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एनएचएम कर्मियों की हड़ताल आठवें दिन भी रही जारी
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अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा। एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल मंगलवार आठवें दिन सिविल अस्पताल परिसर में जारी रही। हड़ताली कर्मचारियों ने दोपहर को अपने खून से पत्र लिखकर सीएम को भेजा। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। हड़ताल का असर स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ रहा है।
इस मौके पर जिला प्रधान कुंदन गावड़िया ने कहा कि कर्मचारियों की लंबित मांगों को पूरा करना विभाग के अधिकारियों के बस की बात नहीं है क्योंकि ये सरकार के स्तर का मामला है। सरकार चाहे तो कुछ ही समय में समस्या का समाधान हो सकता है। अधिकारियों के साथ पूर्व में भी कई बार बातचीत हो चुकी है लेकिन हर बार सिवाय आश्वासन के कुछ नहीं मिला है। इस बार उन्होंने सरकार से आर पार की लड़ाई ठान ली है। गावड़िया ने कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा बीती 1 जनवरी 2018 से एनएचएम सेवा नियम लागू किए गए थे। जिसके तहत कर्मचारियों को पे-स्केल के तहत वेतन निर्धारित किए गए थे। परंतु अधिकारियों के मनमाने रवैये के चलते कर्मचारियों को पिछले 8 माह से वेतन भी प्रदान नहीं किया जा रहा है। एनएचएम कर्मचारी पिछले 20 सालों से लगातार अपनी सेवा स्वास्थ्य विभाग में जनहित को प्रदान कर रहे हैं जिसके कारण लगभग कर्मचारी ओवर एज हो गए हैं जिससे वे किसी अन्य नौकरी को भी अप्लाई करने में असक्षम हैं। इस मौके पर डॉ. अतुल गिजवानी, अंशु मुंजाल, कमल कक्कड़, अनिल मलिक, सुरेंद्र बेनीवाल, कविंद्र अरोड़ा, डॉ. राजप्रीत बराड़, सीमा रानी, कवितारानी, माही, सुमन, पूनम सहित अन्य कर्मचारी मौजूद थे।
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सिरसा। एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल मंगलवार आठवें दिन सिविल अस्पताल परिसर में जारी रही। हड़ताली कर्मचारियों ने दोपहर को अपने खून से पत्र लिखकर सीएम को भेजा। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। हड़ताल का असर स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ रहा है।
इस मौके पर जिला प्रधान कुंदन गावड़िया ने कहा कि कर्मचारियों की लंबित मांगों को पूरा करना विभाग के अधिकारियों के बस की बात नहीं है क्योंकि ये सरकार के स्तर का मामला है। सरकार चाहे तो कुछ ही समय में समस्या का समाधान हो सकता है। अधिकारियों के साथ पूर्व में भी कई बार बातचीत हो चुकी है लेकिन हर बार सिवाय आश्वासन के कुछ नहीं मिला है। इस बार उन्होंने सरकार से आर पार की लड़ाई ठान ली है। गावड़िया ने कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा बीती 1 जनवरी 2018 से एनएचएम सेवा नियम लागू किए गए थे। जिसके तहत कर्मचारियों को पे-स्केल के तहत वेतन निर्धारित किए गए थे। परंतु अधिकारियों के मनमाने रवैये के चलते कर्मचारियों को पिछले 8 माह से वेतन भी प्रदान नहीं किया जा रहा है। एनएचएम कर्मचारी पिछले 20 सालों से लगातार अपनी सेवा स्वास्थ्य विभाग में जनहित को प्रदान कर रहे हैं जिसके कारण लगभग कर्मचारी ओवर एज हो गए हैं जिससे वे किसी अन्य नौकरी को भी अप्लाई करने में असक्षम हैं। इस मौके पर डॉ. अतुल गिजवानी, अंशु मुंजाल, कमल कक्कड़, अनिल मलिक, सुरेंद्र बेनीवाल, कविंद्र अरोड़ा, डॉ. राजप्रीत बराड़, सीमा रानी, कवितारानी, माही, सुमन, पूनम सहित अन्य कर्मचारी मौजूद थे।
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