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मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि से बातचीत के बाद 22वें दिन किसानों का धरना समाप्त
Updated Wed, 14 Mar 2018 02:04 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा।
अखिल भारतीय स्वामीनाथन संघर्ष समिति का लघु सचिवालय में चल रहा धरना मंगलवार 22वें दिन सरकार के प्रतिनिधिमंडल से बातचीत के बाद समाप्त कर दिया गया। मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि के तौर पर मंगलवार को किसानों की महापंचायत में बीजेपी नेता आदित्य चौटाला पहुंचे।
उन्होंने महापंचायत में जिले भर से आए किसानों से कहा कि सिरसा के किसानों की मांगों को लेकर नौ मार्च को वे मुख्यमंत्री मनोहर लाल से मिले थे। मुख्यमंत्री ने मांगों को मानते हुए सभी मंडियों में सरसों की खरीद 15 मार्च से शुरू करवाई जाएगी। सिरसा के किसानों का 2017 की खरीफ की फसल का बीमा क्लेम किसानों के खाते में डालने के आदेश सीएम ने जारी किए हैं। इसके बाद महापंचायत को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय स्वामी नाथन संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष विकल पचार ने कहा कि सिरसा के किसानों की एक जुटता और हकों के लिए लडने के झुझारू पन्न ने सिरसा के किसानों को चौथी बड़ी जीत दिलाई। सिरसा के करीब 231 गांवों के बीमा क्लेम दिलवाया और सरकार को 15 अप्रैल से दूध के दाम बढ़ाने के लिए मजबूर किया।
किसान नेता प्रकाश ममेरा ने किसानों से कहा कि किसान आज पूरी तरह से अपने हकों की लड़ाई लड़ने के लिए जाग चुका है। अपने हकों की अनदेखी कतई सहन नहीं की जाएगी। किसान नेता जगदीश रूपावास ने कहा कि कुछ किसान अब भी गांवों में बैठे सीधे साधे किसान हैं, जो अपने हकों के प्रति सचेत नहीं। इसी वजह से कुछ लोग भोलेपन का फायदा उठा कर लूट रहे हैं। उन्होंने महापंचायत में आए किसानों से आह्वान किया कि गांवों में किसानों को अपने हकों के प्रति जागरूक करें। महापंचायत में आदित्य चौटाला और रामचंद्र गेदर ने अनशन पर बैठे चारों किसानों को जूस पिलाकर धरना खत्म करवाया। किसानों ने आदित्य चौटाला का किसानों की बात सरकार तक पहुंचाकर मनवाकर लाने के लिए आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर राम सिंह बराला, सुलतान हुड्डा, भूप सिंह ओलख, अमर सिंह नंबरदार, वेदपाल, विकास तेतरवाल, श्रवण डूडी, रामजी लाल, सुरेंद्र, अजीत कस्वां, राजेश, हरफूल, राम प्रताप, विकास बरासरी, अनिल बैनीवाल, सुरेंद्र, दरिया सिंह, प्रदीप, राजेश कस्वां, राजा गोदारा, धन्नाराम सहित सैकड़ों किसान मौजूद रहे।
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सिरसा।
अखिल भारतीय स्वामीनाथन संघर्ष समिति का लघु सचिवालय में चल रहा धरना मंगलवार 22वें दिन सरकार के प्रतिनिधिमंडल से बातचीत के बाद समाप्त कर दिया गया। मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि के तौर पर मंगलवार को किसानों की महापंचायत में बीजेपी नेता आदित्य चौटाला पहुंचे।
उन्होंने महापंचायत में जिले भर से आए किसानों से कहा कि सिरसा के किसानों की मांगों को लेकर नौ मार्च को वे मुख्यमंत्री मनोहर लाल से मिले थे। मुख्यमंत्री ने मांगों को मानते हुए सभी मंडियों में सरसों की खरीद 15 मार्च से शुरू करवाई जाएगी। सिरसा के किसानों का 2017 की खरीफ की फसल का बीमा क्लेम किसानों के खाते में डालने के आदेश सीएम ने जारी किए हैं। इसके बाद महापंचायत को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय स्वामी नाथन संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष विकल पचार ने कहा कि सिरसा के किसानों की एक जुटता और हकों के लिए लडने के झुझारू पन्न ने सिरसा के किसानों को चौथी बड़ी जीत दिलाई। सिरसा के करीब 231 गांवों के बीमा क्लेम दिलवाया और सरकार को 15 अप्रैल से दूध के दाम बढ़ाने के लिए मजबूर किया।
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किसान नेता प्रकाश ममेरा ने किसानों से कहा कि किसान आज पूरी तरह से अपने हकों की लड़ाई लड़ने के लिए जाग चुका है। अपने हकों की अनदेखी कतई सहन नहीं की जाएगी। किसान नेता जगदीश रूपावास ने कहा कि कुछ किसान अब भी गांवों में बैठे सीधे साधे किसान हैं, जो अपने हकों के प्रति सचेत नहीं। इसी वजह से कुछ लोग भोलेपन का फायदा उठा कर लूट रहे हैं। उन्होंने महापंचायत में आए किसानों से आह्वान किया कि गांवों में किसानों को अपने हकों के प्रति जागरूक करें। महापंचायत में आदित्य चौटाला और रामचंद्र गेदर ने अनशन पर बैठे चारों किसानों को जूस पिलाकर धरना खत्म करवाया। किसानों ने आदित्य चौटाला का किसानों की बात सरकार तक पहुंचाकर मनवाकर लाने के लिए आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर राम सिंह बराला, सुलतान हुड्डा, भूप सिंह ओलख, अमर सिंह नंबरदार, वेदपाल, विकास तेतरवाल, श्रवण डूडी, रामजी लाल, सुरेंद्र, अजीत कस्वां, राजेश, हरफूल, राम प्रताप, विकास बरासरी, अनिल बैनीवाल, सुरेंद्र, दरिया सिंह, प्रदीप, राजेश कस्वां, राजा गोदारा, धन्नाराम सहित सैकड़ों किसान मौजूद रहे।
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