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प्रशासन ने नायब तहसीलदार को ड्यूटी मैजिस्ट्रेट किया नियुक्त, आसपास के किसान भी पहुंचे धरने पर,
Updated Wed, 19 Sep 2018 12:52 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
चोपटा। गांव रूपावास में कपास की फसल के क्लेम को लेकर पांच किसान मंगलवार दूसरे दिन भी पानी की टंकी में चढ़े रहे। इसके अलावा आस पास के गांवों के सैकड़ों किसान जलघर के पार्क में धरने पर डटे हुए हैं। मंगलवार को गांव की महिलाओं ने भी प्रदर्शन में शामिल होकर फसलों का बीमा क्लेम की मांग का समर्थन किया। टंकी पर चढ़े पांचों किसानों की मांग हैं कि जब तक क्लेम राशि किसानों के खातों में नहीं आ जाती, वो टंकी से नीचे नहीं उतरेंगे। मंगलवार को दूसरे दिन रूपावास के जलघर की टंकी पर चढ़े पांच किसानों ने खाना-पीना भी टंकी पर ही किया। किसान दिनभर लाउडस्पीकर के माध्यम से भारत माता की जय, इंकलाब जिंदाबाद, किसान एकता जिंदाबाद व प्रदेश सरकार मुर्दाबाद के नारे लगाते रहे। ग्रामीणों की तरफ 11 बजे खाना रस्सी के माध्यम से लिफाफे में रोटियां व सब्जी के अलावा बर्तन भेजे जा रहे हैं। चाय भी उसी रस्सी के माध्यम से भेजी जाती है। बीते दिन सोमवार सुबह पांच बजे से तिरंगा झंडा लेकर टंकी पर चढ़े किसानों के पास पानी के दो कैंपर, लाउडस्पीकर व तिरंगे झंडे, एक लोहे की पुरानी टंकी व एक रस्सा हैं। नहाने व धोने की कोई व्यवस्था नहीं है। किसान पिछले दो दिन से नहाए नहीं है। किसान शौच के लिए लिफाफे का प्रयोग कर रहे हैं और वहां रखी लोहे की टंकी में डाल देेते हैं।
प्रशासन ने तैनात किया ड्यूटी मजिस्ट्रेट
प्रशासन ने चौपटा के नायब तहसीलदार छैलूराम जाखड़ को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त करके धरना स्थल पर तैनात किया हुआ है। कोई भी अप्रिय घटना ना घटित हो इसके लिए पुलिस प्रशासन भी पूरी मुस्तैदी दिखा रहा है। काफी संख्या में पुलिसकर्मी मौके पर ही डटे हुए हैं। रात के समय भी पुलिस निगरानी कर रही है। वहीं जिला प्रशासन के आदेशों पर फायर बिग्रेड एंव एंबुलेंस की 24 घंटे सुविधा दी हुई है। सोमवार देर शाम जिला प्रशासन की तरफ से अधिकारी करीब तीन घंटे तक प्रदर्शनकारी एवं टंकी पर चढ़े हुए किसानों को मनाते रहे लेकिन किसान अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं।
वकीलों ने दिया किसानों को समर्थन
मंगलवार शाम चार बजे चोपटा तहसील कार्यालय के वकील भी धरनास्थल पर पहुंचे और किसानों को समर्थन दिया। वकील अशोक पूनिया, सुरेंद्र बैनीवाल, रमेश कस्वां, कुलदीप पूनिया, रामसिंह सुथार, शमशेर न्योल, मुकेश कासनिया, सुभाष पूनिया, आनंद सहारण, सीताराम ने कहा कि किसानों की मांग जायज है, जब बीमा कंपनी ने बीमा राशि काट ली तो अब नुकसान की भरपाई के लिए क्लेम देने में आना कानी क्यों कर रही है। वकीलों ने धरनास्थल पर बैठे किसानों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि वो उनके सहयोग में हमेशा तैयार हैं और उक्त मामले में जो भी कानूनी सहायता की आवश्यकता होगी वो अपनी सेवाएं देेंगे। इसके अतिरिक्त बार एसोसिएशन सिरसा व धर्मशाला समिति चोपटा, भारतीय किसान संघ ने भी किसानों की मांगों का समर्थन किया।
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फेसबुक पर दिया लाइव संदेश
टंकी पर चढ़े हुए किसान नेता विकल पचार ने फेसबुक पर लाइव बोलते हुए कहा कि सरकार किसानों की समस्याओं के प्रति गंभीर नहीं है। किसानों की जायज मांग को पूरा करवाने के लिए दो दिन से रूपावास में किसानों ने आंदोलन शुरू किया हुआ है। जब तक फसलों के बीमा क्लेम की राशि उनके खाते में नहीं आएगी तब तक पांचों किसान नीचे नहीं उतरेंगे तथा आंदोलन जारी रहेगा। वकील का दावा है कि फेसबुक पर वीडियो को 28 हजार लोगों ने देखा और एक हजार ने लाइक किया।
40 दिनों तक दिया था धरना
फसलों के बीमा क्लेम की राशि की मांग को लेकर सिरसा जिला के किसान पिछले 40 दिन से सिरसा में लघु सचिवालय में धरना दिए हुए थे। सोमवार सुबह 5 बजे अचानक सैकड़ों की संख्या में विभिन्न गांवों से जिला के किसान रूपावास के जलघर पहुंचे व पांच किसान जिसमें रामदत्त पूनिया डिंग, विकल पचार, अरविंद रायपुर, मदन सांगवान डिंग, कालूराम रामपुरा ढिल्लों टंकी पर चढ़ गए। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार ने वायदा खिलाफ करके किसानों के हकों को दबाने का काम कर रही है। सिरसा जिला के किसानों का करीब 170 करोड़ रुपये क्लेम राशि बीमा कंपनी जारी नहीं कर रही है, जिससे किसानों को नुकसान हो रहा है। किसानों की मांग है कि जल्द से जल्द सरकार बीमा कंपनी से क्लेम राशि लेट होने के बाद से ब्याज सहित जारी करें।
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चोपटा। गांव रूपावास में कपास की फसल के क्लेम को लेकर पांच किसान मंगलवार दूसरे दिन भी पानी की टंकी में चढ़े रहे। इसके अलावा आस पास के गांवों के सैकड़ों किसान जलघर के पार्क में धरने पर डटे हुए हैं। मंगलवार को गांव की महिलाओं ने भी प्रदर्शन में शामिल होकर फसलों का बीमा क्लेम की मांग का समर्थन किया। टंकी पर चढ़े पांचों किसानों की मांग हैं कि जब तक क्लेम राशि किसानों के खातों में नहीं आ जाती, वो टंकी से नीचे नहीं उतरेंगे। मंगलवार को दूसरे दिन रूपावास के जलघर की टंकी पर चढ़े पांच किसानों ने खाना-पीना भी टंकी पर ही किया। किसान दिनभर लाउडस्पीकर के माध्यम से भारत माता की जय, इंकलाब जिंदाबाद, किसान एकता जिंदाबाद व प्रदेश सरकार मुर्दाबाद के नारे लगाते रहे। ग्रामीणों की तरफ 11 बजे खाना रस्सी के माध्यम से लिफाफे में रोटियां व सब्जी के अलावा बर्तन भेजे जा रहे हैं। चाय भी उसी रस्सी के माध्यम से भेजी जाती है। बीते दिन सोमवार सुबह पांच बजे से तिरंगा झंडा लेकर टंकी पर चढ़े किसानों के पास पानी के दो कैंपर, लाउडस्पीकर व तिरंगे झंडे, एक लोहे की पुरानी टंकी व एक रस्सा हैं। नहाने व धोने की कोई व्यवस्था नहीं है। किसान पिछले दो दिन से नहाए नहीं है। किसान शौच के लिए लिफाफे का प्रयोग कर रहे हैं और वहां रखी लोहे की टंकी में डाल देेते हैं।
प्रशासन ने तैनात किया ड्यूटी मजिस्ट्रेट
प्रशासन ने चौपटा के नायब तहसीलदार छैलूराम जाखड़ को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त करके धरना स्थल पर तैनात किया हुआ है। कोई भी अप्रिय घटना ना घटित हो इसके लिए पुलिस प्रशासन भी पूरी मुस्तैदी दिखा रहा है। काफी संख्या में पुलिसकर्मी मौके पर ही डटे हुए हैं। रात के समय भी पुलिस निगरानी कर रही है। वहीं जिला प्रशासन के आदेशों पर फायर बिग्रेड एंव एंबुलेंस की 24 घंटे सुविधा दी हुई है। सोमवार देर शाम जिला प्रशासन की तरफ से अधिकारी करीब तीन घंटे तक प्रदर्शनकारी एवं टंकी पर चढ़े हुए किसानों को मनाते रहे लेकिन किसान अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं।
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वकीलों ने दिया किसानों को समर्थन
मंगलवार शाम चार बजे चोपटा तहसील कार्यालय के वकील भी धरनास्थल पर पहुंचे और किसानों को समर्थन दिया। वकील अशोक पूनिया, सुरेंद्र बैनीवाल, रमेश कस्वां, कुलदीप पूनिया, रामसिंह सुथार, शमशेर न्योल, मुकेश कासनिया, सुभाष पूनिया, आनंद सहारण, सीताराम ने कहा कि किसानों की मांग जायज है, जब बीमा कंपनी ने बीमा राशि काट ली तो अब नुकसान की भरपाई के लिए क्लेम देने में आना कानी क्यों कर रही है। वकीलों ने धरनास्थल पर बैठे किसानों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि वो उनके सहयोग में हमेशा तैयार हैं और उक्त मामले में जो भी कानूनी सहायता की आवश्यकता होगी वो अपनी सेवाएं देेंगे। इसके अतिरिक्त बार एसोसिएशन सिरसा व धर्मशाला समिति चोपटा, भारतीय किसान संघ ने भी किसानों की मांगों का समर्थन किया।
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फेसबुक पर दिया लाइव संदेश
टंकी पर चढ़े हुए किसान नेता विकल पचार ने फेसबुक पर लाइव बोलते हुए कहा कि सरकार किसानों की समस्याओं के प्रति गंभीर नहीं है। किसानों की जायज मांग को पूरा करवाने के लिए दो दिन से रूपावास में किसानों ने आंदोलन शुरू किया हुआ है। जब तक फसलों के बीमा क्लेम की राशि उनके खाते में नहीं आएगी तब तक पांचों किसान नीचे नहीं उतरेंगे तथा आंदोलन जारी रहेगा। वकील का दावा है कि फेसबुक पर वीडियो को 28 हजार लोगों ने देखा और एक हजार ने लाइक किया।
40 दिनों तक दिया था धरना
फसलों के बीमा क्लेम की राशि की मांग को लेकर सिरसा जिला के किसान पिछले 40 दिन से सिरसा में लघु सचिवालय में धरना दिए हुए थे। सोमवार सुबह 5 बजे अचानक सैकड़ों की संख्या में विभिन्न गांवों से जिला के किसान रूपावास के जलघर पहुंचे व पांच किसान जिसमें रामदत्त पूनिया डिंग, विकल पचार, अरविंद रायपुर, मदन सांगवान डिंग, कालूराम रामपुरा ढिल्लों टंकी पर चढ़ गए। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार ने वायदा खिलाफ करके किसानों के हकों को दबाने का काम कर रही है। सिरसा जिला के किसानों का करीब 170 करोड़ रुपये क्लेम राशि बीमा कंपनी जारी नहीं कर रही है, जिससे किसानों को नुकसान हो रहा है। किसानों की मांग है कि जल्द से जल्द सरकार बीमा कंपनी से क्लेम राशि लेट होने के बाद से ब्याज सहित जारी करें।