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Sirsa News: मंडी से 55 फीसदी सरसों का उठान, किसानों को 79 करोड़ रुपये का हुआ भुगतान
Mon, 08 Apr 2024 11:54 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Mon, 08 Apr 2024 11:54 PM IST
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सिरसा मंडी में सरसों की खरीद करते आढ़ती।
सिरसा। जिले में मंडियों की सरसों की आवक तेजी पकड़ रही है। इधर तापमान बढ़ोतरी के साथ ही गेहूं की फसल भी 90 से 95 प्रतिशत तक लगभग पक चुकी है। वहीं सरसों की कटाई भी अंतिम चरण में है। राजस्थान से सटे इलाकों में सरसों की कटाई लगभग चुकी है। इसी कारण मंडियों में सरसों की आवक बढ़ गई है। वहीं सरकार की ओर से अभी तक खरीदी गई सरसों का किसानों को 79 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है।
बता दें कि तापमान बढ़ने के साथ ही सरसों में नमी भी खत्म हो रही है। ऐसे में मंडियों में भी एमएसपी पर भी सरसों की सरकारी खरीद बढ़ गई है। वहीं मंडी में भी उठान कार्य तेजी से किया जा रहा है। अधिकारियों की माने तो पिछले साल के मुकाबले अबकी बार सरसों की क्वालिटी अच्छी है। ऐसे में किसानों को फसल बेचने में परेशानी नहीं उठानी पड़ रही है। दूसरी ओर डबवाली में सोमवार को किसानों को सरकारी रेट पर सरसों बेचने में परेशानी का सामना करना पड़ा। मंडी में सरसों में नामी की बात कहकर खरीद नहीं होने पर किसानों ने नाराजगी जताई। जिसके बाद अधिकारियाें ने किसानों से बातचीत कर समस्या का समाधान किया।
जिले में सरसों का उठान
मंडियों में अब तक 37 हजार मीट्रिक टन सरसों मंडी में आ चुकी है। इसमें से 19 हजार मीट्रिक टन सरसों का उठान हो चुका है। यानि की 55 फीसदी के आसपास सरसों का उठान हो चुका है। इस बार मंडियों से उठान कार्य ट्रकों में किया जा रहा है। धान के समय ट्रैक्टर ट्रॉली का उपयोग उठान में करने पर ट्रक यूनियन ने विरोध जता हड़ताल कर दी थी। जिसके बाद इस साल ट्रैक्टर ट्रॉली का प्रयोग खरीद एजेंसियों ने उठान के लिए अभी तक नहीं किया है। उठान को लेकर ट्रकों में जीपीएस सिस्टम लगा गया है। पिछले वर्ष जीपीएस को लेकर कई दिक्कत आई थी। जिन्हें अबकी बार दुरुस्त किया गया है ताकि उठान की गई बोरियों के साथ कोई छेड़छाड़ न हो। वहीं सरकार के आदेशों के अनुसार 72 घंटों में किसान की फसल का उठान होने के बाद उनके खाते में पेमेंट की जा रही है। अभी तक 79 करोड़ रुपये का भुगतान किसानों को किया जा चुका है।
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हैफेड का लक्ष्य 45 हजार मीट्रिक टन खरीद का
अधिकारियों के अनुसार पिछले साल की तरह ही इस बार भी हैफेड को सरकारी खरीद की जिम्मेदारी दी गई है। हैफेड ने इस बार भी 45 हजार मीट्रिक टन का टारगेट रखा है। जबकि अब तक 37 हजार मीट्रिक टन सरसों की खरीद हो चुकी है। हैफेड का टारगेट पूरा होने के साथ ही राज्यस्तरीय खरीद एजेंसी खरीद शुरू कर देगी। वहीं वेयर हाउस कारपोरेशन भी खरीद शुरू कर देगा। प्रति किसान एक दिन में आठ एकड़ की 25 क्विंटल सरसों की खरीद की जा रही है। जिसमें सारी खरीद टोकन के हिसाब से की जाएगी। वहीं मंडी में बारदाने के स्टॉक पूरा है। मंडी में गेहूं और सरसों की सरकारी खरीद के दौरान फसल उठान के लिए 25 हजार गांठों का स्टॉक है।
नियमानुसार सरसों की खरीद जारी है। खरीद को लेकर कोई परेशान नहीं होने दी जाएगी। अब तक 79 करोड़ रुपये की पेमेंट किसानों की जा चुकी है।
-मांगेराम, जिला प्रबंधक, हैफेड सिरसा
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बता दें कि तापमान बढ़ने के साथ ही सरसों में नमी भी खत्म हो रही है। ऐसे में मंडियों में भी एमएसपी पर भी सरसों की सरकारी खरीद बढ़ गई है। वहीं मंडी में भी उठान कार्य तेजी से किया जा रहा है। अधिकारियों की माने तो पिछले साल के मुकाबले अबकी बार सरसों की क्वालिटी अच्छी है। ऐसे में किसानों को फसल बेचने में परेशानी नहीं उठानी पड़ रही है। दूसरी ओर डबवाली में सोमवार को किसानों को सरकारी रेट पर सरसों बेचने में परेशानी का सामना करना पड़ा। मंडी में सरसों में नामी की बात कहकर खरीद नहीं होने पर किसानों ने नाराजगी जताई। जिसके बाद अधिकारियाें ने किसानों से बातचीत कर समस्या का समाधान किया।
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जिले में सरसों का उठान
मंडियों में अब तक 37 हजार मीट्रिक टन सरसों मंडी में आ चुकी है। इसमें से 19 हजार मीट्रिक टन सरसों का उठान हो चुका है। यानि की 55 फीसदी के आसपास सरसों का उठान हो चुका है। इस बार मंडियों से उठान कार्य ट्रकों में किया जा रहा है। धान के समय ट्रैक्टर ट्रॉली का उपयोग उठान में करने पर ट्रक यूनियन ने विरोध जता हड़ताल कर दी थी। जिसके बाद इस साल ट्रैक्टर ट्रॉली का प्रयोग खरीद एजेंसियों ने उठान के लिए अभी तक नहीं किया है। उठान को लेकर ट्रकों में जीपीएस सिस्टम लगा गया है। पिछले वर्ष जीपीएस को लेकर कई दिक्कत आई थी। जिन्हें अबकी बार दुरुस्त किया गया है ताकि उठान की गई बोरियों के साथ कोई छेड़छाड़ न हो। वहीं सरकार के आदेशों के अनुसार 72 घंटों में किसान की फसल का उठान होने के बाद उनके खाते में पेमेंट की जा रही है। अभी तक 79 करोड़ रुपये का भुगतान किसानों को किया जा चुका है।
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हैफेड का लक्ष्य 45 हजार मीट्रिक टन खरीद का
अधिकारियों के अनुसार पिछले साल की तरह ही इस बार भी हैफेड को सरकारी खरीद की जिम्मेदारी दी गई है। हैफेड ने इस बार भी 45 हजार मीट्रिक टन का टारगेट रखा है। जबकि अब तक 37 हजार मीट्रिक टन सरसों की खरीद हो चुकी है। हैफेड का टारगेट पूरा होने के साथ ही राज्यस्तरीय खरीद एजेंसी खरीद शुरू कर देगी। वहीं वेयर हाउस कारपोरेशन भी खरीद शुरू कर देगा। प्रति किसान एक दिन में आठ एकड़ की 25 क्विंटल सरसों की खरीद की जा रही है। जिसमें सारी खरीद टोकन के हिसाब से की जाएगी। वहीं मंडी में बारदाने के स्टॉक पूरा है। मंडी में गेहूं और सरसों की सरकारी खरीद के दौरान फसल उठान के लिए 25 हजार गांठों का स्टॉक है।
नियमानुसार सरसों की खरीद जारी है। खरीद को लेकर कोई परेशान नहीं होने दी जाएगी। अब तक 79 करोड़ रुपये की पेमेंट किसानों की जा चुकी है।
-मांगेराम, जिला प्रबंधक, हैफेड सिरसा