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लाल डोरा मुक्त करने के लिए प्रशासन ने 6 ओर गांवों का किया चयन
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प्रशासन ने सिरसा के पांच गांवों को लाल डोरा मुक्त करने के लिए चयन किया था। इन गांवों में सर्वे आफ इंडिया की टीम ड्रोन से मेपिंग भी कर चुकी है लेकिन अब जिला प्रशासन ने 6 ओर गांवों को लाल डोरा मुक्त करने का फैसला लिया है। इसके लिए सरकार के पास नाम भेज दिए है। अब जिले में कुल 11 गांव लाल डोरा मुक्त होंगे।
सिरसा के 6 गांव शहीदांवाली, मीरपुर, अलानूर, मोहम्मदपुर सलार, कुसंबी, मोरीवाला गांवों को चयन लाल डोरा मुक्त करने के लिए किया गया है। अब इन गांवों के लोगों को लाल डोरे में आने वाली जमीन का मालिकाना हक मिल सकेंगा। प्रशासन ने सरकार के पास इन 6 गांवों के नाम भेज दिए है। जल्द ही इन गांवों में सर्वे आफ इंडिया की टीम ड्रोन से मेंपिंग करेगी तत्पश्चात दावे व आपत्तियां दर्ज करके लोगों को उस भूमि का मालिकाना हक मिलेगा।
पांच गांवों के लिए कमेटियों का किया गठन
पहले प्रशासन ने पांच गांव पनिहारी, मुसाहिबवाला, भरोखां, बुर्जकर्मगढ और फरवाई कलां को लाल डोरा मुक्त करने के लिए चयन किया था। इन गांवों में सर्वे आफ इंडिया की टीम ड्रोन से सर्वे भी कर चुकी है। लेकिन उस मेपिंग के आधार पर प्रॉपर्टी का मालिकाना हक देने, आपत्तियां दर्ज करने के लिए प्रशासन ने टीमों का गठन कर दिया है। इन पांच गांवों में गांव के सरपंच, ग्राम सचिव, नंबरदार, पटवारी, कानूनगो, भूतपूर्व सैनिक को कमेटी में शामिल किया गया है। यह कमेटी मेपिंग के आधार पर यह पहचान करेगी कि इस घर का मालिकाना हक किसे दिया जाए। उस जमीन का रिकार्ड भी तैयार करेगी। शुक्रवार को सीटीएम कार्यालय ने इन कमेटियों का गठन किया और सभी को निर्देश दिए गए है कि वे अपना काम जल्द से जल्द शुरू करें।
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ये है लाल डोरा : लाल डोरे को अंग्रेजों ने वर्ष 1908 में बनाया था। उस समय राजस्व रिकार्ड रखने के लिए खेतीबाड़ी की जमीन के साथ स्थित गांव की आबादी को अलग अलग दिखाने के मकसद से नक्शे पर आबादी के बाहर लाल लाइन खींची जाती थी। लाल डोरे के अंदर लोग कब्जे के मालिक होते हैं जिसे लाल डोरा बोला जाता है। लाल डोरा मुक्त होने के बाद लाल डोरे के अंदर जितने भी निवासी है, उन्हें मालिकाना हक दिया जाएगा लेकिन इससे पहले प्रशासन आपत्तियां भी दर्ज करेगा। जांच के बाद ही उसकी रजिस्ट्री होगी। लाल डेरा से मुक्त भूमि का ड्राफ्ट या नक्शा पंचायत में ग्राम सभा के समक्ष रखा जाएगा, जिसमें आपत्तियां दर्ज की जाएगी। लाल डोरा खत्म होने के बाद उस जमीन की खरीद फरोख्त हो सकेगी। राजस्व रिकार्ड में इंतकाल चढ़ेगा और कब्जाधारी को मालिकाना हक मिलेगा। घरों को नंबर अलॉट होंगे।
कमेटियों का गठन कर दिया गया और जल्द काम शुरू करने के आदेश दिए गए है। 6 नए गांवों को मिलाकर कुल 11 गांवों को लाल डोरा मुक्त किया जाएगा। -कुलभूषण बंसल, सीटीएम, सिरसा।
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सिरसा के 6 गांव शहीदांवाली, मीरपुर, अलानूर, मोहम्मदपुर सलार, कुसंबी, मोरीवाला गांवों को चयन लाल डोरा मुक्त करने के लिए किया गया है। अब इन गांवों के लोगों को लाल डोरे में आने वाली जमीन का मालिकाना हक मिल सकेंगा। प्रशासन ने सरकार के पास इन 6 गांवों के नाम भेज दिए है। जल्द ही इन गांवों में सर्वे आफ इंडिया की टीम ड्रोन से मेंपिंग करेगी तत्पश्चात दावे व आपत्तियां दर्ज करके लोगों को उस भूमि का मालिकाना हक मिलेगा।
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पांच गांवों के लिए कमेटियों का किया गठन
पहले प्रशासन ने पांच गांव पनिहारी, मुसाहिबवाला, भरोखां, बुर्जकर्मगढ और फरवाई कलां को लाल डोरा मुक्त करने के लिए चयन किया था। इन गांवों में सर्वे आफ इंडिया की टीम ड्रोन से सर्वे भी कर चुकी है। लेकिन उस मेपिंग के आधार पर प्रॉपर्टी का मालिकाना हक देने, आपत्तियां दर्ज करने के लिए प्रशासन ने टीमों का गठन कर दिया है। इन पांच गांवों में गांव के सरपंच, ग्राम सचिव, नंबरदार, पटवारी, कानूनगो, भूतपूर्व सैनिक को कमेटी में शामिल किया गया है। यह कमेटी मेपिंग के आधार पर यह पहचान करेगी कि इस घर का मालिकाना हक किसे दिया जाए। उस जमीन का रिकार्ड भी तैयार करेगी। शुक्रवार को सीटीएम कार्यालय ने इन कमेटियों का गठन किया और सभी को निर्देश दिए गए है कि वे अपना काम जल्द से जल्द शुरू करें।
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ये है लाल डोरा : लाल डोरे को अंग्रेजों ने वर्ष 1908 में बनाया था। उस समय राजस्व रिकार्ड रखने के लिए खेतीबाड़ी की जमीन के साथ स्थित गांव की आबादी को अलग अलग दिखाने के मकसद से नक्शे पर आबादी के बाहर लाल लाइन खींची जाती थी। लाल डोरे के अंदर लोग कब्जे के मालिक होते हैं जिसे लाल डोरा बोला जाता है। लाल डोरा मुक्त होने के बाद लाल डोरे के अंदर जितने भी निवासी है, उन्हें मालिकाना हक दिया जाएगा लेकिन इससे पहले प्रशासन आपत्तियां भी दर्ज करेगा। जांच के बाद ही उसकी रजिस्ट्री होगी। लाल डेरा से मुक्त भूमि का ड्राफ्ट या नक्शा पंचायत में ग्राम सभा के समक्ष रखा जाएगा, जिसमें आपत्तियां दर्ज की जाएगी। लाल डोरा खत्म होने के बाद उस जमीन की खरीद फरोख्त हो सकेगी। राजस्व रिकार्ड में इंतकाल चढ़ेगा और कब्जाधारी को मालिकाना हक मिलेगा। घरों को नंबर अलॉट होंगे।
कमेटियों का गठन कर दिया गया और जल्द काम शुरू करने के आदेश दिए गए है। 6 नए गांवों को मिलाकर कुल 11 गांवों को लाल डोरा मुक्त किया जाएगा। -कुलभूषण बंसल, सीटीएम, सिरसा।