों के अनुसार वर्कर्स को न्यूनतम वेतन व सामाजिक सुरक्षा प्रदान की जाए। मिनी केंद्रों का वेतन बराबर हो काम व मानदेय बराबर किया जाए। आंगनबाड़ी वर्कर के पद का गांव व शहर को समायोजन लागू हो। गौरतलब हो कि गत सोमवार से आंगनबाड़ी वर्कर और हेल्पर यूनियन द्वारा आयोजित विरोध प्रदर्शन के अंतर्गत जिले के डबवाली, रानियां, सिरसा रूरल और अर्बन, माधोसिंगाना, चोपटा, बड़ागुढ़ा, ओढां, ऐलनाबाद सहित सभी ब्लॉकों से 1377 आंगनबाड़ी केंद्रों को ताला लगाकर 1064 वर्कर्स व 1274 हेल्पर लगातार धरने पर बैठी हुई हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed