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किसानों ने फूंका एमपी के सीएम का पुतला
Updated Thu, 15 Jun 2017 12:22 AM IST
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किसानों ने फूंका एमपी के सीएम का पुतला
तीसरे दिन भी जारी रहा धरना, राजीव गांधी पंचायती राज संगठन ने दिया समर्थन
अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा।
अखिल भारतीय स्वामीनाथन संघर्ष समिति के बैनर तले लघु सचिवालय में चल रहा किसानों का अनिश्चितकालीन धरना बुधवार तीसरे दिन भी जारी रहा। किसानों ने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का पुतला फूंका और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। धरने को राजीव गांधी पंचायती राज संगठन ने समर्थन दिया। संगठन के प्रदेशाध्यक्ष सुनील पंवार ने कहा कि किसानों की इस लड़ाई में राजीव गांधी संगठन पूरा साथ देगा।
धरने की अध्यक्षता करते हुए विकल पचार ने कहा कि आजादी के 70 वर्ष बाद भी किसान अपनी आजादी के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं। यदि सरकार ने किसानों की मांगें नहीं मानी तो यह आंदोलन क्रांति का रूप ले लेगा। किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष प्रकाश ममेरा ने कहा कि अगर सरकार स्वामीनाथन रिपोर्ट की सिफारिशों को लागू नहीं करती तो किसान धीरे-धीरे खेती करना छोड़ देंगे। किसान नेता रणधीर जोधकां ने कहा कि सरकार ने पशु मेलों पर रोक लगाकर किसानों पर दोहरी मार मारने का काम किया है। इस मौके पर राजकुमार शेखुपुरिया, गुरटेक सिंह, ओपी सुथार, ख्यालीराम, साहबराम नेहरा, कृष्ण ढाका, जगदीश रूपावास, विकास बरासरी, महावीर, भूप सिंह,हरि सिंह, विकास तेतरवाल, सुरेन्द्र मूंड, बृजलाल बाजिया, दलीप रायपुर, प्रदीप बाजिया, भीम कुतियाना मौजूद थे।
धरना स्थल पर मोबाइल टॉयलेट की व्यवस्था हो
लघु सचिवालय में धरनारत किसान खुले में लघुशंका करने को मजबूर हैं। किसान नेता विकल पचार का कहना है कि प्रशासन एक तरफ खुले में शौचमुक्त सिरसा का दम भरता है, वहीं लघु सचिवालय में प्रशासन की तरफ से सार्वजनिक मोबाइल टॉयलेट की कोई व्यवस्था नहीं है। लघु सचिवालय में महीने पर विभिन्न संगठनों के धरने चलते रहते है, ऐसे में कोई शौचालय की व्यवस्था नहीं होने पर धरनारत लोगोें को खुले में पेशाब करने को मजबूर होना पड़ता है। उन्होंने कहा कि धरने पर ग्रामीण महिलाएं भी आएंगी। शौचालय की कोई व्यवस्था नहीं होने के चलते सबसे ज्यादा दिक्कत महिला प्रदर्शनकारियों को होगी। जिला प्रशासन को इस तरफ ध्यान देना जरूरी है।
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आज क्रेंदीय कृषि मंत्री का पुतला फूंकेंगे
किसान वीरवार को केेंद्रीय कृषी मंत्री का पुतला फूंकेंगे। किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष प्रकाश ममेरा का कहना है कि जिलेभर में किसानों से संपर्क साधा जा रहा है। वीरवार सुबह सैंकड़ों की संख्या में किसान धरनास्थल पर पहुंचेंगे। इसके बाद डीसी ऑफिस के समक्ष केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन करके कृषि मंत्री का पुतला फूंका जाएगा। धरने को हररोज विभिन्न संगठनों का समर्थन मिल रहा है। जल्द ही 24 घंटे धरना शुरू किया जाएगा। ताकि केंद्र व प्रदेश की गूंगी बहरी सरकार किसानों के हितों के प्रति जाग जाए। अगर ऐसा नहीं होता तो देशभर का किसान सरकार की ईंट से ईंट बजा देगा।
21 को पूर्व सीएम हुड्डा आएंगे समर्थन देने
किसान आंदोलन को पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने अपना समर्थन दिया है। ऐसे में बुधवार को अखिल भारतीय स्वामीनाथन संघर्ष समिति के प्रदेशाध्यक्ष विकल पचार ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा से मोबाइल पर संपर्क किया। विकल पचार ने बताया कि पूर्व सीएम ने सिरसा में जारी किसानों के धरने को अपना समर्थन देते हुए कहा कि वे 21 जून को सिरसा में धरनास्थल पर आकर खुला समर्थन देेेंगे। हुड्डा ने उन्हें कहा कि बीजेपी सरकार किसानों का कभी भी भला नहीं कर सकती। उन्होंने कहा कि इनेलो केवल किसान हितैषी होने का ड्रामा करती है।
राबड़ी से हो रहा है किसानों का बचाव
धरने पर बैठे किसानों का गर्मी और उमस से दो दिन तक बुरा हाल रहा और दो किसानों की हालत बिगड़ गई। गर्मी से बचाव करने के लिए अब धरनास्थल पर ग्रामीण क्षेत्रों से काफी मात्रा में राबड़ी पहुुंचाई जा रही है। राबड़ी पीने से किसान गर्मी से लड़ रहे हैं। बुधवार को राबड़ी व लस्सी लाई गई। धरनारत किसानों ने बताया कि राबड़ी पीने से उन्हें काफी राहत मिलती है। इससे लू व डायरिया नहीं होता और शरीर में ऊर्जा बनी रहती है। इसी के बल पर कड़ी धूप में सुबह से लेकर शाम तक धरने पर बैठा रहा जा सकता है।
तीसरे दिन भी जारी रहा धरना, राजीव गांधी पंचायती राज संगठन ने दिया समर्थन
अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा।
अखिल भारतीय स्वामीनाथन संघर्ष समिति के बैनर तले लघु सचिवालय में चल रहा किसानों का अनिश्चितकालीन धरना बुधवार तीसरे दिन भी जारी रहा। किसानों ने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का पुतला फूंका और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। धरने को राजीव गांधी पंचायती राज संगठन ने समर्थन दिया। संगठन के प्रदेशाध्यक्ष सुनील पंवार ने कहा कि किसानों की इस लड़ाई में राजीव गांधी संगठन पूरा साथ देगा।
धरने की अध्यक्षता करते हुए विकल पचार ने कहा कि आजादी के 70 वर्ष बाद भी किसान अपनी आजादी के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं। यदि सरकार ने किसानों की मांगें नहीं मानी तो यह आंदोलन क्रांति का रूप ले लेगा। किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष प्रकाश ममेरा ने कहा कि अगर सरकार स्वामीनाथन रिपोर्ट की सिफारिशों को लागू नहीं करती तो किसान धीरे-धीरे खेती करना छोड़ देंगे। किसान नेता रणधीर जोधकां ने कहा कि सरकार ने पशु मेलों पर रोक लगाकर किसानों पर दोहरी मार मारने का काम किया है। इस मौके पर राजकुमार शेखुपुरिया, गुरटेक सिंह, ओपी सुथार, ख्यालीराम, साहबराम नेहरा, कृष्ण ढाका, जगदीश रूपावास, विकास बरासरी, महावीर, भूप सिंह,हरि सिंह, विकास तेतरवाल, सुरेन्द्र मूंड, बृजलाल बाजिया, दलीप रायपुर, प्रदीप बाजिया, भीम कुतियाना मौजूद थे।
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धरना स्थल पर मोबाइल टॉयलेट की व्यवस्था हो
लघु सचिवालय में धरनारत किसान खुले में लघुशंका करने को मजबूर हैं। किसान नेता विकल पचार का कहना है कि प्रशासन एक तरफ खुले में शौचमुक्त सिरसा का दम भरता है, वहीं लघु सचिवालय में प्रशासन की तरफ से सार्वजनिक मोबाइल टॉयलेट की कोई व्यवस्था नहीं है। लघु सचिवालय में महीने पर विभिन्न संगठनों के धरने चलते रहते है, ऐसे में कोई शौचालय की व्यवस्था नहीं होने पर धरनारत लोगोें को खुले में पेशाब करने को मजबूर होना पड़ता है। उन्होंने कहा कि धरने पर ग्रामीण महिलाएं भी आएंगी। शौचालय की कोई व्यवस्था नहीं होने के चलते सबसे ज्यादा दिक्कत महिला प्रदर्शनकारियों को होगी। जिला प्रशासन को इस तरफ ध्यान देना जरूरी है।
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आज क्रेंदीय कृषि मंत्री का पुतला फूंकेंगे
किसान वीरवार को केेंद्रीय कृषी मंत्री का पुतला फूंकेंगे। किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष प्रकाश ममेरा का कहना है कि जिलेभर में किसानों से संपर्क साधा जा रहा है। वीरवार सुबह सैंकड़ों की संख्या में किसान धरनास्थल पर पहुंचेंगे। इसके बाद डीसी ऑफिस के समक्ष केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन करके कृषि मंत्री का पुतला फूंका जाएगा। धरने को हररोज विभिन्न संगठनों का समर्थन मिल रहा है। जल्द ही 24 घंटे धरना शुरू किया जाएगा। ताकि केंद्र व प्रदेश की गूंगी बहरी सरकार किसानों के हितों के प्रति जाग जाए। अगर ऐसा नहीं होता तो देशभर का किसान सरकार की ईंट से ईंट बजा देगा।
21 को पूर्व सीएम हुड्डा आएंगे समर्थन देने
किसान आंदोलन को पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने अपना समर्थन दिया है। ऐसे में बुधवार को अखिल भारतीय स्वामीनाथन संघर्ष समिति के प्रदेशाध्यक्ष विकल पचार ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा से मोबाइल पर संपर्क किया। विकल पचार ने बताया कि पूर्व सीएम ने सिरसा में जारी किसानों के धरने को अपना समर्थन देते हुए कहा कि वे 21 जून को सिरसा में धरनास्थल पर आकर खुला समर्थन देेेंगे। हुड्डा ने उन्हें कहा कि बीजेपी सरकार किसानों का कभी भी भला नहीं कर सकती। उन्होंने कहा कि इनेलो केवल किसान हितैषी होने का ड्रामा करती है।
राबड़ी से हो रहा है किसानों का बचाव
धरने पर बैठे किसानों का गर्मी और उमस से दो दिन तक बुरा हाल रहा और दो किसानों की हालत बिगड़ गई। गर्मी से बचाव करने के लिए अब धरनास्थल पर ग्रामीण क्षेत्रों से काफी मात्रा में राबड़ी पहुुंचाई जा रही है। राबड़ी पीने से किसान गर्मी से लड़ रहे हैं। बुधवार को राबड़ी व लस्सी लाई गई। धरनारत किसानों ने बताया कि राबड़ी पीने से उन्हें काफी राहत मिलती है। इससे लू व डायरिया नहीं होता और शरीर में ऊर्जा बनी रहती है। इसी के बल पर कड़ी धूप में सुबह से लेकर शाम तक धरने पर बैठा रहा जा सकता है।