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जॉन विभाजीत होने से किसानों के लिए फसल बेचना बना मुसीबत

Thu, 04 Apr 2019 02:19 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 04 Apr 2019 02:19 AM IST
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जॉन विभाजीत होने से किसानों के लिए फसल बेचना बना मुसीबत
सिरसा। जिले की मंडियों में सरसों की फसल की आवक शुरू हो चुकी है। लेकिन मंडियों को जोन में बांटने के कारण किसानों को सरसों की फसल बेचने में समस्या का सामना करना पड़ रहा है। जिले में 6 जोन बनाए गए है। सिरसा, रानियां, डबवाली, कालांवाली, ऐलनाबाद, डिंगमडी को जोन बनाया गया है। अधिकतर किसान पहले किसी भी मंडी में अपने आढ़ती के पास फसल को बेचते थे व साथ की साथ नकदी मुहैया हो जाती थी। अब जोन और पंजीकरण के निर्धारण के चलते ना तो समय पर सरसों की खरीद हो रही है और ना ही किसानों को फसल बेचने के बाद समय पर पैसा मुहैया करवाया जा रहा है।
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मंडी में फसल बेचने पहुंचे गांव मम्मड़ के किसान रोहताश सिंह ने बताया कि उसने 3500 रुपये में प्राइवेट फर्म को सरसों बेची है। सरकार ने मेरी फसल मेरी ब्योरा योजना लागू कर किसानों के लिए समस्या पैदा कर दी है। क्योंकि इसकी शर्ते पूरी करने में ही किसान का अधिकांश समय खराब हो रहा है। उन्होंने बताया कि किसानों को फसल की बिजाई के साथ ही रजिस्ट्रेशन करवा पड़ता है। इसके बाद फसल जांचने के लिए पटवारी खेत का दौरा कर रिपोर्ट तैयार करता है। पटवारी की रिपोर्ट मार्केट कमेटी के पास जाने के बाद ही किसान की सरसों की फसल की खरीद होगी। आढ़ती के माध्यम से फसल बेचते हैं तो साथ के साथ पैसे का भुगतान हो जाता। जबकि सरकार से पैसे लेने के लिए कम से कम 72 घंटे इंतजार करना पड़ता है।
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वहीं आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान हरदीप सिंह सरकारियां ने बताया कि मेरी फसल मेरा ब्यूरो योजना लागू कर सरकार ने किसानों के लिए मुसीबत पैदा कर दी है। सरकार के नियमों के अनुसार किसान को जोन वाइज ही अपनी फसल को बेचना होगा। पहले सिरसा जिला का किसान अपनी नजदीक की मंडी में पहुंचकर फसल बेच सकता था। अब ऐसा नहीं है।
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3 अप्रैल तक 17343 क्विंटल सरसों की खरीद
जिले की मंडियों से 3 अप्रैल तक 18343 क्विंटल सरसों खरीदी जा चुकी है। इसमें करीब 13 हजार 151 क्विंटल प्राइवेट एजेंसियों ने और 4192 क्विंटल के करीब सरकारी खरीद हो चुकी है। इसमें सिरसा और चोपटा की 13 क्विंटल भी शामिल। सोमवार से सरसों की फसल हैफड भी पहुंचना शुरू हो गई। सरसों की खरीद का सरकारी मूल्य 4200 रुपए निर्धारित किया हुआ है वही प्राइवेट एजेंसी का भाव करीब 3500 से लेकर 3800 रुपए चल रहे है।

वर्जन
सिरसा जिला के 20 हजार 395 किसानों ने पंजीकरण करवाया हुआ है। जिन किसानों ने सरसों का पंजीकरण करवाया हुआ है उन्हीें से ही सरसों की खरीददारी की जाएगी। एक दिन में एक किसान से 25 क्विंटल सरसों खरीदी जा रही है। किसानों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए पहले की प्रत्येक गांव में एक व्यक्ति नियुक्त कर उसके माध्यम से रजिस्ट्रेशन करवाएं गए थे। जिन किसानों ने पंजीकरण नहीं करवाया उनकी फसलों की सरकारी खरीद नहीं की जाएगी।
- विकास सेतिया, सचिव, मार्केट कमेटी सिरसा।
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