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धरनारत किसानों के लिए डिंग के किसानों ने लगाया गरमा-गरम पकोड़े व खीर का लंगर
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पांच डिग्री तापमान में धरने पर बैठे किसानों ने लगाया खीर और पकोड़ों का लंगर
सिरसा। लघु सचिवालय पर पिछले 12 दिनों से धरने पर बैठे किसानों ने शुक्रवार को पांच डिग्री न्यूनतम तापमान में खुले आसमान के नीचे नारेबाजी कर रोष जताया। इस दौरान उन्होंने किसानों के साथ जनता के लिए भी पकौड़े व खीर का लंगर लगाया। डिंग के किसान धरने पर बैठे अपने साथी किसानों के लिए शुक्रवार को 50 किलोग्राम दूध व 20 किलोग्राम बेसन साथ लेकर आए थे। 12वें दिन शुक्रवार को गांव रामपुरा निवासी किसान रामनिवास, राजेंद्र, राम विलास, हीरा लाल, जवाहर लाल, पृथ्वी, संपत, महावीर, केहर सिह, गुरूसेवक, सुरेंद्र स्वामी, पवन, मल सिंह, जितेंद्र, सुभाष, मदन लाल, अमित व इंद्राज क्रमिक अनशन पर बैठे रहे। वहीं धरने की अध्यक्षता वृद्ध किसान धन्नाराम अरनियावाली ने की। रामपुरा के 21 किसान क्रमिक अनशन पर बैठे रहे।
इस अवसर पर किसान नेता विकल पचार ने कहा कि इस बजट में किसानों के लिए कुछ भी नहीं किया गया है। किसानों को इस बजट से काफी आशा थी। ये बजट इस सरकार का अंतिम बजट है। उन्होंने कहा कि किसानों को आशा थी कि सरकार किसानों को कर्ज मुक्त कर देगी और स्वामीनाथन रिपोर्ट को लागू करेगी, लेकिन सरकार ने ऐसा नहीं किया। किसान नेता जगदीश रूपावास ने कहा कि सरकार ने किसानों को बजट में कुछ थोड़ी राहत दी है, ये सब किसान आंदोलन के कारण हुआ है। उन्होंने कहा कि बजट में छह हजार रुपये पांच एकड़ के किसानों को सालाना देना एक भद्दा मजाक है।
चार डिग्री सेल्सियस तापमान में आई गिरावट
वीरवार को न्यूनतम तापमान 9.1 था। जबकि शुक्रवार को न्यूनतम तापमान 5.4 दर्ज किया गया। ऐसे में तापमान में 4.3 डिग्री सेल्सियस गिरावट रही। जिसके चलते अधिकांश लोग घरों में दुबके रहे। पूरे दिन सूर्य देव के दर्शन नहीं हुए और तेज हवा ने लोगों को कंपकपाए रखा। लोग सड़कों के किनारे लोग अलाव तापते रहे। वीरवार को तेज हवा के साथ हुई बूंदाबांदी ने सर्दी में एकदम से इजाफा कर दिया था। शुक्रवार सुबह लोग जागे तो आसमान में घने बादल छाए दिखे। तेज ठंडी हवा ने लोगों को कड़ाके की ठंड का अहसास करवाया। बाजारों में रेहड़ी वाले सड़क किनारे अलाव तापकर खुद को ठंड से बचाने का प्रयास करते रहे। सर्दी का असर दिनभर ऐसा रहा कि गली- मोहल्ले सुनसान रहे और बाजारों में भी रौनक गायब रही।
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यात्रियों की संख्या में आई कमी
ठंड का असर परिवहन विभाग पर भी पड़ रहा है। शुक्रवार को बस अड्डा व रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की संख्या पिछले दिनों की तुलना में काफी कम रही। जीएम केआर कौशल ने बताया कि ठंड का असर परिवहन सेवा पर तो नहीं पड़ा, लेकिन यात्रियों की संख्या कम हो रही है। इससे रोडवेज की आमदनी कुछ कम हो रही है। ठंड के कारण लोग बाहर जाने का अपना कार्यक्रम टाल रहे हैं। रोडवेज की बसें अपने निर्धारित समय पर चल रही हैं। ठंड में गिरावट होने पर सवारियों की संख्या में बढौतरी हो जाएगी। रेलवे स्टेशन पर भी शुक्रवार को सुबह से लेकर शाम तक यात्रियों की भीड़ नजर नहीं आई।
बच्चे और बूढ़ों का रखें ध्यान
डिप्टी सीएमओ डॉक्टर विरेश भूषण का कहना है कि ठंड में इससे ज्यादा परेशानी बच्चे और बूढ़ों को होती है। बच्चों में निमोनिया की शिकायत आमतौर पर देखी जाती है। इसके अलावा सर्दी, खांसी, ब्लड-प्रेशर बढना-घटना जैसी आम समस्या भी होने लगती हैं। शिशु रोग विशेषज्ञ डॉक्टर जीएस सोमानी का कहना कि ठंड में बच्चों में ज्यादा वायरल फैलता है। सबसे ज्यादा असर पेट और फेफड़े में होता है। ठंड लगने से बच्चे सर्दी, खांसी, पतला पैखाना, उल्टी, बुखार आदि से पीड़ित हो जाते हैं। उन्होंने बताया कि अचानक ठंड बढने से खासकर बच्चों पर विशेष नजर रखें। हर समय गरम कपड़े पहनाएं। मां का दूध पिलाते रहें। ओआरएस घोल भी देते रहें। ठंड से बचने के लिए बच्चों को गर्म पानी का भाप भी समय-समय पर देते रहें।
कोट्स
गेहूं के लिए बेहद लाभकारी: डीडीए
कृषि विशेषज्ञ डॉ. बाबू लाल ने बताया कि यह मौसम गेहूं की फसल के लिए बेहद लाभकारी है। किसान मौसम के मद्देनजर ही खेतों में पानी छोड़ें और मौसम विभाग की आकाशवाणी पर ध्यान रखें।
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सिरसा। लघु सचिवालय पर पिछले 12 दिनों से धरने पर बैठे किसानों ने शुक्रवार को पांच डिग्री न्यूनतम तापमान में खुले आसमान के नीचे नारेबाजी कर रोष जताया। इस दौरान उन्होंने किसानों के साथ जनता के लिए भी पकौड़े व खीर का लंगर लगाया। डिंग के किसान धरने पर बैठे अपने साथी किसानों के लिए शुक्रवार को 50 किलोग्राम दूध व 20 किलोग्राम बेसन साथ लेकर आए थे। 12वें दिन शुक्रवार को गांव रामपुरा निवासी किसान रामनिवास, राजेंद्र, राम विलास, हीरा लाल, जवाहर लाल, पृथ्वी, संपत, महावीर, केहर सिह, गुरूसेवक, सुरेंद्र स्वामी, पवन, मल सिंह, जितेंद्र, सुभाष, मदन लाल, अमित व इंद्राज क्रमिक अनशन पर बैठे रहे। वहीं धरने की अध्यक्षता वृद्ध किसान धन्नाराम अरनियावाली ने की। रामपुरा के 21 किसान क्रमिक अनशन पर बैठे रहे।
इस अवसर पर किसान नेता विकल पचार ने कहा कि इस बजट में किसानों के लिए कुछ भी नहीं किया गया है। किसानों को इस बजट से काफी आशा थी। ये बजट इस सरकार का अंतिम बजट है। उन्होंने कहा कि किसानों को आशा थी कि सरकार किसानों को कर्ज मुक्त कर देगी और स्वामीनाथन रिपोर्ट को लागू करेगी, लेकिन सरकार ने ऐसा नहीं किया। किसान नेता जगदीश रूपावास ने कहा कि सरकार ने किसानों को बजट में कुछ थोड़ी राहत दी है, ये सब किसान आंदोलन के कारण हुआ है। उन्होंने कहा कि बजट में छह हजार रुपये पांच एकड़ के किसानों को सालाना देना एक भद्दा मजाक है।
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चार डिग्री सेल्सियस तापमान में आई गिरावट
वीरवार को न्यूनतम तापमान 9.1 था। जबकि शुक्रवार को न्यूनतम तापमान 5.4 दर्ज किया गया। ऐसे में तापमान में 4.3 डिग्री सेल्सियस गिरावट रही। जिसके चलते अधिकांश लोग घरों में दुबके रहे। पूरे दिन सूर्य देव के दर्शन नहीं हुए और तेज हवा ने लोगों को कंपकपाए रखा। लोग सड़कों के किनारे लोग अलाव तापते रहे। वीरवार को तेज हवा के साथ हुई बूंदाबांदी ने सर्दी में एकदम से इजाफा कर दिया था। शुक्रवार सुबह लोग जागे तो आसमान में घने बादल छाए दिखे। तेज ठंडी हवा ने लोगों को कड़ाके की ठंड का अहसास करवाया। बाजारों में रेहड़ी वाले सड़क किनारे अलाव तापकर खुद को ठंड से बचाने का प्रयास करते रहे। सर्दी का असर दिनभर ऐसा रहा कि गली- मोहल्ले सुनसान रहे और बाजारों में भी रौनक गायब रही।
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यात्रियों की संख्या में आई कमी
ठंड का असर परिवहन विभाग पर भी पड़ रहा है। शुक्रवार को बस अड्डा व रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की संख्या पिछले दिनों की तुलना में काफी कम रही। जीएम केआर कौशल ने बताया कि ठंड का असर परिवहन सेवा पर तो नहीं पड़ा, लेकिन यात्रियों की संख्या कम हो रही है। इससे रोडवेज की आमदनी कुछ कम हो रही है। ठंड के कारण लोग बाहर जाने का अपना कार्यक्रम टाल रहे हैं। रोडवेज की बसें अपने निर्धारित समय पर चल रही हैं। ठंड में गिरावट होने पर सवारियों की संख्या में बढौतरी हो जाएगी। रेलवे स्टेशन पर भी शुक्रवार को सुबह से लेकर शाम तक यात्रियों की भीड़ नजर नहीं आई।
बच्चे और बूढ़ों का रखें ध्यान
डिप्टी सीएमओ डॉक्टर विरेश भूषण का कहना है कि ठंड में इससे ज्यादा परेशानी बच्चे और बूढ़ों को होती है। बच्चों में निमोनिया की शिकायत आमतौर पर देखी जाती है। इसके अलावा सर्दी, खांसी, ब्लड-प्रेशर बढना-घटना जैसी आम समस्या भी होने लगती हैं। शिशु रोग विशेषज्ञ डॉक्टर जीएस सोमानी का कहना कि ठंड में बच्चों में ज्यादा वायरल फैलता है। सबसे ज्यादा असर पेट और फेफड़े में होता है। ठंड लगने से बच्चे सर्दी, खांसी, पतला पैखाना, उल्टी, बुखार आदि से पीड़ित हो जाते हैं। उन्होंने बताया कि अचानक ठंड बढने से खासकर बच्चों पर विशेष नजर रखें। हर समय गरम कपड़े पहनाएं। मां का दूध पिलाते रहें। ओआरएस घोल भी देते रहें। ठंड से बचने के लिए बच्चों को गर्म पानी का भाप भी समय-समय पर देते रहें।
कोट्स
गेहूं के लिए बेहद लाभकारी: डीडीए
कृषि विशेषज्ञ डॉ. बाबू लाल ने बताया कि यह मौसम गेहूं की फसल के लिए बेहद लाभकारी है। किसान मौसम के मद्देनजर ही खेतों में पानी छोड़ें और मौसम विभाग की आकाशवाणी पर ध्यान रखें।