{"_id":"59399f3b4f1c1b5b5a8b4589","slug":"141496948539-sirsa-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"झमाझम बरसे बदरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
झमाझम बरसे बदरा
Updated Fri, 09 Jun 2017 12:32 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा।
जिले में बुधवार के बाद वीरवार को भी इंद्रदेव पूरी तरह से मेहरबान रहे। बरसात होने से मौसम सुहाना हो गया। वहीं शहर में हुई 38 एमएम बरसात ने प्रशासन की व्यवस्था को भी उजागर कर दिया। बरसात के पानी से सभी मार्गों व कॉलोनियों में जल भराव हो गया और शहर तालाब में तबदील हो गया। प्रशासन अब भी नहीं जागा तो मानसून के दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है। क्योंकि कि न तो पानी की निकासी के कोई प्रबंध किए गए हैं और न ही नालों और सीवरेज की सफाई की गई है। जिसके कारण जलबराव हो जाता है। बरासत के कारण वीरवार को जलभराव से नगर में पूरे दिन यातायात जाम की स्थिति रही।
आज अल सुबह उसी समय बरसात शुरू हुई जिस समय बुधवार को शुरू हुई थी। बुधवार को शहर में पांच एमएम बरसात हुई थी जबकि वीरवार को बदरा जमकर बरसे और 38 एमएम बरसात रिकॉर्ड की गई। उमड़-घुमड़कर आए बादल खूब बरसे। बरसात से जहां तापमान में एकाएक बड़ी कमी दर्ज हुई। वहीं पानी लोगों के लिए आफत बन गया। सड़कें पूरी तरह जलमग्न रही। शहर के अंबेडकर चौक, ओवरब्रिज से नीचे, बाल भवन रोड, हुडा चौक, शिव चौक, गोल डिग्गी चौक, परशुराम चौक सहित शहर के हर मुख्य-चौराहों पर पानी ही पानी नजर आया। शहर के नीचले इलाकों में पानी भर गया। यहां तक कि कई मकानों व दुकानों में भी पानी घुस गया जिसे निकालने के लिए लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। पछले दो दिनों में हुई बरसात से मौसम में काफी बदलाव आया है। तापमान भी एकाएक गिर गया है। 47 डिग्री को पार करने वाला तापमान अब 37 सेल्सियस पर पहुंच गया है। दोपहर के समय चलने वाली लू से लोगों को छुटकारा मिला है।
बैक मार रहा सीवर का पानी
शहर में जाम हुए सीवर की समस्या से जूझ रहे लोगों की बरसात ने परेशानी बढ़ा दी। पानी की निकासी की बेहतर व्यवस्था न होने के चलते सीवर भी बैक मार रहे हैं। सीवरेज से निकला गंदा पानी सड़क पर बरसाती पानी में मिक्स होकर सड़ांध मारता रहा। हालांकि नगर परिषद के कर्मचारी पानी को निकालने में जुटे रहे।
विज्ञापन
नासूर बने बरसाती नाले
राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे बनाए गए बरसाती नाले नासूर बन चुके हैं। राजमार्ग की मजबूती के लिए बनाए गए ये नाले सड़क को कमजोर कर रहे है। राष्ट्रीय राजमार्ग अथॉरिटी द्वारा एयरफोर्स स्टेशन से लेकर हिसार रोड पर नहर कॉलोनी तक सड़क के दोनों ओर बरसाती नाले बनाए गए लेकिन पानी की निकासी का कोई उपाय नहीं किया गया। बरसाती नालों में जगह-जगह इतनी गंदगी जमा हो चुकी है कि नालों का पानी सड़क पर फैल जाता है।
कागजों में की जाती है सफाई
पब्लिक हेल्थ विभाग द्वारा हर वर्ष सीवरेज सफाई की मद पर लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं। लेकिन मामूली बारिश में जलभराव यह दर्शाता है कि सीवरेज की समुचित सफाई नहीं की गई, अन्यथा सड़कों पर पानी ठहरना ही नहीं चाहिए। अधिकारियों व ठेकेदारों की सांठगांठ के चलते सीवरेज सफाई नहीं की जाती।
कहां कितनी हुई बरसात
सिरसा- -----38 एमएम
ओटू------- 2 एमएम
पंजुआना---- 14 एमएम
रोड़ी- ------7 एमएम
कालांवाली- --8 एमएम
खुईयां------ 10 एमएम
अबूब शहर- --2 एमएम
गोलेवाला---- 5 एमएम
बरसात के बाद शहर में जाम
बरसात का पानी जगह-जगह भर जाने से वीरवार को दिन में भी यातायात व्यवस्था प्रभावित रही। सड़कों पर पानी भर जाने से अंबेडकर चौक, गुरु गोबिंद सिंह चौक, सरकुलर रोड, परशुराम चौक, बेगू रोड, विश्वकर्मा चौक आदि क्षेत्रों में दिनभर जाम लगा रहा। लोगाें को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा सुरखाब चौक के पास पानी भरने से यातायात ज्यादा बाधित हुआ। लोगाें को जाम की बजह से परेशानी हुई। शाम तक यह सिलसिला जारी रहा। कहीं-कहीं तो दो फुट तक पानी भरा हुआ था जिस कारण वाहन बीच में ही बंद हो रहे थे। डिवाइडर के साथ-साथ कतारों में वाहर धीरे-धीरे आगे बढ़ रहे थे। यातायात पुलिस कर्मी व्यवस्था बनाए रखने के लिए डिवाइडरों पर चढ़े देखे गए। देर शाम तक सड़कों से पानी कम नहीं हो पाया था। शहर के अंबेडकर चौक, गुरू गोबिंद सिंह चौक, सरकुलर रोड, परशुराम चौक, बेगू रोड, विश्वकर्मा चौक, बरनाला रोड, हुडा चौक, बी ब्लॉक, जनता भवन रोड, सूरतगढ़िया बाजार में सड़कों पर जल भराव हो गया था।
38 एमएम बरसात, शहर में हुआ जलभराव
सड़कों पर पानी भरने से दिनभर रहा यातायात जाम, नालों की नहीं हुई है अभी तक सफाई
विज्ञापन
सिरसा।
जिले में बुधवार के बाद वीरवार को भी इंद्रदेव पूरी तरह से मेहरबान रहे। बरसात होने से मौसम सुहाना हो गया। वहीं शहर में हुई 38 एमएम बरसात ने प्रशासन की व्यवस्था को भी उजागर कर दिया। बरसात के पानी से सभी मार्गों व कॉलोनियों में जल भराव हो गया और शहर तालाब में तबदील हो गया। प्रशासन अब भी नहीं जागा तो मानसून के दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है। क्योंकि कि न तो पानी की निकासी के कोई प्रबंध किए गए हैं और न ही नालों और सीवरेज की सफाई की गई है। जिसके कारण जलबराव हो जाता है। बरासत के कारण वीरवार को जलभराव से नगर में पूरे दिन यातायात जाम की स्थिति रही।
आज अल सुबह उसी समय बरसात शुरू हुई जिस समय बुधवार को शुरू हुई थी। बुधवार को शहर में पांच एमएम बरसात हुई थी जबकि वीरवार को बदरा जमकर बरसे और 38 एमएम बरसात रिकॉर्ड की गई। उमड़-घुमड़कर आए बादल खूब बरसे। बरसात से जहां तापमान में एकाएक बड़ी कमी दर्ज हुई। वहीं पानी लोगों के लिए आफत बन गया। सड़कें पूरी तरह जलमग्न रही। शहर के अंबेडकर चौक, ओवरब्रिज से नीचे, बाल भवन रोड, हुडा चौक, शिव चौक, गोल डिग्गी चौक, परशुराम चौक सहित शहर के हर मुख्य-चौराहों पर पानी ही पानी नजर आया। शहर के नीचले इलाकों में पानी भर गया। यहां तक कि कई मकानों व दुकानों में भी पानी घुस गया जिसे निकालने के लिए लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। पछले दो दिनों में हुई बरसात से मौसम में काफी बदलाव आया है। तापमान भी एकाएक गिर गया है। 47 डिग्री को पार करने वाला तापमान अब 37 सेल्सियस पर पहुंच गया है। दोपहर के समय चलने वाली लू से लोगों को छुटकारा मिला है।
विज्ञापन
बैक मार रहा सीवर का पानी
शहर में जाम हुए सीवर की समस्या से जूझ रहे लोगों की बरसात ने परेशानी बढ़ा दी। पानी की निकासी की बेहतर व्यवस्था न होने के चलते सीवर भी बैक मार रहे हैं। सीवरेज से निकला गंदा पानी सड़क पर बरसाती पानी में मिक्स होकर सड़ांध मारता रहा। हालांकि नगर परिषद के कर्मचारी पानी को निकालने में जुटे रहे।
विज्ञापन
नासूर बने बरसाती नाले
राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे बनाए गए बरसाती नाले नासूर बन चुके हैं। राजमार्ग की मजबूती के लिए बनाए गए ये नाले सड़क को कमजोर कर रहे है। राष्ट्रीय राजमार्ग अथॉरिटी द्वारा एयरफोर्स स्टेशन से लेकर हिसार रोड पर नहर कॉलोनी तक सड़क के दोनों ओर बरसाती नाले बनाए गए लेकिन पानी की निकासी का कोई उपाय नहीं किया गया। बरसाती नालों में जगह-जगह इतनी गंदगी जमा हो चुकी है कि नालों का पानी सड़क पर फैल जाता है।
कागजों में की जाती है सफाई
पब्लिक हेल्थ विभाग द्वारा हर वर्ष सीवरेज सफाई की मद पर लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं। लेकिन मामूली बारिश में जलभराव यह दर्शाता है कि सीवरेज की समुचित सफाई नहीं की गई, अन्यथा सड़कों पर पानी ठहरना ही नहीं चाहिए। अधिकारियों व ठेकेदारों की सांठगांठ के चलते सीवरेज सफाई नहीं की जाती।
कहां कितनी हुई बरसात
सिरसा- -----38 एमएम
ओटू------- 2 एमएम
पंजुआना---- 14 एमएम
रोड़ी- ------7 एमएम
कालांवाली- --8 एमएम
खुईयां------ 10 एमएम
अबूब शहर- --2 एमएम
गोलेवाला---- 5 एमएम
बरसात के बाद शहर में जाम
बरसात का पानी जगह-जगह भर जाने से वीरवार को दिन में भी यातायात व्यवस्था प्रभावित रही। सड़कों पर पानी भर जाने से अंबेडकर चौक, गुरु गोबिंद सिंह चौक, सरकुलर रोड, परशुराम चौक, बेगू रोड, विश्वकर्मा चौक आदि क्षेत्रों में दिनभर जाम लगा रहा। लोगाें को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा सुरखाब चौक के पास पानी भरने से यातायात ज्यादा बाधित हुआ। लोगाें को जाम की बजह से परेशानी हुई। शाम तक यह सिलसिला जारी रहा। कहीं-कहीं तो दो फुट तक पानी भरा हुआ था जिस कारण वाहन बीच में ही बंद हो रहे थे। डिवाइडर के साथ-साथ कतारों में वाहर धीरे-धीरे आगे बढ़ रहे थे। यातायात पुलिस कर्मी व्यवस्था बनाए रखने के लिए डिवाइडरों पर चढ़े देखे गए। देर शाम तक सड़कों से पानी कम नहीं हो पाया था। शहर के अंबेडकर चौक, गुरू गोबिंद सिंह चौक, सरकुलर रोड, परशुराम चौक, बेगू रोड, विश्वकर्मा चौक, बरनाला रोड, हुडा चौक, बी ब्लॉक, जनता भवन रोड, सूरतगढ़िया बाजार में सड़कों पर जल भराव हो गया था।
38 एमएम बरसात, शहर में हुआ जलभराव
सड़कों पर पानी भरने से दिनभर रहा यातायात जाम, नालों की नहीं हुई है अभी तक सफाई