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मां ने अपनी ही बेटियों के खिलाफ खटखटाया सीएम विंडो का दरवाजा
Updated Thu, 12 Jul 2018 02:32 AM IST
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मां ने अपनी ही बेटियों के खिलाफ खटखटाया सीएम विंडो का दरवाजा
अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा। जिला के गांव केरांवाली निवासी एक वृद्धा ने सीएम विंडो खटखटाकर अपनी ही बेटियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
सावित्री देवी पत्नी महेंद्र सिंह ने सीएम को लिखे पत्र में बताया कि वह अपनी ही बेटियों के जुल्म की मारी है और इन दिनों नागरिक अस्पताल के निकट खुले आसमान के नीचे रहकर गुजर बसर कर रही है। महिला ने बताया कि उसके पति के नाम पर गांव केरांवाली में करीब साढ़े 3 एकड़ और गांव दड़बा कलां में सवा एकड़ भूमि थी। उसका पुश्तैनी मकान भी गांव केरांवाली गांव में है। आरोप है कि उसकी विवाहिता पुत्रियों ने अपने पिता महेंद्र सिंह को नशे का आदी बनाकर उसकी रजामंदी के बगैर जमीन को बेच डाला। जब उसने विरोध किया तो उसे गुंडा तत्वों की मदद से मारपीट कर भगा दिया गया। पिछले कई सालों से वह कभी रेलवे स्टेशन और कभी अस्पताल के बाहर जीवन बसर कर रही है। अपनी बेटियों और गुंडा तत्वों के खिलाफ दर्जनों बार शिकायत कर चुकी है। लेकिन उसकी कहीं सुनवाई नहीं की गई और उसे न्याय नहीं दिया गया। वृद्धा ने अपनी शिकायत में बताया कि सीएम विंडो पर की गई शिकायत के मामले में राजीनामा करने पर आरोपियों ने पंचायत और पुलिस के समक्ष उसे 3300 रुपये मासिक मासिक खर्च देना स्वीकार किया था। पांच माह तक उसे खर्च भी बैंक खाते में दिया गया। इसके बाद खर्चा बंद कर दिया गया। अब आरोपी उसे धमका रहे हैं।
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अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा। जिला के गांव केरांवाली निवासी एक वृद्धा ने सीएम विंडो खटखटाकर अपनी ही बेटियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
सावित्री देवी पत्नी महेंद्र सिंह ने सीएम को लिखे पत्र में बताया कि वह अपनी ही बेटियों के जुल्म की मारी है और इन दिनों नागरिक अस्पताल के निकट खुले आसमान के नीचे रहकर गुजर बसर कर रही है। महिला ने बताया कि उसके पति के नाम पर गांव केरांवाली में करीब साढ़े 3 एकड़ और गांव दड़बा कलां में सवा एकड़ भूमि थी। उसका पुश्तैनी मकान भी गांव केरांवाली गांव में है। आरोप है कि उसकी विवाहिता पुत्रियों ने अपने पिता महेंद्र सिंह को नशे का आदी बनाकर उसकी रजामंदी के बगैर जमीन को बेच डाला। जब उसने विरोध किया तो उसे गुंडा तत्वों की मदद से मारपीट कर भगा दिया गया। पिछले कई सालों से वह कभी रेलवे स्टेशन और कभी अस्पताल के बाहर जीवन बसर कर रही है। अपनी बेटियों और गुंडा तत्वों के खिलाफ दर्जनों बार शिकायत कर चुकी है। लेकिन उसकी कहीं सुनवाई नहीं की गई और उसे न्याय नहीं दिया गया। वृद्धा ने अपनी शिकायत में बताया कि सीएम विंडो पर की गई शिकायत के मामले में राजीनामा करने पर आरोपियों ने पंचायत और पुलिस के समक्ष उसे 3300 रुपये मासिक मासिक खर्च देना स्वीकार किया था। पांच माह तक उसे खर्च भी बैंक खाते में दिया गया। इसके बाद खर्चा बंद कर दिया गया। अब आरोपी उसे धमका रहे हैं।