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प्रशासन ने किसानों को लिखित में नौ जुलाई तक समस्याओं के समाधान का दिया आश्वासन
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सिरसा। गिगोरानी माइनर में टेल तक पानी न पहुंचने के मामले में रविवार को किसानों का पांच सदस्यीय एक प्रतिनिधिमंडल डीसी से मिला। डीसी के आश्वासनों से किसान संतुष्ट दिखाई दिए। किसानों को लिखित में दिया गया कि उनकी समस्या का समाधान नौ जुलाई तक कर दिया जाएगा।
इस मामले में सिंचाई विभाग अथवा अन्य कोई भी विभाग का अधिकारी अगर भ्रष्टाचार में संलिप्त पाया जाता है तो उस पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। रविवार को अखिल भारतीय स्वामीनाथन समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष विकल पचार ने बताया कि उनके पास संदेश आया कि वे गिगोरानी माइनर के मामले में वे पांच किसानों को लेकर सिरसा उपायुक्त अशोक गर्ग से मिलें। रविवार दोपहर 12 बजे विकल पचार, किसान रामचंद्र, विनोद, माईधन, रतन, दलीप, इमलाल, अशोक तथा विजय उपायुक्त के पास पहुंचे। उपायुक्त कार्यालय में सिंचाई विभाग के अधिकारी तथा सिरसा एसडीएम विरेंद्र चौधरी मौजूद थे। किसानों के साथ उपायुक्त की तीन घंटे की बैठक में उपायुक्त ने लिखित में समझौता पत्र दिया कि नौ जुलाई तक उनकी नहर में पानी अंतिम टेल तक पहुंच जाएगा। भ्रष्टाचार को लेकर उपायुक्त ने एसडीएम विरेंद्र चौधरी की अध्यक्षता में पांच सदस्यों की टीम बनाई है जो जांच करेगी की कौन अधिकारी भ्रष्ट हैं तथा जांच के बाद अगर कोई पाया गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पांच सदस्यीय टीम में तीन अधिकारी तथा दो किसान विजय तथा सुभाष शामिल हैं। उपायुक्त से आश्वासन मिलने के बाद किसानों ने कहा कि वे यदि नौ जुलाई तक उनकी नहर में पानी नहीं आया तो वे अपना धरना दोबारा भी शुरू कर सकते हैं। बतां दे कि शनिवार को एसडीएम विरेंद्र चौधरी ने गिगोरानी माइनर पर किसानों से बातचीत करके उन्हें वार्ता के लिए मनाया था।
ये था मामला
नहरी पानी की कमी झेल रहे गिगोरानी, खेड़ी, जसानियां, गुसाईयाना, रामपुरा, कागदाना तथा आस पास के अन्य 10 गांव जो नहरी पानी किल्लत से परेशान है। इन गांवों के किसानों का कहना है कि गिगोरानी माइनर में जो अंतिम टेल पर गांव है वहां तक नहर का पानी नहीं पहुंच पा रहा है। जिसको लेकर किसान बीते वीरवार से नहर में बैठकर धरना दे रहे थे। किसानों का आरोप था कि माइनर के टेल तक पानी पहुंचानेे तथा नहरों की रिमॉडलिंग के दौरान ठेकेदारों तथा अधिकारियों की मिलीभगत से हुए भ्रष्टाचार की अभी तक जांच नहीं हुई है।
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इस मामले में सिंचाई विभाग अथवा अन्य कोई भी विभाग का अधिकारी अगर भ्रष्टाचार में संलिप्त पाया जाता है तो उस पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। रविवार को अखिल भारतीय स्वामीनाथन समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष विकल पचार ने बताया कि उनके पास संदेश आया कि वे गिगोरानी माइनर के मामले में वे पांच किसानों को लेकर सिरसा उपायुक्त अशोक गर्ग से मिलें। रविवार दोपहर 12 बजे विकल पचार, किसान रामचंद्र, विनोद, माईधन, रतन, दलीप, इमलाल, अशोक तथा विजय उपायुक्त के पास पहुंचे। उपायुक्त कार्यालय में सिंचाई विभाग के अधिकारी तथा सिरसा एसडीएम विरेंद्र चौधरी मौजूद थे। किसानों के साथ उपायुक्त की तीन घंटे की बैठक में उपायुक्त ने लिखित में समझौता पत्र दिया कि नौ जुलाई तक उनकी नहर में पानी अंतिम टेल तक पहुंच जाएगा। भ्रष्टाचार को लेकर उपायुक्त ने एसडीएम विरेंद्र चौधरी की अध्यक्षता में पांच सदस्यों की टीम बनाई है जो जांच करेगी की कौन अधिकारी भ्रष्ट हैं तथा जांच के बाद अगर कोई पाया गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पांच सदस्यीय टीम में तीन अधिकारी तथा दो किसान विजय तथा सुभाष शामिल हैं। उपायुक्त से आश्वासन मिलने के बाद किसानों ने कहा कि वे यदि नौ जुलाई तक उनकी नहर में पानी नहीं आया तो वे अपना धरना दोबारा भी शुरू कर सकते हैं। बतां दे कि शनिवार को एसडीएम विरेंद्र चौधरी ने गिगोरानी माइनर पर किसानों से बातचीत करके उन्हें वार्ता के लिए मनाया था।
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ये था मामला
नहरी पानी की कमी झेल रहे गिगोरानी, खेड़ी, जसानियां, गुसाईयाना, रामपुरा, कागदाना तथा आस पास के अन्य 10 गांव जो नहरी पानी किल्लत से परेशान है। इन गांवों के किसानों का कहना है कि गिगोरानी माइनर में जो अंतिम टेल पर गांव है वहां तक नहर का पानी नहीं पहुंच पा रहा है। जिसको लेकर किसान बीते वीरवार से नहर में बैठकर धरना दे रहे थे। किसानों का आरोप था कि माइनर के टेल तक पानी पहुंचानेे तथा नहरों की रिमॉडलिंग के दौरान ठेकेदारों तथा अधिकारियों की मिलीभगत से हुए भ्रष्टाचार की अभी तक जांच नहीं हुई है।
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