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स्वास्थ्य विभाग के डिप्टी डायरेक्टर ने किया नागरिक अस्पताल का निरीक्षण, स्टाफ से जानी समस्याएं
Updated Tue, 31 Jul 2018 02:04 AM IST
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एक बेड पर मिले दो मरीज, नशा मुक्ति केंद्र संचालक बोले - अचानक बढ़े मरीज
सिरसा। स्वास्थ्य विभाग के डिप्टी डायरेक्टर डा. सूरजभान कंबोज ने सोमवार को स्वास्थ्य मंत्री के निर्देशों पर जिला नागरिक अस्पताल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान डा. कंबोज ने अस्पताल में स्टाफ से समस्याएं जानी। डिप्टी डायरेक्टर ने जो समस्याएं मिली। उन्हें नोट किया, ताकि रिपोर्ट बनाकर स्वास्थ्य मंत्री को भेजी जा सके। सुबह साढ़े दस बजे डिप्टी डायरेक्टर डा. सूरजभान कंबोज जिला नागरिक अस्पताल में पहुंचे। सर्वप्रथम डिप्टी डायरेक्टर आपातकालीन विभाग में पहुंचे और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने वार्ड में दाखिल सभी मरीजों से एक-एक कर उपचार बारे पूछा। उन्होंने मरीजों से समय पर देखभाल, दवा व अन्य सेवाओं बारे बातचीत की।
मरीजों ने बताया कि उन्हें समय पर सभी व्यवस्थाएं उचित तरीके से मिल रही हैं। यहां से निकलने के बाद डा. कंबोज अस्पताल में बने आयुष विभाग में पहुंचे। यहां चिकित्सक व मरीजों से व्यवस्थाओं को लेकर पूछताछ की। यहां निरीक्षण के दौरान कुछ दवाओं की समस्या थी, जोकि पिछले कुछ समय से नहीं आ रही हैं। इस पर डा. कंबोज ने कहा कि वे विभाग को अवगत करवाएंगे।
नशा मुक्ति केंद्र में एक बेड पर लेटे मिले दो दो मरीज, केंद्र संचालक ने कहा अचानक बढ़ी संख्या
तत्पश्चात वे नशामुक्ति केंद्र में पहुंचे। यहां डिप्टी डायरेक्टर ने देखा कि केंद्र में एक-एक बेड पर दो-दो मरीज लेटे हुए हैं। सीएमओ व केंद्र के संचालक से उन्होंने पूछा कितने समय से मरीजों की संख्या में वृद्धि हो रही है। रोजाना नशे से ग्रसित कितने मरीज वार्ड में उपचार के लिए आ रहे हैं। इस पर केंद्र संचालक डा. पंकज शर्मा ने बताया कि पिछले करीब दो माह से मरीजों की संख्या में एकाएक बढ़ोत्तरी हुई। पूर्व में जहां सिर्फ मेडिकल नशा व पोस्त के नशे के आदी मरीज आ रहे थे। जिन्हें दाखिल करने की नौबत नहीं थी। लेकिन अब हेरोइन के आदी मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। जिसके कारण ये समस्या पैदा हुई है। बेडों की समस्या को लेकर उन्होंने विभाग को अवगत करवाया हुआ है। केंद्र में 22 बेड और मरीज 31 है। डॉ. कंबोज ने पूरी व्यवस्था को बारीकि से चैक किया। उन्होंने ब्लड जांच लैब में चिकित्सकों से उन्होंने काम के दौरान पेश आ रही समस्याओं बारे पूछताछ की। कुछ समस्याएं कर्मचारियों ने बताई। जिस पर डिप्टी डायरेक्टर ने उन्हें नोट किया। यहां से डिप्टी डायरेक्टर के साथ पूरी टीम सिविल सर्जन कायालय में चली गई। निरीक्षण के दौरान उनके साथ सिविल सर्जन डॉ. गोबिंद गुप्ता, एमएस डॉ. सुभाषिनी जैन, डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. वीरेश भूषण, डॉ. रोहताश, डॉ. संदीप गुप्ता मौजूद थे। निरीक्षण से पूर्व डॉ. कंबोज ने अस्पताल परिसर में स्टाफ सदस्यों के साथ पौधारोपण भी किया।
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ब्लॉक स्तर पर नशामुक्ति के उपचार को लेकर बनाया प्रपोजल: निरीक्षण के बाद डिप्टी डायरेक्टर ने सीएमओ कार्यालय में अधिकारियों की बैठक ली। बैठक में अस्पताल में बने नशामुक्ति केंद्र में बढ़ रही मरीजों की संख्या को लेकर विचार किया। चर्चा के बाद तय किया गया कि जिला के साथ-साथ ब्लॉक लेवल पर भी नशामुक्ति के मरीजों के लिए व्यवस्था की जाए। ताकि सिरसा में मरीजों की संख्या संतुलित रहे। इसके लिए सभी ने सहमति भी दी। इस पर डिप्टी डायरेक्टर ने कहा कि ब्लॉक स्तर पर उपचार को लेकर एक प्रपोजल बनाकर स्वास्थ्य मंत्री को भेजा जाएगा। ताकि मरीजों को उपचार में कोई दिक्कत न आए और स्टाफ को भी परेशानियों से दो-चार न होना पड़े। योजना के तहत जिले में स्थित पीएचसी व सीएचसी सेंटरों में तैनात डाक्टरों को नशा मुक्ति रोग विशेषज्ञ द्वारा प्रशिक्षित किया जाएगा। ताकि मरीज के लिए इलाज के लिए कोई दिक्कत न आए।
नशा मुक्ति केंद्र में मरीजों की वर्षवार स्थिति
2014 में 5000
2015 में 1500
2016 में कोई नहीं
2017 में 8400
2018 में 8500 सातवें महीने तक
कोट्स:
-स्वास्थ्य मंत्री के आदेशों पर प्रदेश के सिविल अस्पतालों का निरीक्षण किया जा रहा है। निर्देशों पर ही वे सिरसा पहुंचे हैं। निरीक्षण के दौरान कुछ समस्याएं सामने आई हैं। जिनकी रिपोर्ट बनाकर स्वास्थ्य मंत्री को भेजी जाएगी। नशामुक्ति केंद्र पर बढ़ती मरीजों की संख्या को देखते हुए ब्लॉक लेवल पर भी बेड उपलब्ध करवाकर मरीजों का ट्रीटमेंट करवाने का प्रपोजल स्वास्थ्य मंत्री को भेजा जाएगा। ताकि लोगों को सिरसा उपचार के लिए न आना पड़े।
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सिरसा। स्वास्थ्य विभाग के डिप्टी डायरेक्टर डा. सूरजभान कंबोज ने सोमवार को स्वास्थ्य मंत्री के निर्देशों पर जिला नागरिक अस्पताल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान डा. कंबोज ने अस्पताल में स्टाफ से समस्याएं जानी। डिप्टी डायरेक्टर ने जो समस्याएं मिली। उन्हें नोट किया, ताकि रिपोर्ट बनाकर स्वास्थ्य मंत्री को भेजी जा सके। सुबह साढ़े दस बजे डिप्टी डायरेक्टर डा. सूरजभान कंबोज जिला नागरिक अस्पताल में पहुंचे। सर्वप्रथम डिप्टी डायरेक्टर आपातकालीन विभाग में पहुंचे और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने वार्ड में दाखिल सभी मरीजों से एक-एक कर उपचार बारे पूछा। उन्होंने मरीजों से समय पर देखभाल, दवा व अन्य सेवाओं बारे बातचीत की।
मरीजों ने बताया कि उन्हें समय पर सभी व्यवस्थाएं उचित तरीके से मिल रही हैं। यहां से निकलने के बाद डा. कंबोज अस्पताल में बने आयुष विभाग में पहुंचे। यहां चिकित्सक व मरीजों से व्यवस्थाओं को लेकर पूछताछ की। यहां निरीक्षण के दौरान कुछ दवाओं की समस्या थी, जोकि पिछले कुछ समय से नहीं आ रही हैं। इस पर डा. कंबोज ने कहा कि वे विभाग को अवगत करवाएंगे।
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नशा मुक्ति केंद्र में एक बेड पर लेटे मिले दो दो मरीज, केंद्र संचालक ने कहा अचानक बढ़ी संख्या
तत्पश्चात वे नशामुक्ति केंद्र में पहुंचे। यहां डिप्टी डायरेक्टर ने देखा कि केंद्र में एक-एक बेड पर दो-दो मरीज लेटे हुए हैं। सीएमओ व केंद्र के संचालक से उन्होंने पूछा कितने समय से मरीजों की संख्या में वृद्धि हो रही है। रोजाना नशे से ग्रसित कितने मरीज वार्ड में उपचार के लिए आ रहे हैं। इस पर केंद्र संचालक डा. पंकज शर्मा ने बताया कि पिछले करीब दो माह से मरीजों की संख्या में एकाएक बढ़ोत्तरी हुई। पूर्व में जहां सिर्फ मेडिकल नशा व पोस्त के नशे के आदी मरीज आ रहे थे। जिन्हें दाखिल करने की नौबत नहीं थी। लेकिन अब हेरोइन के आदी मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। जिसके कारण ये समस्या पैदा हुई है। बेडों की समस्या को लेकर उन्होंने विभाग को अवगत करवाया हुआ है। केंद्र में 22 बेड और मरीज 31 है। डॉ. कंबोज ने पूरी व्यवस्था को बारीकि से चैक किया। उन्होंने ब्लड जांच लैब में चिकित्सकों से उन्होंने काम के दौरान पेश आ रही समस्याओं बारे पूछताछ की। कुछ समस्याएं कर्मचारियों ने बताई। जिस पर डिप्टी डायरेक्टर ने उन्हें नोट किया। यहां से डिप्टी डायरेक्टर के साथ पूरी टीम सिविल सर्जन कायालय में चली गई। निरीक्षण के दौरान उनके साथ सिविल सर्जन डॉ. गोबिंद गुप्ता, एमएस डॉ. सुभाषिनी जैन, डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. वीरेश भूषण, डॉ. रोहताश, डॉ. संदीप गुप्ता मौजूद थे। निरीक्षण से पूर्व डॉ. कंबोज ने अस्पताल परिसर में स्टाफ सदस्यों के साथ पौधारोपण भी किया।
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ब्लॉक स्तर पर नशामुक्ति के उपचार को लेकर बनाया प्रपोजल: निरीक्षण के बाद डिप्टी डायरेक्टर ने सीएमओ कार्यालय में अधिकारियों की बैठक ली। बैठक में अस्पताल में बने नशामुक्ति केंद्र में बढ़ रही मरीजों की संख्या को लेकर विचार किया। चर्चा के बाद तय किया गया कि जिला के साथ-साथ ब्लॉक लेवल पर भी नशामुक्ति के मरीजों के लिए व्यवस्था की जाए। ताकि सिरसा में मरीजों की संख्या संतुलित रहे। इसके लिए सभी ने सहमति भी दी। इस पर डिप्टी डायरेक्टर ने कहा कि ब्लॉक स्तर पर उपचार को लेकर एक प्रपोजल बनाकर स्वास्थ्य मंत्री को भेजा जाएगा। ताकि मरीजों को उपचार में कोई दिक्कत न आए और स्टाफ को भी परेशानियों से दो-चार न होना पड़े। योजना के तहत जिले में स्थित पीएचसी व सीएचसी सेंटरों में तैनात डाक्टरों को नशा मुक्ति रोग विशेषज्ञ द्वारा प्रशिक्षित किया जाएगा। ताकि मरीज के लिए इलाज के लिए कोई दिक्कत न आए।
नशा मुक्ति केंद्र में मरीजों की वर्षवार स्थिति
2014 में 5000
2015 में 1500
2016 में कोई नहीं
2017 में 8400
2018 में 8500 सातवें महीने तक
कोट्स:
-स्वास्थ्य मंत्री के आदेशों पर प्रदेश के सिविल अस्पतालों का निरीक्षण किया जा रहा है। निर्देशों पर ही वे सिरसा पहुंचे हैं। निरीक्षण के दौरान कुछ समस्याएं सामने आई हैं। जिनकी रिपोर्ट बनाकर स्वास्थ्य मंत्री को भेजी जाएगी। नशामुक्ति केंद्र पर बढ़ती मरीजों की संख्या को देखते हुए ब्लॉक लेवल पर भी बेड उपलब्ध करवाकर मरीजों का ट्रीटमेंट करवाने का प्रपोजल स्वास्थ्य मंत्री को भेजा जाएगा। ताकि लोगों को सिरसा उपचार के लिए न आना पड़े।