फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sirsa News ›   घग्घर नदी में पांच किलो मीटर में जमी जलकुंभी मचा सकती है तबाही

घग्घर नदी में पांच किलो मीटर में जमी जलकुंभी मचा सकती है तबाही

Sat, 08 Jul 2017 12:20 AM IST
Updated Sat, 08 Jul 2017 12:20 AM IST
विज्ञापन
घग्घर नदी में पांच किलो मीटर में जमी जलकुंभी  मचा सकती है तबाही
महेंद्र घणघस
विज्ञापन

सिरसा।
अगर अब घग्घर नदी में पानी आ गया तो जिलेभर में तबाही मच सकती है। जी हां गांव झोरड़नाली के पास घग्घर नदी में पांच किलोमीटर तक जलकुंभी (केली) जमा हो गई है। पानी आ जाए इससे पूर्व जलकुंभी को निकालना आवश्यक है। इसलिए प्रशासन ने जलकुंभी निकलवाने का कार्य शुरू करवा दिया है। ये केली पंजाब और हिमाचल प्रदेश से पानी में बहकर आई थी जो यहां जमा हो गई है। हालांकि बाढ राहत कार्यों के तहत घग्घर जल सेवाएं मंडल की ओर से तैयारियां कर ली गई थी पर पिछले सप्ताह घग्घर में आए पानी के साथ काफी मात्रा में जलकुंभी बहकर आ गई जो गांव झोरड़नाली के निकट करीब पांच किलोमीटर क्षेत्र में जमा हो गई है।
घग्घर में बाढ़ की संभावना को लेकर एक जुलाई से 30 सितंबर तक अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी रोटेट होती रहेगी। इस अवधि के दौरान सिंचाई विभाग में कंट्रोल रूम की स्थापना भी की गई है जो 24 घंटे खुला रहेगा। पंजाब सीमा से लेकर राजस्थान सीमा तक जिले के क्षेत्र में चार लाख फुट क्षेत्र में तटबंध है। इस बांध पर किसानाें ने जगह-जगह पर रैंप बना रखे हैं। बांध के नीचे से सवा पांच सौ पाइप लाइन निकाली हुई हैं। बाढ़ आने पर पाइप लाइन के साथ लीकेज की संभावना रहती है। वर्ष 2010 में भी पाइप लाइन की लीकेज के कारण बांध टूटा था जिसके बाद घग्घर ने खूब तबाही मचाई थी। हर वर्ष होने वाली बरसातों के कारण भी मिट्टी का रिसाव होने के कारण तटबांध कमजोर हो रहे हैं। विभाग द्वारा जून माह में तटबंधों की मजबूती के लिए मिट्टी डलवाई गई है। इसके अलावा सफाई के लिए मनरेगा के मजदूर न मिलने के कारण तटबंधों पर उगे झाड़ आदि को साफ पूरी तरह से नहीं किया जा सका है। प्रशासन घग्घर की बाढ की संभावना को लेकर सतर्क दिखाई दे रहा है। उपायुक्त शरणदीप कौर बराड़ ने कई बार तटबंधों का निरीक्षण किया है।
विज्ञापन

कर्मचारियों की है कमी
घग्घर मंडल में कर्मचारियों की भारी कमी है। एक-तिहाई कर्मचारी कम हैं। हर तीन किलो मीटर की दूरी के अनुसार एक बेलदार होना चाहिए लेकिन अब 10 किलोमीटर से भी अधिक क्षेत्र बेलदार के पास है। इसी प्रकार 21 जेई के पदों की जगह मात्र चार जेई हैं। तकनीकी और फिल्ड स्टॉफ की कमी के कारण तटबंध की सही देखभाल नहीं हो पाती।
विज्ञापन
विज्ञापन

जलकुंभी निकालने का कार्य शुरू हो चुका है : भोला
घग्घर जल सेवाएं मंडल के कार्यकारी अभियंता एनके भोला ने कहा कि बाढ़ प्रबंधन की तैयारियां पहले से ही शुरू कर दी गई थी। तटबंधों की मजबूतीकरण का कार्य पूरा हो चुका है। जहां पर रैंप हैं वहां से किसान रोज के कार्यों के लिए गुजरते हैं इसलिए पानी आने से तीन दिन पूर्व इन रैंप में मिट्टी भरवा दी जाएगी। बाढ़ संभावित अवधि के दौरान कर्मचारियों की मुस्तैदी बढ़ा दी है। जलकुंभी जमा हुई है वहां पर खास नजर रखी जा रही है।
12 हजार क्यूसिक से अधिक होते ही पानी आ जाएगा नदी से बाहर
घग्घर नदी के अंदर 12 हजार क्यूसिक पानी बह सकता है। इससे अधिक पानी होते ही बाहर आ जाएगा और तटबंधों से सट जाएगा। उसके बाद जितना पानी बढ़ता जाएगा खतरा उतना ही अधिक हो जाता है। वर्ष 2010 में 26 हजार क्यूसिक पानी घग्घर में आया था जिसने जिले के अनेक गांवों में कहर बरपा दिया था।

घग्घर में कब-कब आई भयंकर बाढ़
वर्ष क्यूसिक पानी
1962 37845
1988 35678
1993 42048
1995 41142
2010 25920
--------------------
ये भी हैं तैयारियां
घग्घर नदी की बाढ़ की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने कमर कस ली है। बाढ़ राहत कार्यों के मुख्य निरीक्षक रणजीत सोखल ने बताया कि बाढ़ की संभावना को लेकर तैयारी कर ली गई है। इसके तहत 11 किश्ती, पांच ओबीएम, दो ऑक्सिजन सिलेंडर, 80 लाइफ जैकेट आदि की व्यवस्था की गई है। इसी प्रकार तीन गोताखोर पूरे सीजन में मुस्तैद रहेंगे। दो ट्यूब लाइट मंगवाई गई हैं जो बिजली न होने की स्थिति में काफी क्षेत्र में रोशनी कर सकेंगी।
---------------------------------------------------
घग्घर नदी में पांच किलोमीटर में जमी जलकुंभी मचा सकती है तबाही
प्रशासन की सांसे थमी, जलकुंभी निकलवाने का कार्य करवाया शुरू


फोटो:07एसआईआरपी14: सिरसा लघुसचिवालय परिसर में स्थित बाढ़ नियंत्रण कक्ष में रखी नाव, जरूरत पड़ने पर भेजी जाएंगी गांव में।
फोटो:07एसआईआरपी15: सिरसा ओटू हैड पर घग्घर नदी में आया बरसाती पानी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed