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प्रोफेसर के साथ मीटिंग में परीक्षा नियंत्रक की बेटी को मुफ्त शिक्षा उपलब्ध करवाने पर हुई चर्चा, कार्यकारी परिषद की बैठक में होगा

Tue, 10 Jul 2018 02:00 AM IST
Updated Tue, 10 Jul 2018 02:00 AM IST
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प्रोफेसर के साथ मीटिंग में परीक्षा नियंत्रक की बेटी को मुफ्त शिक्षा उपलब्ध करवाने पर हुई चर्चा, कार्यकारी परिषद की बैठक में होगा
परीक्षा नियंत्रक के सुसाइड के पांच दिनों बाद पुलिस ने हार्ड डिस्क कब्जे में ली
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वीसी ने परीक्षा नियंत्रक का अतिरिक्त चार्ज रजिस्ट्रार को सौंपा
सिरसा। सीडीएलयू में सोमवार को भी नॉन टीचिंग ने प्रशासनिक कामकाज शुरू नहीं किया। नाराज प्रोफेसर परीक्षा नियंत्रक प्रवीण अगमकर के सुसाइड मामले की जांच सीबीआई और वीसी को हटाने की मांग को लेकर एडम ब्लॉक में नॉन टीचिंग कर्मचारियों के साथ बैठे रहे। वहीं पुलिस ने वीसी कार्यालय से सीसीटीवी रिकार्ड अपने कब्जे में लिया। धरने पर इनेलो नेता दिग्विजय चौटाला भी पहुंचे। उन्होंने सरकार ने इसकी सीबीआई जांच की मांग और ये मामला विधानसभा और लोकसभा में उठाने की बात कही। धरनास्थल पर भाजपा जिला प्रधान यतिंद्र सिंह, मार्केट कमेटी चेयरमैन शीशपाल कंबोज, देवकुमार शर्मा, वेद बैनीवाल भी शोक जताने पहुंचे। वहीं किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए पुलिस फोर्स भी विश्वविद्यालय में तैनात की गई और वीसी कोठी पर भी सुरक्षा कर्मचारी तैनात किए गए।
सीडीएलयू में सोमवार को डीएसपी रविंद्र तोमर के नेतृत्व में भारी पुलिस बल विश्वविद्यालय पहुंचा। प्रोफेसर एसके गहलावत के साथ डीएसपी ने बात की। एसके गहलावत ने कहा कि पुलिस ने घटना के पांच दिनों बाद भी सीसीटीवी फुटेज बरामद नहीं की। फुटेज के साथ छेड़छाड़ हो सकती है। इस पर डीएसपी ने साइबर एक्सपर्ट को बुलाया। डीएसपी के नेतृत्व में वीसी कार्यालय में दाखिल हुई। लेकिन कुछ समय बाद टीम वापस लौट आई, क्योंकि उनके पास वीसी कार्यालय से सीसीटीवी फुटेज और अन्य रिकार्ड अपनी कब्जे में लेने की लिखित में अनुमति नहीं थी। लिखित अनुमति मिलने के बाद पुलिस दोबारा से वीसी कार्यालय में आई। इसके बाद ईडीपी सैल की टीम ने पुलिस के साथ करीब एक घंटे तक सीसीटीवी फुटेज और डीवीआर को अपने कब्जे में लिया। करीब तीन बजे पुलिस टीम और ईडीपी सैल की टीम वीसी कैंप पर गई और रिकार्ड अपने कब्जे में लेने की पुष्टि की और कागजी कार्रवाई पूरी की।
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वीसी ने 12 बजे प्रोफेसर की मीटिंग में रजिस्ट्रार को परीक्षा नियंत्रक का चार्ज सौंपा
वहीं वीसी विजय कायत ने सोमवार को अपने कैंप ऑफिस से ही सीडीएलयू का कामकाज देखा। उन्होंने विश्वविद्यालय के करीब 20 प्रोफेसर की मीटिंग ली और पूरे घटनाक्रम पर चर्चा की। प्राध्यापकों ने कहा कि वे सरकार से निष्पक्ष जांच के लिए अनुरोध करें। चाहे सरकार सीबीआई से जांच करवाए या अन्य एजेंसी से। तब वीसी ने मौके पर सीएम के नाम का पत्र लिखकर उसमें पूरे सुसाइड प्रकरण की उचित जांच करवाने का अनुरोध किया। साथ ही फैसला लिया कि परीक्षा नियंत्रक का अतिरिक्त चार्ज रजिस्ट्रार प्रोफेसर असीम मिगलानी को दिया गया। हालांकि रजिस्ट्रार से कुछ दिनों पहले वीसी ने 2004 में मिली पचास हजार रुपये की परचेचिंग पावर और वित्तीय शक्तियां वापस ले ली थी। जिसे लेकर दोनों के रिश्तों में कड़वाहट आ गई। जबकि फिजिक्स विभाग का चेयरपर्सन प्रोफेसर सुशील कुमार को बनाया गया। बैठक में रजिस्ट्रार असीम मिगलानी नहीं आए थे। तब उनसे फोन पर पूछा गया कि वे क्यों नहीं आए तो उन्होंने लीव एप्लीकेशन का हवाला देते हुए तबीयत खराब होने की बात कही। हालांकि वीसी ने उनकी छुट्टी स्वीकृति पर हामी नहीं भरी। बैठक में प्राध्यापकों ने प्रोफेसर प्रवीण अगमकर की बेटी ईवा को विश्वविद्यालय बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत ही गोद लेने और हायर एजुकेशन तक शिक्षा मुफ्त उपलब्ध करवाने, उनके परिवार को अधिक समय तक सरकारी आवास में रहने की सुविधा देने का प्रस्ताव रखा। जिस पर सभी ने सहमति जताई। अब ये दोनों मुद्दे कार्यकारी परिषद की बैठक में रखे जाएंगे और यदि वहां पर पास होते ही इन पर मुहर लग जाएंगी। शाम को विश्वविद्यालय के ऑडिटोरियम में प्रो. प्रवीन अगमकर को श्रद्धांजलि दी गई।
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वीसी ने कहा कि नहीं स्वीकार हुए 15 प्राध्यापकों के अतिरिक्त चार्ज छोड़ने के इस्तीफे
चार जुलाई को सीडीएलयू के 15 प्राध्यापकों ने अपना अतिरिक्त चार्ज छोड़ने के हस्ताक्षरयुक्त ई मेल राज्यपाल को भेज दिए। लेकिन वीसी ने उनके इस्तीफे पर कहा कि उन्हें वाइस चांसलर ने ही अतिरिक्त चार्ज अलॉट किया है। इसलिए इस्तीफे भी उन्हीं के पास ही आने चाहिए। गवर्नर हाउस में इस्तीफे भेजने का कोई औचित्य नहीं। यह वीसी की पावर है कि व किसी का इस्तीफा स्वीकार करें या ना करें। इसलिए किसी का भी इस्तीफा स्वीकार नहीं किया गया।
पटियाला से माइग्रेशन लेने आई सुखमन भी हुई परेशान
नॉन टीचिंग की हड़ताल के कारण विद्यार्थियों की परेशानियां बढ़नी शुरू हो गई। पटियाला से सोमवार को सुखमन अपनी महिला रिश्तेदार के साथ माइग्रेशन सर्टिफिकेट लेने आई। लेकिन जब वह एडम ब्लॉक पहुंची तो उसे पता चला कि हड़ताल के कारण अब उसे माइग्रेशन सर्टिफिकेट नहीं मिलेगा। नॉन टीचिंग कर्मचारियों ने कहा कि हड़ताल के कारण उनका काम नहीं होगा। सुखमन ने कहा कि वह बी कॉम में शाह सतनाम गर्ल्स कॉलेज से पास आउट हुई है। उसने अब पटियाला विश्वविद्यालय में दाखिला लेना है, उसे 13 जुलाई तक हर हालत में माइग्रेशन सर्टिफिकेट चाहिए। लेकिन हड़ताल के चलते उसे माइग्रेशन सर्टिफिकेट नहीं मिला।

पुलिस टीम ने सीसीटीवी रिकार्ड बरामद कर लिया है। जल्द ही सीसीटीवी फुटेज खंगाली जाएगी।
रविंद्र तोमर, डीएसपी, सिरसा।

पुलिस को सीसीटीवी रिकार्ड उपलब्ध करवा दिया गया है। रजिस्ट्रार को परीक्षा नियंत्रक का और प्रोफेसर सुशील कुमार को सीनियोरिटी के तहत अतिरिक्त चार्ज दिया गया है। ताकि रिजल्ट का काम प्रभावित न हो। यह चार्ज टेंपरेरी होगा। परीक्षा नियंत्रक की बेटी की हायर एजुकेशन तक शिक्षा का खर्च उठाने और कुछ अन्य मुद्दे नियमानुसार कार्यकारी परिषद में रखे जाएंगे और नियमानुसार ही फैसला लिया जाएगा।

विजय कायत, वीसी, सीडीएलयू।

मेरी तबीयत खराब होने कने कारण मैं मीटिंग में नहीं गया। मुझे नहीं पता कि मुझे परीक्षा नियंत्रक का अतिरिक्त चार्ज दिया गया है। मंगलवार को ऑफिस जाऊंगा, तभी कुछ बता पाऊंगा।
प्रोफेसर असीम मिगलानी, रजिस्टार। सीडीएलयू।
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