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ग्रामीणों बोले सामान्य मरीजों को कर देते हो रैफर तो फिर कैसा स्वास्थय केंद्र
Updated Tue, 10 Apr 2018 02:12 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
ओढां (सिरसा)।
ओढां के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों द्वारा ड्यूटी के प्रति लापरवाही बरतने और सामान्य मरीजों को रेफर करने को लेकर बिफरे ग्रामीणोें ने रोष प्रदर्शन करते हुए चिकि त्सकों को आड़े हाथों लिया। ग्रामीणों ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर चिकित्सकों ने अपने रवैये में सुधार नहीं किया तो वे अस्पताल को ताला लगा देंगे। काफी देर तक चले हंगामे के बाद डिप्टी सिविल सर्जन के समझाने उपरांत ग्रामीण शांत हुए। ग्रामीणों ने एसएमओ को स्वास्थ्य मंत्री के नाम ज्ञापन भी सौंपा।
दरअसल ओढां निवासी श्रीभगवान को उसके परिजन बीते दिन अस्पताल में उपचार के लिए लेकर आए थे। ड्यूटी पर तैनात सीताराम ने मरीज को आकर देखने की बजाय अपने क्वार्टर पर बैठे ही फोन पर स्टाफ को कहा कि मरीज को एक इंजेक्शन लगाकर रेफर कर दें। इस बात को लेकर सोमवार को काफी संख्या में ग्रामीण अस्पताल में पहुंच गए। वहीं रोष की सूचना के बाद एसएमओ व अन्य चिकित्सक समय पर ही अस्पताल में पहुंच गए। ग्रामीणों ने चिकित्सक स्टाफ पर ड्यूटी के प्रति लापरवाही, औपचारिकता व सामान्य मरीजों को रैफर करने के आरोप लगाते हुए उन्हें आड़े हाथों लिया। एसएमओ डॉ. भूषण गर्ग ने आक्रोशित लोगों को स्टाफ कम होने का हवाला दिया लेकिन ग्रामीणों ने कहा कि स्टाफ भले ही कम है लेकिन जो स्टाफ है वो भी अपनी ड्यूटी का सही तरीके से पालन नहीं कर रहा। इसी दौरान मौके पर पहुंचे डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. रोहताश वर्मा ने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत किया। उन्होंने चिकित्सकों से अपना रवैया बदलने की बात कहते हुए कहा कि चिकित्सक रेफर की वजाए इलाज करने में रुचि रखें।
ग्रामीण बोले, रेफरल हॉस्पिटल है
सरपंच प्रतिनिधि कृष्ण बैरवाल, पूर्व सरपंच दर्शन मलकाना, पलविंद्र सिंह चहल, नरेंद्र मल्हान, सुखदेव सिंह, करनैल सिंह ओढां और गुरनाम सिंह आदि ने डिप्टी सीएमओ रोहताश वर्मा को अवगत करवाया कि चिकित्सक अपनी ड्यूटी के प्रति समर्पित नहीं है। सामान्य मरीजों को रेफर कर दिया जाता है। ग्रामीणों ने डॉ. सीताराम की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि उक्त चिकित्सक ड्यूटी पर आने की बजाय क्वार्टर पर बैठकर ही मरीजों को फोन करके रेफर कर देता है। गौरतलब हो कि अस्पताल में सामान्य मरीजों को रेफर करने व चिकित्सकों के ड्यूटी पर न मिलने पर कई बार हंगामा हो चुका है। इसके अलावा चिकि त्सक सीताराम की कार्यशैली को लेकर भी कुछ समय पूर्व अस्पताल में काफी हंगामा हुआ था जिसके बाद उसे कुछ समय के लिए सिरसा डेपुटेशन पर भेज दिया गया था। ग्रामीणों ने एक शोर में कहा कि चिकित्सक अपना रवैया बदलें अन्यथा वे अगली बार ऐसी लापरवाही मिलने पर हॉस्पिटल को ताला लगाने को विवश हो जाएंगे।
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ये है अस्पताल की स्थिति
सीएचसी में आठ एमओ में से चार पद खाली, स्टाफ नर्स के आठ में से छह खाली, एएनएम के पांच में से तीन खाली, मलेरिया वर्कर के दोनों पद खाली, चतुर्थ श्रेणी के 16 में से 11 खाली, महिला चिकित्सक का एक पद खाली, स्वीपर के 4 में से 3 खाली, माली व चौकीदार का एक-एक पद खाली है। सीएचसी में रोजमर्रा की ओपीडी करीब ढाई सौ के आसपास होती है। जिसमें से डॉ. सुमित जैन के अकेले की ओपीडी 100 से डेढ़ सौ के बीच होती है। डॉ. जैन नेत्र विशेषज्ञ होने के साथ-साथ सामान्य ओपीडी भी देखते हैं।
नुहियांवाली में एएनएम का वेतन रोका
उधर, गांव नुहियांवाली मेें उप स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात एएनएम राजबाला द्वारा तीन मार्च से ड्यूटी से नदारद चलते एसएमओ ने उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजी है। एसएमओ भूषण गर्ग ने बताया कि राजबाला ने तीन दिन का अवकाश लिया था, लेकिन उसके बाद विभाग को उसकी कोई जानकारी नहीं है। अब उसे पुन: ड्यूटी ज्वाइन नहीं करने दी जाएगी। इसके लिए उच्चाधिकारियों से अनुमति लेनी होगी। फिलहाल उसका वेतन रोक दिया गया है।
स्टाफ की दिक्कत तो है, लेकिन जो स्टाफ है उसी से काम चलाना जरूरी है। लोगों की रेफर और ड्यूटी के प्रति लापरवाही की शिकायत है। जिसके लिए स्टाफ को अपना रवैया बदलने के निर्देश दिए गए हैं। कोई भी चिकित्सक बेवजह मरीज को रेफर नहीं करेगा। सभी चिकित्सक अपनी ड्यूटी के प्रति कोताही नहीं बरतेंगे।
-रोहताश वर्मा, डिप्टी सिविल सर्जन।
फोटो : 31:32:
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ओढां (सिरसा)।
ओढां के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों द्वारा ड्यूटी के प्रति लापरवाही बरतने और सामान्य मरीजों को रेफर करने को लेकर बिफरे ग्रामीणोें ने रोष प्रदर्शन करते हुए चिकि त्सकों को आड़े हाथों लिया। ग्रामीणों ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर चिकित्सकों ने अपने रवैये में सुधार नहीं किया तो वे अस्पताल को ताला लगा देंगे। काफी देर तक चले हंगामे के बाद डिप्टी सिविल सर्जन के समझाने उपरांत ग्रामीण शांत हुए। ग्रामीणों ने एसएमओ को स्वास्थ्य मंत्री के नाम ज्ञापन भी सौंपा।
दरअसल ओढां निवासी श्रीभगवान को उसके परिजन बीते दिन अस्पताल में उपचार के लिए लेकर आए थे। ड्यूटी पर तैनात सीताराम ने मरीज को आकर देखने की बजाय अपने क्वार्टर पर बैठे ही फोन पर स्टाफ को कहा कि मरीज को एक इंजेक्शन लगाकर रेफर कर दें। इस बात को लेकर सोमवार को काफी संख्या में ग्रामीण अस्पताल में पहुंच गए। वहीं रोष की सूचना के बाद एसएमओ व अन्य चिकित्सक समय पर ही अस्पताल में पहुंच गए। ग्रामीणों ने चिकित्सक स्टाफ पर ड्यूटी के प्रति लापरवाही, औपचारिकता व सामान्य मरीजों को रैफर करने के आरोप लगाते हुए उन्हें आड़े हाथों लिया। एसएमओ डॉ. भूषण गर्ग ने आक्रोशित लोगों को स्टाफ कम होने का हवाला दिया लेकिन ग्रामीणों ने कहा कि स्टाफ भले ही कम है लेकिन जो स्टाफ है वो भी अपनी ड्यूटी का सही तरीके से पालन नहीं कर रहा। इसी दौरान मौके पर पहुंचे डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. रोहताश वर्मा ने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत किया। उन्होंने चिकित्सकों से अपना रवैया बदलने की बात कहते हुए कहा कि चिकित्सक रेफर की वजाए इलाज करने में रुचि रखें।
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ग्रामीण बोले, रेफरल हॉस्पिटल है
सरपंच प्रतिनिधि कृष्ण बैरवाल, पूर्व सरपंच दर्शन मलकाना, पलविंद्र सिंह चहल, नरेंद्र मल्हान, सुखदेव सिंह, करनैल सिंह ओढां और गुरनाम सिंह आदि ने डिप्टी सीएमओ रोहताश वर्मा को अवगत करवाया कि चिकित्सक अपनी ड्यूटी के प्रति समर्पित नहीं है। सामान्य मरीजों को रेफर कर दिया जाता है। ग्रामीणों ने डॉ. सीताराम की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि उक्त चिकित्सक ड्यूटी पर आने की बजाय क्वार्टर पर बैठकर ही मरीजों को फोन करके रेफर कर देता है। गौरतलब हो कि अस्पताल में सामान्य मरीजों को रेफर करने व चिकित्सकों के ड्यूटी पर न मिलने पर कई बार हंगामा हो चुका है। इसके अलावा चिकि त्सक सीताराम की कार्यशैली को लेकर भी कुछ समय पूर्व अस्पताल में काफी हंगामा हुआ था जिसके बाद उसे कुछ समय के लिए सिरसा डेपुटेशन पर भेज दिया गया था। ग्रामीणों ने एक शोर में कहा कि चिकित्सक अपना रवैया बदलें अन्यथा वे अगली बार ऐसी लापरवाही मिलने पर हॉस्पिटल को ताला लगाने को विवश हो जाएंगे।
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ये है अस्पताल की स्थिति
सीएचसी में आठ एमओ में से चार पद खाली, स्टाफ नर्स के आठ में से छह खाली, एएनएम के पांच में से तीन खाली, मलेरिया वर्कर के दोनों पद खाली, चतुर्थ श्रेणी के 16 में से 11 खाली, महिला चिकित्सक का एक पद खाली, स्वीपर के 4 में से 3 खाली, माली व चौकीदार का एक-एक पद खाली है। सीएचसी में रोजमर्रा की ओपीडी करीब ढाई सौ के आसपास होती है। जिसमें से डॉ. सुमित जैन के अकेले की ओपीडी 100 से डेढ़ सौ के बीच होती है। डॉ. जैन नेत्र विशेषज्ञ होने के साथ-साथ सामान्य ओपीडी भी देखते हैं।
नुहियांवाली में एएनएम का वेतन रोका
उधर, गांव नुहियांवाली मेें उप स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात एएनएम राजबाला द्वारा तीन मार्च से ड्यूटी से नदारद चलते एसएमओ ने उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजी है। एसएमओ भूषण गर्ग ने बताया कि राजबाला ने तीन दिन का अवकाश लिया था, लेकिन उसके बाद विभाग को उसकी कोई जानकारी नहीं है। अब उसे पुन: ड्यूटी ज्वाइन नहीं करने दी जाएगी। इसके लिए उच्चाधिकारियों से अनुमति लेनी होगी। फिलहाल उसका वेतन रोक दिया गया है।
स्टाफ की दिक्कत तो है, लेकिन जो स्टाफ है उसी से काम चलाना जरूरी है। लोगों की रेफर और ड्यूटी के प्रति लापरवाही की शिकायत है। जिसके लिए स्टाफ को अपना रवैया बदलने के निर्देश दिए गए हैं। कोई भी चिकित्सक बेवजह मरीज को रेफर नहीं करेगा। सभी चिकित्सक अपनी ड्यूटी के प्रति कोताही नहीं बरतेंगे।
-रोहताश वर्मा, डिप्टी सिविल सर्जन।
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