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रताखेड़ा खरीफ चैनल के पानी से अभी तक वंचित है तीन गांवों के किसान, 14 गांवों को मिल रहा है पानी

Thu, 06 Dec 2018 01:59 AM IST
Updated Thu, 06 Dec 2018 01:59 AM IST
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रताखेड़ा खरीफ चैनल के पानी से अभी तक वंचित है तीन गांवों के किसान, 14 गांवों को मिल रहा है पानी
रत्ताखेड़ा खरीफ चैनल के पानी से वंचित है तीन गांवों के किसान
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ओढां। रत्ताखेड़ा खरीफ चैनल नहर के लाभ गांव नुहियांवाली, राजपुरा व रत्ताखेड़ा के किसान अभी भी वंचित है। अधिकारी काफी समय से पानी की सुविधा के नाम पर किसानों को महज आश्वासन दे रहे हैं। इससे तीनों गांवों के किसानों में विभाग के प्रति रोष है।
जानकारी के अनुसार कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में रत्ताखेड़ा खरीफ चैनल स्वीकृत हुई थी। इस चैनल से 17 गांवों की करीब 26 हजार एकड़ भूमि सींची जाती है। गांव चामल से लेकर घुंकावाली रकबा तक रत्ताखेड़ा खरीफ चैनल का पानी पहुंच चुका है, लेकिन नुहियांवाली, राजपुरा व रत्ताखेड़ा तक पानी नहीं पहुंचा। इसकी वजह पंजाब जा रही तेल शोधक कारखाने की पाइप लाइन बताई जा रही है। नुहियांवाली के किसान सुनील कुमार, पाला राम, विनोद कुमार, सुल्तान राम, लालचंद ने बताया कि घुंकावाली रकबा क्षेत्र तक चैनल का पानी पहुंच चुका है, लेकिन उन्हें अभी तक सिंचाई पानी से वंचित रहना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि वे काफी बार अधिकारियों से गुहार लगा चुके हैं, लेकिन हर बार उन्हें आश्वासन देकर टरका दिया जाता है।
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26 हजार एकड़ भूमि होनी है लाभांवित
वर्ष 2010 में खरीफ चैनल स्वीकृत हुई थी। जिसके लिए 17 गांवों की करीब 226 एकड़ भूमि अधिग्रहण की गई। इसके निर्माण के लिए 71.79 करोड़ रूपये की राशि स्वीकृत की गई थी। करीब 46 किलोमीटर के क्षेत्र में बनने वाली खरीफ चैनल पर विभाग ने 2 हैड रेगूलेटर, 32 पुल, 11 चैनल क्रॉसिंग व करीब 209 खाल क्रॉसिंग बनाए गए। रत्ताखेड़ा खरीफ चैनल से करीब 25 हजार 702 एकड़ भूमि लाभांवित होगी।
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कांग्रेस के कार्यकाल में हमनें रत्ताखेड़ा, तिगड़ी व कालुआना खरीफ चैनल स्वीकृत करवाई थी, लेकिन भाजपा सरकार ने इन प्रोजेक्ट पर कोई रुचि नहीं दिखाई। इसी का नतीजा है कि तीन गांवों के किसान आज भी सिंचाई पानी से वंचित है। नुहियांवाली से घुंकावाली के मध्य जो सायफन की समस्या आ रही है, उसके लिए मैंने सबंधित विभाग व सरकार को कई बार अवगत करवा दिया, लेकिन कोई रुचि नहीं दिखाई जा रही।

डॉ. केवी सिंह, पूर्व ओएसडी
नुहियांवाली व घुंकावाली के मध्य तेल शोधक कारखाने की पाइप लाइन के नीचे से सायफन बनना है। कार्य में देरी की वजह पंजाब से स्वीकृति एवं कागजी कार्रवाई न होना है। कार्य के टेंडर हो चुके हैं और ड्राईंग भेजी जा चुकी है। उम्मीद है कि जल्द ही कार्य शुरू हो जाएगा।
राजेश गोदारा, अधीक्षक अभियंता (नहरी एवं सिंचाई विभाग)
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