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सिरसा में बारिश और तेज हवा से गेहूं की फसल गिरी
Updated Tue, 10 Apr 2018 02:08 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा। जिलेभर में सोमवार सुबह तेज हवा और बारिश से पककर तैयार खड़ी गेहूं की फसल का कटाई का कार्य रुक गया। फसल को बारिश व आंधी से आंशिक नुकसान हुआ। वहीं, मंडियों में किसानों द्वारा बेचने के लिए लाया गया गेहूं और सरसों भीग गया। गेहूं की फसल पर चल रही रीपर व कंबाइनों के पहिए रुक गए। उधर, गांव टप्पी के निकट सोमवार सुबह जंडवाला सब माइनर के टूटने से किसानों की करीब 35 एकड़ गेहूं की फसल जलमग्न हो गई। किसानों ने बरबाद हुई फसल के मुआवजे की मांग की है।
सिरसा क्षेत्र में पांच एमएम बारिश, पंजुआना में तीन एमएम, कालांवाली में पांच एमएम, रोड़ी और बड़ागुढ़ा क्षेत्रों में चार एमएम बारिश दर्ज की गई। जिले में इस बार तीन लाख पांच हजार हेक्टेयर क्षेत्र गेहूं की बिजाई की गई है। किसानों का कहना है कि मौसम के तेवर बदलने से पककर तैयार खड़ी गेहूं की फसल में नुकसान की आशंका बढ़ गई है। अब तक तो कोई खास नुकसान नहीं है, लेकिन बारिश के साथ तेज हवा चलती है तो गेहूं की फसल जमीन पर बिछ जाएगी। सरसों और चने की फसल की कटाई लगभग हो चुकी है सरसों की फसल मंडियों में पड़ी भीग रही है। सरकार समय पर खरीद लेती तो सरसों नहीं भीगती।
जिले में गेहूं की फसल पककर तैयार खड़ी है, किसानों ने कटाई भी शुरू कर दी थी लेकिन सोमवार सुबह अचानक तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई। कहीं बूंदाबांदी और कहीं हल्की बारिश होती रही। जिससे किसानों को गेहूं की कटाई का कार्य रोकना पड़ा। हालांकि खेतों में खाली पड़ी जमीन में किसान कपास की बिजाई करने के लिए तैयार करने लगे हैं। खारियां, नाथूसरी चोपटा, गुडियाखेड़ा खरीद केंद्रों पर गेहूं की आवक शुरू हो गई, लेकिन अभी तक खरीद एजेंसियों का कार्य शुरू नहीं हो पाया है, जिसके कारण किसान अभी तक गेहूं को मंडियाें में लेकर आने से कतराने लगे है। सिरसा मंडी में करीब 100 क्ंिवटल सरसों की भीग गई।
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उधर, कृषि विभाग के एडीओ डॉ. बहादुर राम गोदारा का कहना है कि सरसों और चने की फसलों की कटाई तो लगभग हो चुकी है और गेहूं की फसल में बारिश से तो कोई नुकसान नहीं हुआ है हालांकि बारिश से कटाई कार्य रुक गया है।
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सिरसा। जिलेभर में सोमवार सुबह तेज हवा और बारिश से पककर तैयार खड़ी गेहूं की फसल का कटाई का कार्य रुक गया। फसल को बारिश व आंधी से आंशिक नुकसान हुआ। वहीं, मंडियों में किसानों द्वारा बेचने के लिए लाया गया गेहूं और सरसों भीग गया। गेहूं की फसल पर चल रही रीपर व कंबाइनों के पहिए रुक गए। उधर, गांव टप्पी के निकट सोमवार सुबह जंडवाला सब माइनर के टूटने से किसानों की करीब 35 एकड़ गेहूं की फसल जलमग्न हो गई। किसानों ने बरबाद हुई फसल के मुआवजे की मांग की है।
सिरसा क्षेत्र में पांच एमएम बारिश, पंजुआना में तीन एमएम, कालांवाली में पांच एमएम, रोड़ी और बड़ागुढ़ा क्षेत्रों में चार एमएम बारिश दर्ज की गई। जिले में इस बार तीन लाख पांच हजार हेक्टेयर क्षेत्र गेहूं की बिजाई की गई है। किसानों का कहना है कि मौसम के तेवर बदलने से पककर तैयार खड़ी गेहूं की फसल में नुकसान की आशंका बढ़ गई है। अब तक तो कोई खास नुकसान नहीं है, लेकिन बारिश के साथ तेज हवा चलती है तो गेहूं की फसल जमीन पर बिछ जाएगी। सरसों और चने की फसल की कटाई लगभग हो चुकी है सरसों की फसल मंडियों में पड़ी भीग रही है। सरकार समय पर खरीद लेती तो सरसों नहीं भीगती।
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जिले में गेहूं की फसल पककर तैयार खड़ी है, किसानों ने कटाई भी शुरू कर दी थी लेकिन सोमवार सुबह अचानक तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई। कहीं बूंदाबांदी और कहीं हल्की बारिश होती रही। जिससे किसानों को गेहूं की कटाई का कार्य रोकना पड़ा। हालांकि खेतों में खाली पड़ी जमीन में किसान कपास की बिजाई करने के लिए तैयार करने लगे हैं। खारियां, नाथूसरी चोपटा, गुडियाखेड़ा खरीद केंद्रों पर गेहूं की आवक शुरू हो गई, लेकिन अभी तक खरीद एजेंसियों का कार्य शुरू नहीं हो पाया है, जिसके कारण किसान अभी तक गेहूं को मंडियाें में लेकर आने से कतराने लगे है। सिरसा मंडी में करीब 100 क्ंिवटल सरसों की भीग गई।
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उधर, कृषि विभाग के एडीओ डॉ. बहादुर राम गोदारा का कहना है कि सरसों और चने की फसलों की कटाई तो लगभग हो चुकी है और गेहूं की फसल में बारिश से तो कोई नुकसान नहीं हुआ है हालांकि बारिश से कटाई कार्य रुक गया है।