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Sirsa News: 24 की रैली या सैलजा का वजूद कम करने में कवायद, किसानों के सहारे हुड्डा के मजबूती के प्रयास

Tue, 19 Dec 2023 10:32 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा Updated Tue, 19 Dec 2023 10:32 PM IST
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24 Rally or Effort to reduce the existence of Selja, Hooda's efforts to strengthen with the help of farmers
सिरसा। सिरसा अनाजमंडी में कांग्रेस की ओर से किसान मजदूर जनाक्रोश रैली 24 दिसंबर को आयोजित की जा रही है। इसकी तैयारियां जोर शोर से चल रही हैं। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के बेटे व राज्य सभा के सदस्य दीपेंद्र हुड्डा भी पिछले दो सप्ताह में सिरसा में डेरा जमाए हुए हैं। वह दिन रात विधायकों, पूर्व विधायकों और समर्थकों के सहारे गांवों में जाकर मजबूती के साथ अपना पक्ष मजबूती से रखते हैं।
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सिरसा क्षेत्र में दीपेंद्र हुड्डा की इसी दिलचस्पी और रैली को लेकर राजनीतिक नजरिये से बेहद अहम माना जा रहा है। राजनीति के जानकारों की माने तो सिरसा जिले में पहले ही हुड्डा और सैलजा ग्रुप बने हुए हैं। इस रैली को आधार बनाकर हुड्डा ग्रुप कुमारी सैलजा के वर्चस्व को कम करने की तैयारी में जुट गया है।
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बता दें कि कुमारी सैलजा सिरसा से दो बार सांसद रह चुकी हैं। उनका सिरसा से जुड़ाव है और वह निरंतर सिरसा छोटे व बड़े कार्यक्रमों में नजर आती रहती हैं। अब यहां दीपेंद्र हुड्डा रैली का न्योता दे रहे है। कुमारी सैलजा भी एक दिन के लिए सिरसा में कुछ निजी कार्यक्रमों में पहुंची थीं।
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किसानों पर निशान साधने की तैयारी
किसान आंदोलन में सिरसा क्षेत्र के किसान सक्रिय रहे थे। पंजाब से लगता क्षेत्र होने के कारण किसानों में आंदोलन को लेकर जोश और जुनून नजर आया था। आज भी किसान नेता बड़े स्तर पर किसानों की मांगों को लेकर आंदोलन करते नजर आते हैं। ऐसे में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की किसान मजदूर आक्रोश रैली किसानों को साधने का एक अहम प्रयास है। यह प्रयास कितना कामयाब रहता है या किसान रैली से दूरी बनाते है। अभी कुछ कहां नहीं जा सकता है, क्योंकि किसान नेता इस रैली को लेकर अभी तक चुप्पी साधे हुए हैं।

कांग्रेस फायदा या नुकसान
कांग्रेस के खाते में पिछली बार दो विधानसभा सीटें आई थीं। इनमें कालांवाली और डबवाली शामिल हैं। इस बार कांग्रेस इन दोनों सीटों का बचा पाती है या चार कर पाती है, यह दिलचस्प होगा। डबवाली को जजपा ने विधानसभा का केंद्र बना लिया है और पार्टी से परिवार के व्यक्ति का चुनाव लड़ना लगभग तय है। रानियां से बिजली मंत्री पकड़ कमजोर होती नजर आ रही है। ऐसे में इनेलो की नजरें इस सीट पर हैं। वहीं कांग्रेस भी इस सीट पर नजरें जमाए हुए हैं।
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