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स्वाइन फ्लू से हुई मौत के बाद स्वास्थय कर्मी पहुंचे मृतक के घर, परिजनों ने सुनाई खरी खरी
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अमर उजाला ब्यूरो
बडागुढ़ा। गांव मल्लेवाला गांव में बीते 3 दिन पूर्व स्वाइन फ्लू से 35 वर्षीय एक व्यक्ति की हुई मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग मेें कुछ हरकत देखने को मिली। बडागुढ़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से स्वास्थ्य कर्मी एएनएम कैलाश रानी, एमपीएचडब्लयू पवन कुमार व सुमेर सिंह मृतक के घर परिवार को दवा देने के लिए पहुंचे। परिजनों ने कर्मचारियों को आड़े हाथों लेते हुए खरी-खरी सुनाई। उन्होंने कहा कि जब अस्पताल में मरीज की देखरेख नहीं की गई तो घर पर दवाई देने का क्या फायदा।
परिजनों ने नागरिक अस्पताल के चिकित्सकों पर लापरवाही के आरोप जड़ते हुए कहा कि अगर स्वाइन फ्लू ग्रस्त मरीज को समय पर उचित रूप से उपचार मिल जाता तो शायद उसकी जान न जाती। बताया जा रहा है कि मृतक के परिवारिक सदस्यों को इस समय खांसी की शिकायत है। मृतक के चाचा गुरदीप सिंह ने बताया कि स्वास्थ्य कर्मचारियों द्वारा न तो गांव में लोगों को स्वाइन फ्लू के बारे में जागरूक करने का कार्य किया गया है और ना ही घर के सदस्यों के बलगम आदि के सैंपल लिए गए। उन्होंने कहा कि उपचार के दौरान मृतक के पास जो परिवार के सदस्य अस्पताल में थे उनकी सही तरह से पूरी जांच होनी चाहिए थी। लेकिन स्वास्थ्य विभाग द्वारा इस मामले में लापरवाही बरती जा रही है। उन्होंने कहा कि वे इस विषय में स्वास्थ्य मंत्री व उच्चाधिकारियों को शिकायत भेजकर लापरवाही की जांच करवाने की मांग करेंगे।
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बडागुढ़ा। गांव मल्लेवाला गांव में बीते 3 दिन पूर्व स्वाइन फ्लू से 35 वर्षीय एक व्यक्ति की हुई मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग मेें कुछ हरकत देखने को मिली। बडागुढ़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से स्वास्थ्य कर्मी एएनएम कैलाश रानी, एमपीएचडब्लयू पवन कुमार व सुमेर सिंह मृतक के घर परिवार को दवा देने के लिए पहुंचे। परिजनों ने कर्मचारियों को आड़े हाथों लेते हुए खरी-खरी सुनाई। उन्होंने कहा कि जब अस्पताल में मरीज की देखरेख नहीं की गई तो घर पर दवाई देने का क्या फायदा।
परिजनों ने नागरिक अस्पताल के चिकित्सकों पर लापरवाही के आरोप जड़ते हुए कहा कि अगर स्वाइन फ्लू ग्रस्त मरीज को समय पर उचित रूप से उपचार मिल जाता तो शायद उसकी जान न जाती। बताया जा रहा है कि मृतक के परिवारिक सदस्यों को इस समय खांसी की शिकायत है। मृतक के चाचा गुरदीप सिंह ने बताया कि स्वास्थ्य कर्मचारियों द्वारा न तो गांव में लोगों को स्वाइन फ्लू के बारे में जागरूक करने का कार्य किया गया है और ना ही घर के सदस्यों के बलगम आदि के सैंपल लिए गए। उन्होंने कहा कि उपचार के दौरान मृतक के पास जो परिवार के सदस्य अस्पताल में थे उनकी सही तरह से पूरी जांच होनी चाहिए थी। लेकिन स्वास्थ्य विभाग द्वारा इस मामले में लापरवाही बरती जा रही है। उन्होंने कहा कि वे इस विषय में स्वास्थ्य मंत्री व उच्चाधिकारियों को शिकायत भेजकर लापरवाही की जांच करवाने की मांग करेंगे।
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