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सूचना आयोग ने डीएसपी सीआईडी पंचकूला को किया तलब
Updated Sun, 23 Sep 2018 01:49 AM IST
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सूचना आयोग ने डीएसपी सीआईडी पंचकूला को किया तलब
सिरसा। बेगू रोड निवासी आरटीआई एक्टविस्ट व एडवोकेट पवन पारीक द्वारा किसी राजनीतिक हस्ती को रोष स्वरूप काले झंडे दिखाने के संदर्भ में मांगी गई सूचना उपलब्ध न करवाने पर राज्य सूचना आयोग ने डीएसपी सीआईडी पंचकूला को 25 सितंबर को तलब किया है। जून 2018 में एडवोकेट पवन पारीक ने मुख्य सचिव हरियाणा सरकार से आरटीआई के तहत जानकारी मांगी थी कि सरकार की ओर से किसी राजनीतिक हस्ती व विशिष्ट व्यक्ति को विरोध स्वरूप काले झंडे दिखाना अपराध की श्रेणी में है तो जानकारी दी जाए। मुख्य सचिव ने इसे डीजीपी हरियाणा को भेज दिया। डीजीपी ने भी इस बारे अनभिज्ञता जताते हुए इसे सीआईडी पंचकूला को भेज दिया। अब सीआईडी पंचकूला को सूचना आयोग ने 25 सितंबर को तलब किया है।
ये मांगी थी जानकारी:
सिरसा के आरटीआई कार्यकर्ता एडवोकेट पवन पारीक ने आरटीआई के तहत मांगी जानकारी में ये पूछा था कि राज्य सरकार के किसी नियमानुसार राज्य में किसी नागरिक द्वारा राज्य सरकार के प्रतिनिधि के तौर पर विधायक से लेकर मंत्री, मुख्यमंत्री या राज्यपाल को उसके आगमन पर रोष स्वरूप काले झंडे दिखाने के कृत्य को सरकार द्वारा अपराध घोषित किया गया है। राजनीतिक या विशिष्ट हस्ती को किसी नागरिक द्वारा काले झंडे दिखाने को सरकार के किन आदेशों के तहत अपराध घोषित किया गया है। संबंधित आदेशों की प्रतिलिपि उपलब्ध करवाई जाए। कृपया उन तमाम नियमों व सरकार की हिदायतों की सत्यापित कॉपी उपलब्ध करवाई जाए, जिनके तहत जिला प्रशासन व पुलिस जैसी सरकारी एजेंसियों को किसी नागरिक को किसी राजनीतिक या विशिष्ट हस्ती को रोष स्वरूप काले झंडे दिखाने से रोकने की कानूनी शक्तियां प्रदान करती हैं। 1 जनवरी 2010 से लेकर इस आवेदन के निपटारे की तिथि तक राज्य में किन-किन स्थानों पर कुल नागरिकों के खिलाफ किसी राजनीतिक या विशिष्ट हस्ती को काले झंडे दिखाने की एवज में आपराधिक मामले दर्ज किए जा चुके हैं। ये तमाम कार्रवाई किन नियमों के तहत की गई। क्या सरकार किसी नागरिक द्वारा किसी राजनीतिक या विशिष्ट हस्ती को रोष स्वरूप काले झंडे दिखाने के कृत्य को नागरिक की भावना व्यक्त करने का एक तरीका मानती है। यदि सरकार द्वारा नागरिकों को सरकार के प्रतिनिधि के तौर पर किसी राजनीति या विशिष्ट हस्ती को काले झंडे दिखाने को अपराध घोषित किया जा चुका है तो फिर सरकार द्वारा नागरिकों को सरकार के प्रति रोष प्रकट करते हुए अपनी भावना प्रकट करने के लिए क्या प्रभावी विकल्प प्रदान किया गया है। किसी राजनीतिक या विशिष्ट हस्ती को रोष स्वरूप काले झंडे दिखाने के कृत्य को आपराधिक कृत्य घोषित करने वाले नियमों व हिदायतों की सत्यापित प्रतिलिपि उपलब्ध करवाई जाए।
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सिरसा। बेगू रोड निवासी आरटीआई एक्टविस्ट व एडवोकेट पवन पारीक द्वारा किसी राजनीतिक हस्ती को रोष स्वरूप काले झंडे दिखाने के संदर्भ में मांगी गई सूचना उपलब्ध न करवाने पर राज्य सूचना आयोग ने डीएसपी सीआईडी पंचकूला को 25 सितंबर को तलब किया है। जून 2018 में एडवोकेट पवन पारीक ने मुख्य सचिव हरियाणा सरकार से आरटीआई के तहत जानकारी मांगी थी कि सरकार की ओर से किसी राजनीतिक हस्ती व विशिष्ट व्यक्ति को विरोध स्वरूप काले झंडे दिखाना अपराध की श्रेणी में है तो जानकारी दी जाए। मुख्य सचिव ने इसे डीजीपी हरियाणा को भेज दिया। डीजीपी ने भी इस बारे अनभिज्ञता जताते हुए इसे सीआईडी पंचकूला को भेज दिया। अब सीआईडी पंचकूला को सूचना आयोग ने 25 सितंबर को तलब किया है।
ये मांगी थी जानकारी:
सिरसा के आरटीआई कार्यकर्ता एडवोकेट पवन पारीक ने आरटीआई के तहत मांगी जानकारी में ये पूछा था कि राज्य सरकार के किसी नियमानुसार राज्य में किसी नागरिक द्वारा राज्य सरकार के प्रतिनिधि के तौर पर विधायक से लेकर मंत्री, मुख्यमंत्री या राज्यपाल को उसके आगमन पर रोष स्वरूप काले झंडे दिखाने के कृत्य को सरकार द्वारा अपराध घोषित किया गया है। राजनीतिक या विशिष्ट हस्ती को किसी नागरिक द्वारा काले झंडे दिखाने को सरकार के किन आदेशों के तहत अपराध घोषित किया गया है। संबंधित आदेशों की प्रतिलिपि उपलब्ध करवाई जाए। कृपया उन तमाम नियमों व सरकार की हिदायतों की सत्यापित कॉपी उपलब्ध करवाई जाए, जिनके तहत जिला प्रशासन व पुलिस जैसी सरकारी एजेंसियों को किसी नागरिक को किसी राजनीतिक या विशिष्ट हस्ती को रोष स्वरूप काले झंडे दिखाने से रोकने की कानूनी शक्तियां प्रदान करती हैं। 1 जनवरी 2010 से लेकर इस आवेदन के निपटारे की तिथि तक राज्य में किन-किन स्थानों पर कुल नागरिकों के खिलाफ किसी राजनीतिक या विशिष्ट हस्ती को काले झंडे दिखाने की एवज में आपराधिक मामले दर्ज किए जा चुके हैं। ये तमाम कार्रवाई किन नियमों के तहत की गई। क्या सरकार किसी नागरिक द्वारा किसी राजनीतिक या विशिष्ट हस्ती को रोष स्वरूप काले झंडे दिखाने के कृत्य को नागरिक की भावना व्यक्त करने का एक तरीका मानती है। यदि सरकार द्वारा नागरिकों को सरकार के प्रतिनिधि के तौर पर किसी राजनीति या विशिष्ट हस्ती को काले झंडे दिखाने को अपराध घोषित किया जा चुका है तो फिर सरकार द्वारा नागरिकों को सरकार के प्रति रोष प्रकट करते हुए अपनी भावना प्रकट करने के लिए क्या प्रभावी विकल्प प्रदान किया गया है। किसी राजनीतिक या विशिष्ट हस्ती को रोष स्वरूप काले झंडे दिखाने के कृत्य को आपराधिक कृत्य घोषित करने वाले नियमों व हिदायतों की सत्यापित प्रतिलिपि उपलब्ध करवाई जाए।
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