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सीडीएलयू के अनुबंधित सहायक प्रोफेसरों को नहीं मिला तीन माह से वेतन
Updated Mon, 24 Sep 2018 02:08 AM IST
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अनुबंधित सहायक प्रोफेसरों को नहीं मिला तीन माह से वेतन
सिरसा। चौ. देवीलाल विश्वविद्यालय में नियुक्त बतौर अनुबंधित सहायक प्रोफेसरों को पिछले तीन माह से वेतन नहीं मिला है। जिसके कारण प्रोफेसरों को आर्थिक व मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विश्वविद्यालय में करीब 110 अनुबंधित सहायक प्रोफेसर नियुक्त हैं। सहायक प्रोफेसरों को वेतन मिलने की कोई निर्धारित तिथि नहीं है। हालांकि रजिस्ट्रार द्वारा वर्ष 2014 के बाद निश्चित तिथि को वेतन देने को लेकर कई बार कमेटी का गठन भी किया गया। लेकिन सिवाय आश्वासनों के कुछ नहीं मिला। विवि के उदासीन रवैये के कारण कई सहायक प्रोफेसर विवि को छोड़कर अन्य शैक्षणिक संस्थानों में पलायन कर चुके हैं। वेतन न मिलने से नाराज अनुबंधित सहायक प्रोफेसरों ने शीघ्र वेतन देने की मांग की है।
जानकारी के अनुसार सहायक प्रोफेसरों को एक गेस्ट जेबीटी टीचर से भी कम वेतन मिलता है। जबकि गेस्ट पीजीटी टीचर को 38 हजार रुपए मासिक वेतन मिलता है। प्रदेश के अन्य विश्वविद्यालयों में अनुबंधित सहायक प्रोफेसरों को निश्चित तिथि को वेतन मिलता है। कई प्रोफेसर के कई परिवार तो इसी नौकरी पर निर्भर हैं। वेतन न मिलने के कारण उनके परिवार का गुजारा मुश्किल हो गया है। यही नहीं सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के तहत समान काम समान वेतन की भी विवि प्रशासन द्वारा अवमानना की जा रही है। वतर्मान में प्रोफेसरों को आकस्मिक अवकाश 10 दिन का वार्षिक मिलता है। जिसे बढ़ाकर 20 दिन किया जाना चाहिए।
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सिरसा। चौ. देवीलाल विश्वविद्यालय में नियुक्त बतौर अनुबंधित सहायक प्रोफेसरों को पिछले तीन माह से वेतन नहीं मिला है। जिसके कारण प्रोफेसरों को आर्थिक व मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विश्वविद्यालय में करीब 110 अनुबंधित सहायक प्रोफेसर नियुक्त हैं। सहायक प्रोफेसरों को वेतन मिलने की कोई निर्धारित तिथि नहीं है। हालांकि रजिस्ट्रार द्वारा वर्ष 2014 के बाद निश्चित तिथि को वेतन देने को लेकर कई बार कमेटी का गठन भी किया गया। लेकिन सिवाय आश्वासनों के कुछ नहीं मिला। विवि के उदासीन रवैये के कारण कई सहायक प्रोफेसर विवि को छोड़कर अन्य शैक्षणिक संस्थानों में पलायन कर चुके हैं। वेतन न मिलने से नाराज अनुबंधित सहायक प्रोफेसरों ने शीघ्र वेतन देने की मांग की है।
जानकारी के अनुसार सहायक प्रोफेसरों को एक गेस्ट जेबीटी टीचर से भी कम वेतन मिलता है। जबकि गेस्ट पीजीटी टीचर को 38 हजार रुपए मासिक वेतन मिलता है। प्रदेश के अन्य विश्वविद्यालयों में अनुबंधित सहायक प्रोफेसरों को निश्चित तिथि को वेतन मिलता है। कई प्रोफेसर के कई परिवार तो इसी नौकरी पर निर्भर हैं। वेतन न मिलने के कारण उनके परिवार का गुजारा मुश्किल हो गया है। यही नहीं सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के तहत समान काम समान वेतन की भी विवि प्रशासन द्वारा अवमानना की जा रही है। वतर्मान में प्रोफेसरों को आकस्मिक अवकाश 10 दिन का वार्षिक मिलता है। जिसे बढ़ाकर 20 दिन किया जाना चाहिए।
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