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सरकार की वायदा खिलाफी को लेकर जताया रोष
Updated Fri, 13 Apr 2018 01:00 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा। रोडवेज से संबंधित सभी यूनियनों के कर्मचारियों ने वीरवार को सरकार की वादाखिलाफी को लेकर रोडवेज परिसर में धरना देकर नारेबाजी करते हुए रोष व्यक्त किया।
धरने को संबोधित करते हुए तालमेल कमेटी के प्रधान रामकुमार चुरनियां ने बताया कि कर्मचारियों की मांगों को लेकर सरकार से कई बार वार्ता हो चुकी है। सरकार हर बार वार्ता में कर्मचारियों को झूठे आश्वासन देकर शांत कर देती है। उन्होंने बताया कि पूर्व में यूनियन प्रतिनिधिमंडल की सरकार से हुई वार्ता में कई मांगों पर सहमति बनी थी, जिसके बाद उन्होेंने अपना आंदोलन वापस ले लिया था। काफी समय बीत जाने के बाद भी सरकार की ओर से उनकी मांगों को लागू न करना सरकार की उदासीनता को उजागर कर रहा है, जिसका खामियाजा उसे भुगतना पड़ेगा। उन्होंने कर्मचारियों की मांगों जिनमें कच्चे कर्मचारियाें को पक्का किया जाए, नियमित भर्ती की जाए, सरकार द्वारा मानी गई मांगों को तुरंत लागू करने व कर्मचारियों का बकाया वेतन व अन्य सुविधाएं प्रमुख हैं को तुरंत प्रभाव से लागू किया जाए।
उन्होंने सरकार को चेताते हुए कहा कि सरकार कर्मचारियों के सब्र का इम्तिहान न ले अन्यथा कर्मचारी वर्ग एकत्रित होकर सरकार को इसका करारा जवाब देगा। इस मौके पर आत्माराम सहारण, सुरजीत सिंह अरोड़ा, लवली, चंचल बिशभनोई, चंद्रशेखर धम्मी, कृष्ण कुमार भांभू, रामकुमार, रामानंद सचिव, शेर सिंह, अजीत सिंह, रामस्वरूप ढाका, शिवराज सिंह, सतेंद्र सिंह ठाकुर, चिमन लाल बणी, बाबूलाल, रामचंद्र, देवीलाल सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।
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सिरसा। रोडवेज से संबंधित सभी यूनियनों के कर्मचारियों ने वीरवार को सरकार की वादाखिलाफी को लेकर रोडवेज परिसर में धरना देकर नारेबाजी करते हुए रोष व्यक्त किया।
धरने को संबोधित करते हुए तालमेल कमेटी के प्रधान रामकुमार चुरनियां ने बताया कि कर्मचारियों की मांगों को लेकर सरकार से कई बार वार्ता हो चुकी है। सरकार हर बार वार्ता में कर्मचारियों को झूठे आश्वासन देकर शांत कर देती है। उन्होंने बताया कि पूर्व में यूनियन प्रतिनिधिमंडल की सरकार से हुई वार्ता में कई मांगों पर सहमति बनी थी, जिसके बाद उन्होेंने अपना आंदोलन वापस ले लिया था। काफी समय बीत जाने के बाद भी सरकार की ओर से उनकी मांगों को लागू न करना सरकार की उदासीनता को उजागर कर रहा है, जिसका खामियाजा उसे भुगतना पड़ेगा। उन्होंने कर्मचारियों की मांगों जिनमें कच्चे कर्मचारियाें को पक्का किया जाए, नियमित भर्ती की जाए, सरकार द्वारा मानी गई मांगों को तुरंत लागू करने व कर्मचारियों का बकाया वेतन व अन्य सुविधाएं प्रमुख हैं को तुरंत प्रभाव से लागू किया जाए।
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उन्होंने सरकार को चेताते हुए कहा कि सरकार कर्मचारियों के सब्र का इम्तिहान न ले अन्यथा कर्मचारी वर्ग एकत्रित होकर सरकार को इसका करारा जवाब देगा। इस मौके पर आत्माराम सहारण, सुरजीत सिंह अरोड़ा, लवली, चंचल बिशभनोई, चंद्रशेखर धम्मी, कृष्ण कुमार भांभू, रामकुमार, रामानंद सचिव, शेर सिंह, अजीत सिंह, रामस्वरूप ढाका, शिवराज सिंह, सतेंद्र सिंह ठाकुर, चिमन लाल बणी, बाबूलाल, रामचंद्र, देवीलाल सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।
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