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9 करोड़ से बदली जाएगी शहर में 60 साल पुरानी पेयजल लाइन
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जलघर में रखे पाइप
- फोटो : Sirsa
सिरसा। शहर को पानी की किल्लत से निजात दिलाने के लिए जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग ने योजना तैयार की है। जिसके अंतर्गत पौने 10 करोड़ की लागत से पूरे शहर में पानी की पाइप लाइन डाली जानी है। विभाग ने पाइप लाइन डालने का प्रपोजल व एस्टीमेट तैयार कर मुख्यालय को भेज दिया है। जिसके पास होते ही विभाग पाइप लाइन डालने का टेंडर डाल देगा।
शहर की अधिकांश कॉलोनियों के लोग पेयजल लाइनों की लीकेज और गंदे पानी की समस्या से परेशान है। शिकायतों की भरमार के बाद जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों ने प्रपोजल बनाकर भेजा है लेकिन अभी तक इसको स्वीकृति नहीं मिली है। शहर में करीब 50 से 60 साल पुरानी लोहे व सीमेंट की लेयर वाली डीआई की 4, 6 व 8 इंची पेयजल लाइनें डाली जानी है। ये पाइपें लोहे की होती है और अंदर सेे पाइपों में सीमेंट की लेयर बनाई हुई होती है। ताकि पाइपों क्षरण की आशंका कम हो। वहीं पुरानी पाइप लाइनों की जगह नई लाइनें डाले जाने के बाद अधिकांश शहर को लीकेज व गंदे पानी की समस्याओं से निजात मिलेगी और पेयजल आपूर्ति में भी सुधार आएगा। शहर की कई कॉलोनियों में करीब 60 साल पहले पेयजल लाइन डाली गई थी। इन लाइनों में पानी का अधिक प्रेशर होने पर कई जगह से फटने व लीकेज जैसी बड़ी समस्या बनी रहती है।
विभाग के पास सबसे ज्यादा शिकायतें पीने के पानी में सीवरेज के पानी मिक्स होने की शिकायतें है। प्रतिदिन 100 के करीब शिकायतें विभाग के पास दर्ज की जाती है। इन समस्याओं से लोगों को निजात दिलाने के लिए विभाग ने मुख्यालय को शहर में लाइन डालने का प्रपोजल तैयार किया गया है। विभाग का कहना है ये समस्या शहर में इसलिए आ रही है क्योंकि बहुत सी जगह ऐसी जहां पानी की पाइप लाइन डाले हुए 50 से 60 साल हो गए है। इस कारण से ये पाइप बार-बार लीक होते हैं। इसी समस्या को देखते हुए विभाग ने शहर में सर्वे कर लोगों की समस्या को जाना गया। उसके बाद अस्टीमेट बनाकर मुख्यालय को भेज दिया है।
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1. नई स्वीकृत कॉलोनियां
2. हिसार रोड पर नई बनी कॉलोनियों में
3. बार-बार लीकेज होने वाली पाइपें
4. बार-बार टूटने व कमजोर वाली पाइपें
5. 50 से 60 साल पुरानी पाइपों की जगह नई पाइप लाइन
6. जिन एरिया में पाइप लाइन छोटी है।
9.1 करोड़ रुपये का प्रपोजल बनाकर मुख्यालय को भेज दिया गया है। जिसके अंतर्गत पूरे शहर में पेयजल पाइप लाइनें डाली जानी है। विभाग के पास प्रतिदिन ऐसी समस्याएं आती है जिनमें पाइप लाइन लीकेज होने, पाइप लाइन पुराने होने की समस्या होती है। शहर में पुरानी की जगह नई पाइप लाइन डालने की बाद शहर को समस्याओं से राहत मिलेगी।
-आरके शर्मा, कार्यकारी अभियंता, जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग सिरसा।
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शहर की अधिकांश कॉलोनियों के लोग पेयजल लाइनों की लीकेज और गंदे पानी की समस्या से परेशान है। शिकायतों की भरमार के बाद जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों ने प्रपोजल बनाकर भेजा है लेकिन अभी तक इसको स्वीकृति नहीं मिली है। शहर में करीब 50 से 60 साल पुरानी लोहे व सीमेंट की लेयर वाली डीआई की 4, 6 व 8 इंची पेयजल लाइनें डाली जानी है। ये पाइपें लोहे की होती है और अंदर सेे पाइपों में सीमेंट की लेयर बनाई हुई होती है। ताकि पाइपों क्षरण की आशंका कम हो। वहीं पुरानी पाइप लाइनों की जगह नई लाइनें डाले जाने के बाद अधिकांश शहर को लीकेज व गंदे पानी की समस्याओं से निजात मिलेगी और पेयजल आपूर्ति में भी सुधार आएगा। शहर की कई कॉलोनियों में करीब 60 साल पहले पेयजल लाइन डाली गई थी। इन लाइनों में पानी का अधिक प्रेशर होने पर कई जगह से फटने व लीकेज जैसी बड़ी समस्या बनी रहती है।
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विभाग के पास सबसे ज्यादा शिकायतें पीने के पानी में सीवरेज के पानी मिक्स होने की शिकायतें है। प्रतिदिन 100 के करीब शिकायतें विभाग के पास दर्ज की जाती है। इन समस्याओं से लोगों को निजात दिलाने के लिए विभाग ने मुख्यालय को शहर में लाइन डालने का प्रपोजल तैयार किया गया है। विभाग का कहना है ये समस्या शहर में इसलिए आ रही है क्योंकि बहुत सी जगह ऐसी जहां पानी की पाइप लाइन डाले हुए 50 से 60 साल हो गए है। इस कारण से ये पाइप बार-बार लीक होते हैं। इसी समस्या को देखते हुए विभाग ने शहर में सर्वे कर लोगों की समस्या को जाना गया। उसके बाद अस्टीमेट बनाकर मुख्यालय को भेज दिया है।
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1. नई स्वीकृत कॉलोनियां
2. हिसार रोड पर नई बनी कॉलोनियों में
3. बार-बार लीकेज होने वाली पाइपें
4. बार-बार टूटने व कमजोर वाली पाइपें
5. 50 से 60 साल पुरानी पाइपों की जगह नई पाइप लाइन
6. जिन एरिया में पाइप लाइन छोटी है।
9.1 करोड़ रुपये का प्रपोजल बनाकर मुख्यालय को भेज दिया गया है। जिसके अंतर्गत पूरे शहर में पेयजल पाइप लाइनें डाली जानी है। विभाग के पास प्रतिदिन ऐसी समस्याएं आती है जिनमें पाइप लाइन लीकेज होने, पाइप लाइन पुराने होने की समस्या होती है। शहर में पुरानी की जगह नई पाइप लाइन डालने की बाद शहर को समस्याओं से राहत मिलेगी।
-आरके शर्मा, कार्यकारी अभियंता, जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग सिरसा।