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आंगनवाड़ी वर्कर्स का अनिश्चितकालीन धरना दूसरे दिन भी जारी
Updated Wed, 21 Feb 2018 01:00 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा।
आंगनबाड़ी वर्कर्स एंड हेल्पर्स की की ओर से लघु सचिवालय में अनिश्चितकालीन धरना दूसरे दिन मंगलवार को भी जारी है। सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारी दो अलग अलग गुटों में बंटी हुई दोनों ने एक ही पार्क में धरना दिया। सर्व कर्मचारी संघ ने दोनों गुटों में समझौता करवाने का प्रयास किया। उधर, इस हड़ताल के चलते जिले के करीब 2500 आंगनबाड़ी केंद्र दो दिन से बंद पड़े हैं। ऐसे में केंद्रों में आने वाले बच्चे ताला देखकर वापस अपने घरों को चले गए।
लघु सचिवालय में आंगनबाड़ी वर्कर्स एंड हेल्पर्स यूनियन सीटू के बैनर तले धरने पर बैठी हैं तो उनके साथ ही मुंह फेरकर आंगनबाड़ी एंप्लाइज फेडरेशन ऑफ इंडिया के तले धरने पर बैठी हैं। उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। धरने की अध्यक्षता जिला प्रधान नीलम मेहता ने की। इस मौके पर उन्होंने बताया कि पिछले काफी समय से वे मांगों को लेकर संघर्ष करती आ रही हैं, लेकिन अभी तक न तो प्रशासन और न सरकार ने कोई कदम उठाया है। उन्होंने बताया कि आंगनबाड़ी वर्कर्स गांवों में बच्चों को खाना खिलाकर उनका पेट भरती हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें जो वेतनमान मिल रहा है, वह भी समय पर नहीं मिलता। उन्होंने बताया कि सभी कर्मचारियों के लिए सरकार ने कोई न कोई घोषणा की है, लेकिन उन्हें कुछ नहीं दिया है, जिससे कर्मचारियों में रोष है।
उन्होंने बताया कि सत्ता में आने से पूर्व भाजपा सरकार ने कर्मचारी वर्ग से अनेक लुभावने वादे किए थे, लेकिन सत्ता में आने के बाद सरकार वादों से मुकर गई। मांगों जिनमें सभी वर्करों को 12 महीने वेतन दिया जाए, साल में दो बार वर्दी दी जाए, सभी वर्कर को न्यूनतम वेतन दिया जाए, 2013 में एक हजार की बढ़ोतरी को बकाया समेत दिया जाए, पुरानी वर्करों को हटाया न जाए। इस मौके पर राज रानी, पूजारानी, सरोज, दुर्गा, कांता, कमलेश, गुरमीत सिंह, कौशल्या, वर्षा, कमला, रेनू सहित अन्य उपस्थित रहे।
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सिरसा।
आंगनबाड़ी वर्कर्स एंड हेल्पर्स की की ओर से लघु सचिवालय में अनिश्चितकालीन धरना दूसरे दिन मंगलवार को भी जारी है। सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारी दो अलग अलग गुटों में बंटी हुई दोनों ने एक ही पार्क में धरना दिया। सर्व कर्मचारी संघ ने दोनों गुटों में समझौता करवाने का प्रयास किया। उधर, इस हड़ताल के चलते जिले के करीब 2500 आंगनबाड़ी केंद्र दो दिन से बंद पड़े हैं। ऐसे में केंद्रों में आने वाले बच्चे ताला देखकर वापस अपने घरों को चले गए।
लघु सचिवालय में आंगनबाड़ी वर्कर्स एंड हेल्पर्स यूनियन सीटू के बैनर तले धरने पर बैठी हैं तो उनके साथ ही मुंह फेरकर आंगनबाड़ी एंप्लाइज फेडरेशन ऑफ इंडिया के तले धरने पर बैठी हैं। उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। धरने की अध्यक्षता जिला प्रधान नीलम मेहता ने की। इस मौके पर उन्होंने बताया कि पिछले काफी समय से वे मांगों को लेकर संघर्ष करती आ रही हैं, लेकिन अभी तक न तो प्रशासन और न सरकार ने कोई कदम उठाया है। उन्होंने बताया कि आंगनबाड़ी वर्कर्स गांवों में बच्चों को खाना खिलाकर उनका पेट भरती हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें जो वेतनमान मिल रहा है, वह भी समय पर नहीं मिलता। उन्होंने बताया कि सभी कर्मचारियों के लिए सरकार ने कोई न कोई घोषणा की है, लेकिन उन्हें कुछ नहीं दिया है, जिससे कर्मचारियों में रोष है।
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उन्होंने बताया कि सत्ता में आने से पूर्व भाजपा सरकार ने कर्मचारी वर्ग से अनेक लुभावने वादे किए थे, लेकिन सत्ता में आने के बाद सरकार वादों से मुकर गई। मांगों जिनमें सभी वर्करों को 12 महीने वेतन दिया जाए, साल में दो बार वर्दी दी जाए, सभी वर्कर को न्यूनतम वेतन दिया जाए, 2013 में एक हजार की बढ़ोतरी को बकाया समेत दिया जाए, पुरानी वर्करों को हटाया न जाए। इस मौके पर राज रानी, पूजारानी, सरोज, दुर्गा, कांता, कमलेश, गुरमीत सिंह, कौशल्या, वर्षा, कमला, रेनू सहित अन्य उपस्थित रहे।
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