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शादी समारोह में बचे खाने को जरूरतमंदों तक पहुंचाती है सुखसागर संस्था
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अमर उजाला ब्यूरो
गोरीवाला। शादी-समारोह में बचे हुए खाने को कूड़े के ढेर पर फेंकने की बजाए उसे जरूरत मंद तक पहुंचाने का बीड़ा गांव गोरीवाला के सुख सागर संस्था ने उठाया है। सुख सागर संस्था के सदस्य गांव या 15 किलोमीटर के दायरे में होने वाले सामाजिक समारोह में बचे हुए खाने को कूड़े के ढेर पर फेंकने से बचाने के लिए जरूरत मंदों तक पहुंचाते हैं। संस्था में मौजूदा समय में करीब 30 सदस्य हैं।
सुख सागर के सदस्य प्रशांत बैरड़, ओमप्रकाश देवरथ, बलवंत शर्मा, संदीप गुप्ता, रामस्वरूप वर्मा, विनोद शर्मा व सतीश सुथार ने बताया कि करीब एक साल पहले वे अपने साथियों के साथ एक समारोह में गए हुए थे। जहां अनेक किस्म के पकवान थे। उन्हें यह देखकर बेहद दुख हुआ और ठेस पहुंची कि बचे हुए ढेर सारे भोजन को कूड़े में फेंक दिया गया। उस बचे हुए भोजन से दर्जनों लोगों का पेट भरा जा सकता था। इसे देखकर वे चिंतित तो हुए, परंतु उन्होंने इसे नजरअंदाज नहीं किया। तभी उनके मन में एक विचार आया। उन्होंने एक ऐसी व्यवस्था के बारे में सोचा, जिससे बचे हुए भोजन को जरूरतमंदों तक पहुंचाने का प्रबंध हो पाए। इन लोगों ने सुख सागर संस्था का गठन किया। साथ भोजन की बर्बादी रोकने तथा उसे जरूरतमंदों तक पहुंचाने का काम भी सुखसागर संस्था के सदस्य करने लगे।
सोशल मीडिया पर बनाया ग्रुप, लोगों को जोड़ा
सुखसाखर संस्था के सदस्यों ने सोशल मीडिया पर एक ग्रुप बनाया। इसमें आसपास के लोगों को जोड़ा। लोग इस ग्रुप में गांव में होने वाली शादी समारोह की जानकारी देने लगे और जब शादी समारोह में खाना बचता तो सूचना मिलने पर संस्था के सदस्य बचे हुए खाने को लेने के लिए पहुंच जाते। इसके लिए संस्था ने एक अपने खर्च पर ही एक पिकअप गाड़ी खरीदी हुई है। पिछले काफी समय से गांव या आसपास कहीं भी शादियों, पार्टियों या जन्म दिन के मौकों पर आयोजित होने वाले प्रतिभोज समारोहों में बचने वाले भोजन को एकत्र करके वे जरूरतमंदों की बस्तियों में ले जाकर वितरित करते हैं। खेतों में काम करने वाले मजदूरों और ईंट भट्ठों पर काम करने वाले मजदूरों को सुख सागर संस्था बचा हुआ खाना उपलब्ध करवाती है। संस्था के सदस्यों प्रशांत बैरड़, ओमप्रकाश देवरथ, बलवंत शर्मा, संदीप गुप्ता, रामस्वरूप वर्मा, विनोद शर्मा व सतीश सुथार ने कहा कि खाने की बर्बादी रोकने के लिए सभी को मिलकर सहयोग करने की जरूरत है। सभी को इसके लिए सामाजिक चेतना लानी होगी। तभी भोजन की बर्बादी रोकी जा सकती है। उन्होंने बताया कि उनकी तरफ से समय-समय पर लोगों से आग्रह किया जाता है कि अगर आपके यहां शादी-समारोह में खाना बचता है तो हमें सूचित करें, हम जरूरतमंदों तक पहुंचाएंगे।
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गोरीवाला। शादी-समारोह में बचे हुए खाने को कूड़े के ढेर पर फेंकने की बजाए उसे जरूरत मंद तक पहुंचाने का बीड़ा गांव गोरीवाला के सुख सागर संस्था ने उठाया है। सुख सागर संस्था के सदस्य गांव या 15 किलोमीटर के दायरे में होने वाले सामाजिक समारोह में बचे हुए खाने को कूड़े के ढेर पर फेंकने से बचाने के लिए जरूरत मंदों तक पहुंचाते हैं। संस्था में मौजूदा समय में करीब 30 सदस्य हैं।
सुख सागर के सदस्य प्रशांत बैरड़, ओमप्रकाश देवरथ, बलवंत शर्मा, संदीप गुप्ता, रामस्वरूप वर्मा, विनोद शर्मा व सतीश सुथार ने बताया कि करीब एक साल पहले वे अपने साथियों के साथ एक समारोह में गए हुए थे। जहां अनेक किस्म के पकवान थे। उन्हें यह देखकर बेहद दुख हुआ और ठेस पहुंची कि बचे हुए ढेर सारे भोजन को कूड़े में फेंक दिया गया। उस बचे हुए भोजन से दर्जनों लोगों का पेट भरा जा सकता था। इसे देखकर वे चिंतित तो हुए, परंतु उन्होंने इसे नजरअंदाज नहीं किया। तभी उनके मन में एक विचार आया। उन्होंने एक ऐसी व्यवस्था के बारे में सोचा, जिससे बचे हुए भोजन को जरूरतमंदों तक पहुंचाने का प्रबंध हो पाए। इन लोगों ने सुख सागर संस्था का गठन किया। साथ भोजन की बर्बादी रोकने तथा उसे जरूरतमंदों तक पहुंचाने का काम भी सुखसागर संस्था के सदस्य करने लगे।
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सोशल मीडिया पर बनाया ग्रुप, लोगों को जोड़ा
सुखसाखर संस्था के सदस्यों ने सोशल मीडिया पर एक ग्रुप बनाया। इसमें आसपास के लोगों को जोड़ा। लोग इस ग्रुप में गांव में होने वाली शादी समारोह की जानकारी देने लगे और जब शादी समारोह में खाना बचता तो सूचना मिलने पर संस्था के सदस्य बचे हुए खाने को लेने के लिए पहुंच जाते। इसके लिए संस्था ने एक अपने खर्च पर ही एक पिकअप गाड़ी खरीदी हुई है। पिछले काफी समय से गांव या आसपास कहीं भी शादियों, पार्टियों या जन्म दिन के मौकों पर आयोजित होने वाले प्रतिभोज समारोहों में बचने वाले भोजन को एकत्र करके वे जरूरतमंदों की बस्तियों में ले जाकर वितरित करते हैं। खेतों में काम करने वाले मजदूरों और ईंट भट्ठों पर काम करने वाले मजदूरों को सुख सागर संस्था बचा हुआ खाना उपलब्ध करवाती है। संस्था के सदस्यों प्रशांत बैरड़, ओमप्रकाश देवरथ, बलवंत शर्मा, संदीप गुप्ता, रामस्वरूप वर्मा, विनोद शर्मा व सतीश सुथार ने कहा कि खाने की बर्बादी रोकने के लिए सभी को मिलकर सहयोग करने की जरूरत है। सभी को इसके लिए सामाजिक चेतना लानी होगी। तभी भोजन की बर्बादी रोकी जा सकती है। उन्होंने बताया कि उनकी तरफ से समय-समय पर लोगों से आग्रह किया जाता है कि अगर आपके यहां शादी-समारोह में खाना बचता है तो हमें सूचित करें, हम जरूरतमंदों तक पहुंचाएंगे।
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