{"_id":"5942c5f04f1c1bb6778b4611","slug":"191497548272-sirsa-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जीएसटी के विरोध में उतरे कपड़ा व्यापारी,","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जीएसटी के विरोध में उतरे कपड़ा व्यापारी,
Updated Thu, 15 Jun 2017 11:12 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जीएसटी के विरोध में कपड़ा व्यापारियों ने कीं दुकानें बंद
प्रदर्शन कर वित्तमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
डबवाली।
एक जुलाई से लागू होने वाले जीएसटी के तहत कपड़े पर पांच प्रतिशत जीएसटी लगाए जाने के विरोध में वीरवार को स्थानीय होलसेल और रिटेलर कपड़ा विक्रेताओं ने अपनी दुकानें बंद कर रोष जताया। केंद्र सरकार के खिलाफ रोष प्रदर्शन करते हुए प्रदर्शनकारी एसडीएम कार्यालय पहुंचे। जहां एसडीएम की अनुपस्थिति में कार्यालय के कार्यकारी कर्मचारी रामकुमार को वित्त मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में कपड़ा व्यापारियों का कहना है कि एक जुलाई से सरकार द्वारा कपड़े पर पांच प्रतिशत जीएसटी लागू किया जा रहा है। जो सरासर अनुचित है। सरकार का यह निर्णय कपड़ा व्यापारियों के साथ जनता के भी खिलाफ है। कपड़ा आम आदमी की जरूरत है और आजादी के बाद से किसी भी सरकार ने कपड़े पर कोई टैक्स नहीं लगाया। कपड़े का व्यापार करने वाले छोटे व्यापारी या फिर फेरी लगाने वाले हैं। कपड़े पर जीएसटी लागू होने के बाद लाखों लोगों की रोजी-रोटी पर संकट गहरा जाएगा। इसके अलावा जीएसटी कानून के तहत जिस प्रकार से व्यापारियों को औपचारिकताएं पूरी करने के लिए कहा जा रहा है वह सभी आम व्यापारी के बस की बात नहीं है। कपड़ा व्यापारी इसका विरोध करते हैं और जीएसटी के खिलाफ लामबंद हो गए हैं।
कपड़ा व्यापारियों का कहना है कि इससे एक और जहां महंगाई बढ़ेगी वही छोटे कारोबारियों को व्यापार करने में भी दिक्कत का सामना करना पड़ेगा। कपड़ा व्यापारियों ने मांग की है कि जनता के हित में जीएसटी के निर्णय को वापस लेकर कपड़े को पहले की तरह कर मुक्त रखा जाए, ताकि कपड़ा व्यापारी पहले की भांति स्वतंत्र रूप से अपना कारोबार कर सकें। इस मौके पर महाराजा अग्रसेन होलसेल क्लाथ मार्केट के व्यापारियों सहित भारी संख्या में स्थानीय कपड़ा व्यापारी मौजूद रहे।
विज्ञापन
फोटो:31:- डबवाली में वीरवार को एसडीएम कार्यालय के समक्ष जीएसटी को लेकर रोष प्रदर्शन करते कपड़ा व्यापारी।
फोटो:32:- डबवाली में वीरवार को जीएसटी के विरोध में बंद पड़ी महाराजा अग्रसेन होलसेल कपड़ा मार्केट।
विज्ञापन
प्रदर्शन कर वित्तमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
डबवाली।
एक जुलाई से लागू होने वाले जीएसटी के तहत कपड़े पर पांच प्रतिशत जीएसटी लगाए जाने के विरोध में वीरवार को स्थानीय होलसेल और रिटेलर कपड़ा विक्रेताओं ने अपनी दुकानें बंद कर रोष जताया। केंद्र सरकार के खिलाफ रोष प्रदर्शन करते हुए प्रदर्शनकारी एसडीएम कार्यालय पहुंचे। जहां एसडीएम की अनुपस्थिति में कार्यालय के कार्यकारी कर्मचारी रामकुमार को वित्त मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में कपड़ा व्यापारियों का कहना है कि एक जुलाई से सरकार द्वारा कपड़े पर पांच प्रतिशत जीएसटी लागू किया जा रहा है। जो सरासर अनुचित है। सरकार का यह निर्णय कपड़ा व्यापारियों के साथ जनता के भी खिलाफ है। कपड़ा आम आदमी की जरूरत है और आजादी के बाद से किसी भी सरकार ने कपड़े पर कोई टैक्स नहीं लगाया। कपड़े का व्यापार करने वाले छोटे व्यापारी या फिर फेरी लगाने वाले हैं। कपड़े पर जीएसटी लागू होने के बाद लाखों लोगों की रोजी-रोटी पर संकट गहरा जाएगा। इसके अलावा जीएसटी कानून के तहत जिस प्रकार से व्यापारियों को औपचारिकताएं पूरी करने के लिए कहा जा रहा है वह सभी आम व्यापारी के बस की बात नहीं है। कपड़ा व्यापारी इसका विरोध करते हैं और जीएसटी के खिलाफ लामबंद हो गए हैं।
विज्ञापन
कपड़ा व्यापारियों का कहना है कि इससे एक और जहां महंगाई बढ़ेगी वही छोटे कारोबारियों को व्यापार करने में भी दिक्कत का सामना करना पड़ेगा। कपड़ा व्यापारियों ने मांग की है कि जनता के हित में जीएसटी के निर्णय को वापस लेकर कपड़े को पहले की तरह कर मुक्त रखा जाए, ताकि कपड़ा व्यापारी पहले की भांति स्वतंत्र रूप से अपना कारोबार कर सकें। इस मौके पर महाराजा अग्रसेन होलसेल क्लाथ मार्केट के व्यापारियों सहित भारी संख्या में स्थानीय कपड़ा व्यापारी मौजूद रहे।
विज्ञापन
फोटो:31:- डबवाली में वीरवार को एसडीएम कार्यालय के समक्ष जीएसटी को लेकर रोष प्रदर्शन करते कपड़ा व्यापारी।
फोटो:32:- डबवाली में वीरवार को जीएसटी के विरोध में बंद पड़ी महाराजा अग्रसेन होलसेल कपड़ा मार्केट।