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Sirsa News: ढाबा गांव में डाका डालने वाले 4 अभियुक्त दोषी करार
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सिरसा। गांव ढाबा में 10 साल पहले हुई डकैती के मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय ने 4 आरोपियों को दोषी करार दिया है। दोषियों को बुधवार को सजा सुनाई जाएगी। पांचवे आरोपी रवि कुमार को न्यायालय ने भगोड़ा घोषित किया है। इस मामले में थाना बड़ागुढ़ा पुलिस ने अगस्त 2012 में केस दर्ज किया था।
मामले के अनुसार गांव ढाबा निवासी हिंदराज 11 अगस्त 2012 को अपनी पत्नी रामप्यारी और बेटे कुणाल के साथ मकान में सोया हुआ था। देर रात करीब एक बजे चारपाई के पास एक युवक उसे दिखाई दिया। हिंदराज ने उससे पूछा तुम कौन हो, इतना कहते ही युवक ने उसके सिर पर डंडा मार दिया। इसके बाद उसका बेटा जाग गया और उसने उक्त युवक को पकड़ लिया। इतने में ही दूसरा युवक तलवार लेकर मकान के अंदर आ गया और तलवार से उस पर वार करने लगा। इसके बाद युवकों ने अलमारी की चाबी मांगी। डर के मारे हिंदराज ने युवकों को चाबी दे दी। इसके बाद युवकों ने अलमारी से एक लाख रुपये व लाखों रुपये कीमत के सोने-चांदी के जेवरात निकाल लिए। इसके बाद लुटेरे उसका मोबाइल और जीप लेकर फरार हो गए। कुछ देर बाद परिवार वालों ने उसे अस्पताल में दाखिल करवाया और घटना की सूचना पुलिस को दी। इस मामले की जांच करते हुए पुलिस ने भिवानी निवासी धर्मेंद्र, रवि कुमार निवासी छपरा बिहार, मंजीत, जय नारायण व आकाश को गिरफ्तार कर लिया। मंगलवार को इस मामले का निपटारा करते हुए अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. अशोक कुमार ने धर्मेंद्र, मंजीत, जय नारायण व आकाश को दोषी करार देकर सजा का फैसला बुधवार तक सुरक्षित रख लिया।
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मामले के अनुसार गांव ढाबा निवासी हिंदराज 11 अगस्त 2012 को अपनी पत्नी रामप्यारी और बेटे कुणाल के साथ मकान में सोया हुआ था। देर रात करीब एक बजे चारपाई के पास एक युवक उसे दिखाई दिया। हिंदराज ने उससे पूछा तुम कौन हो, इतना कहते ही युवक ने उसके सिर पर डंडा मार दिया। इसके बाद उसका बेटा जाग गया और उसने उक्त युवक को पकड़ लिया। इतने में ही दूसरा युवक तलवार लेकर मकान के अंदर आ गया और तलवार से उस पर वार करने लगा। इसके बाद युवकों ने अलमारी की चाबी मांगी। डर के मारे हिंदराज ने युवकों को चाबी दे दी। इसके बाद युवकों ने अलमारी से एक लाख रुपये व लाखों रुपये कीमत के सोने-चांदी के जेवरात निकाल लिए। इसके बाद लुटेरे उसका मोबाइल और जीप लेकर फरार हो गए। कुछ देर बाद परिवार वालों ने उसे अस्पताल में दाखिल करवाया और घटना की सूचना पुलिस को दी। इस मामले की जांच करते हुए पुलिस ने भिवानी निवासी धर्मेंद्र, रवि कुमार निवासी छपरा बिहार, मंजीत, जय नारायण व आकाश को गिरफ्तार कर लिया। मंगलवार को इस मामले का निपटारा करते हुए अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. अशोक कुमार ने धर्मेंद्र, मंजीत, जय नारायण व आकाश को दोषी करार देकर सजा का फैसला बुधवार तक सुरक्षित रख लिया।
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