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पेयजल के 26 में से 20 सैंपल मिले फेल कॉलिफोर्म बैक्टीरिया बिगाड़ रहा सेहत
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टयूवबेल से पानी के सैंपल लेते स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी। फाइल फोटो
- फोटो : Sirsa
अमनदीप कंबोज
सिरसा। गर्मी में पेयजल की मांग बढ़ गई है। चाहे सार्वजनिक स्थान पर नल का पानी हो या जलघरों व ट्यूबवेल से घरों में सप्लाई होने वाला पानी, लेकिन यह पानी आपकी सेहत बिगाड़ सकता है। इसका खुलासा स्वास्थ्य विभाग की जांच रिपोर्ट में हुआ है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिले के अलग-अलग स्थानों से लिए 26 सैंपल में से 20 सैंपल की रिपोर्ट फेल पाई है। इन सभी सैंपलों में कॉलिफोर्म बैक्टीरिया पाया गया है। जिससे लोगों उल्टी, दस्त, कैंसर और कई गंभीर बीमारियों से ग्रस्त हो सकते हैं।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से करीब एक माह पहले जिले के सरकारी कार्यालयों, जलघरों, ट्यूबवेलों और कॉलोनियों से पानी के सैंपल लिए गए। विभाग की ओर से कुल 26 सैंपल लिए गए, लेकिन अब इनमें से 20 सैंपल की रिपोर्ट फेल पाई है। इनमें नागरिक अस्पताल कांप्लेक्स, नागरिक अस्पताल के ट्यूबवेल, वुमेन पॉलिटेक्निक, ब्वॉयज पॉलिटेक्निक और अन्य कई सरकारी कार्यालयों से लिए सैंपल भी फेल पाए गए हैं। जिसमें स्वास्थ्य के लिए घातक कॉलिफोर्म बैक्टीरिया पाया गया है। इससे लोगों का स्वास्थ्य भी खराब हो रहा है। इसके पश्चात स्वास्थ्य विभाग ने संबंधित विभाग और कार्यालयों को पत्र भी जारी किया और पानी को स्वच्छ करने के लिए ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव करने के आदेश दिए हैं। हालांकि इन सभी सरकारी संस्थानों में हर रोज हजारों लोग काम के लिए पहुंचते है। गर्मी के कारण लोग पानी का सेवन भी अधिक करते हैं, लेकिन यहीं पानी उनके लिए घातक साबित हो सकता है।
जानिये....क्या है कॉलिफोर्म बैक्टीरिया, किस तरह की होती है बीमारियां
कॉलिफोर्म बैक्टीरिया एक जीवाणु होता है। यह जीवाणु प्रदूषित जल में पाया जाता है। प्रदूषित जल मनुष्य द्वारा ग्रहण करने पर यह उसकी आंत में रहने लगता है। इससे अनेक प्रकार की बीमारियां पैदा होती है। बैक्टीरिया युक्त पानी के सेवन से दांत, हड्डियों, पेट, पाचन तंत्र, चमड़ी रोग, कैंसर, डायरिया और अन्य कई प्रकार की गंभीर बीमारियां हो सकती हैं।
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इन स्थानों के फेल पाए गए पानी के सैंपल
नहराना, जीएसएसएस रघुआना, मल्लेकां प्राथमिक उपचार केंद्र, केलनियां मुख्य जलघर, केलनियां में सप्लाई होने वाला पानी, गंगा गांव का जलघर, डिंग का मुख्य जलघर, डिंग रोड, सब सेंटर जोधकां, शेरपुरा का मुख्य जलघर, तहसील कांप्लेक्स मंडी डबवाली, डबवाली मंडी बूस्टिंग स्टेशन, नागरिक अस्पताल का ट्यूबवेल, सिविल अस्पताल सिरसा, पॉलिटेक्निक वुमेन, पॉलिटेक्निक ब्वॉयज, ढाणी तेजा सिंह, रानियां रोड पर सप्लाई होने वाले पानी में घातक बैक्टीरिया पाया गया है।
दूषित पानी की सप्लाई होने मामले की शिकायत मिलने के बाद विभाग की ओर से अलग-अलग स्थानों से 26 सैंपल भरे गए थे। इनमें से 20 सैंपल की रिपोर्ट फेल पाई गई है। इसके बाद संबंधित विभाग को पत्र लिखा गया है और ब्लीचिंग पाउडर का इस्तेमाल करने के आदेश दिए हैं। बैक्टीरिया के कारण शरीर में कई तरह की बीमारियां होने का डर बना रहा है। - डॉ. हरसिमरण सिंह, मलेरिया अधिकारी, सिरसा।
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सिरसा। गर्मी में पेयजल की मांग बढ़ गई है। चाहे सार्वजनिक स्थान पर नल का पानी हो या जलघरों व ट्यूबवेल से घरों में सप्लाई होने वाला पानी, लेकिन यह पानी आपकी सेहत बिगाड़ सकता है। इसका खुलासा स्वास्थ्य विभाग की जांच रिपोर्ट में हुआ है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिले के अलग-अलग स्थानों से लिए 26 सैंपल में से 20 सैंपल की रिपोर्ट फेल पाई है। इन सभी सैंपलों में कॉलिफोर्म बैक्टीरिया पाया गया है। जिससे लोगों उल्टी, दस्त, कैंसर और कई गंभीर बीमारियों से ग्रस्त हो सकते हैं।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से करीब एक माह पहले जिले के सरकारी कार्यालयों, जलघरों, ट्यूबवेलों और कॉलोनियों से पानी के सैंपल लिए गए। विभाग की ओर से कुल 26 सैंपल लिए गए, लेकिन अब इनमें से 20 सैंपल की रिपोर्ट फेल पाई है। इनमें नागरिक अस्पताल कांप्लेक्स, नागरिक अस्पताल के ट्यूबवेल, वुमेन पॉलिटेक्निक, ब्वॉयज पॉलिटेक्निक और अन्य कई सरकारी कार्यालयों से लिए सैंपल भी फेल पाए गए हैं। जिसमें स्वास्थ्य के लिए घातक कॉलिफोर्म बैक्टीरिया पाया गया है। इससे लोगों का स्वास्थ्य भी खराब हो रहा है। इसके पश्चात स्वास्थ्य विभाग ने संबंधित विभाग और कार्यालयों को पत्र भी जारी किया और पानी को स्वच्छ करने के लिए ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव करने के आदेश दिए हैं। हालांकि इन सभी सरकारी संस्थानों में हर रोज हजारों लोग काम के लिए पहुंचते है। गर्मी के कारण लोग पानी का सेवन भी अधिक करते हैं, लेकिन यहीं पानी उनके लिए घातक साबित हो सकता है।
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जानिये....क्या है कॉलिफोर्म बैक्टीरिया, किस तरह की होती है बीमारियां
कॉलिफोर्म बैक्टीरिया एक जीवाणु होता है। यह जीवाणु प्रदूषित जल में पाया जाता है। प्रदूषित जल मनुष्य द्वारा ग्रहण करने पर यह उसकी आंत में रहने लगता है। इससे अनेक प्रकार की बीमारियां पैदा होती है। बैक्टीरिया युक्त पानी के सेवन से दांत, हड्डियों, पेट, पाचन तंत्र, चमड़ी रोग, कैंसर, डायरिया और अन्य कई प्रकार की गंभीर बीमारियां हो सकती हैं।
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इन स्थानों के फेल पाए गए पानी के सैंपल
नहराना, जीएसएसएस रघुआना, मल्लेकां प्राथमिक उपचार केंद्र, केलनियां मुख्य जलघर, केलनियां में सप्लाई होने वाला पानी, गंगा गांव का जलघर, डिंग का मुख्य जलघर, डिंग रोड, सब सेंटर जोधकां, शेरपुरा का मुख्य जलघर, तहसील कांप्लेक्स मंडी डबवाली, डबवाली मंडी बूस्टिंग स्टेशन, नागरिक अस्पताल का ट्यूबवेल, सिविल अस्पताल सिरसा, पॉलिटेक्निक वुमेन, पॉलिटेक्निक ब्वॉयज, ढाणी तेजा सिंह, रानियां रोड पर सप्लाई होने वाले पानी में घातक बैक्टीरिया पाया गया है।
दूषित पानी की सप्लाई होने मामले की शिकायत मिलने के बाद विभाग की ओर से अलग-अलग स्थानों से 26 सैंपल भरे गए थे। इनमें से 20 सैंपल की रिपोर्ट फेल पाई गई है। इसके बाद संबंधित विभाग को पत्र लिखा गया है और ब्लीचिंग पाउडर का इस्तेमाल करने के आदेश दिए हैं। बैक्टीरिया के कारण शरीर में कई तरह की बीमारियां होने का डर बना रहा है। - डॉ. हरसिमरण सिंह, मलेरिया अधिकारी, सिरसा।