{"_id":"594d5a5e4f1c1bcf0b8b478a","slug":"11498241630-sirsa-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"किसानों के गुस्से को सही दिशा देने की जरूरत:प्रहलाद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
किसानों के गुस्से को सही दिशा देने की जरूरत:प्रहलाद
Updated Fri, 23 Jun 2017 11:43 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा।
हरियाणा किसान मंच के प्रदेशाध्यक्ष प्रह्लाद सिंह भारूखेड़ा ने कहा कि आज देशभर में ‘किसान बचाओ, खेती बचाओ’ नाम से किसानों की बात हो रही है लेकिन देश के किसानों के गुस्से को सही दिशा देने की जरूरत है।
वे शुक्रवार को धन्ना राम की अध्यक्षता में किसान भवन में आयोजित बैठक को संबोधित कर रहे थे। प्रह्लाद सिंह ने कहा कि आज देश के किसानों को गुस्से को सही दिशा देने की जरूरत है। इससे पूर्व भी किसान आंदोलन हुए हैं परंतु ये सभी आंदोलन जाति, धर्म और राजनीति की भेंट चढ़ गए। पर इस बार देश के किसानाें की एक सार्थक हलचल से एक बड़े आंदोलन की उम्मीद जगी है। उन्हाेंने कहा कि डर है कि यह आंदोलन भी सुनियोजित रूप से जाति, धर्म और राजनीति की भेंट न चढ़ जाए। आज देशभर के किसान संगठन राष्ट्रीय स्तर पर इकट्ठे हो रहे हैं और इस बार किसान संगठनाें में एक आम सहमति बनने की पूरी उम्मीद है।
प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि आज डॉ. स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने पर भी पूरे देश में बहस चल रही है परंतु यह रिपोर्ट भी पूर्ण रूप से किसानाें के पक्ष में नहीं है। यद्यपि इस रिपोर्ट में कुछ बातें किसानाें के पक्ष में है परंतु इसमें बहुत-सी ऐसी बातें हैं जो किसानाें के खिलाफ भी हैं। इस रिपोर्ट में स्पष्ट लिखा है कि किसानों की जमीन कंपनियों को पट्टों पर दी जानी चाहिए जो किसानों से उनकी जमीन छीनने का सुनियोजित षड्यंत्र है। इसलिए आज समय की जरूरत है कि किसान संगठनाें की एक आम समझ विकसित हो और कि सानाें को आंदोलन से हासिल होने वाले मुद्दों को केंद्र में रखते हुए अपने आर्थिक हालातों को सुधारने की दिशा में आम सहमति बनानी चािहए। उन्होंने कहा कि मंच ने जुलाई माह में सिरसा में किसान सम्मेलन रखने का फैसला लिया है। इस मौके पर ब्लॉक प्रधान गुरनाम पक्कां, ब्लॉक प्रधान गुरदीप झिड़ी, साहबराम ताजिया, गांधीराम, दीवानचन्द, मनफूल, अजैब सिंह ओढां, बनवारी लाल डिंग, रामस्वरूप, गुरमीत, कालूराम, विनीत, बूटा सिंह आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
किसानों के गुस्से को सही दिशा देने की जरूरत : प्रहलाद
हरियाणा किसान मंच की बैठक का आयोजन
विज्ञापन
सिरसा।
हरियाणा किसान मंच के प्रदेशाध्यक्ष प्रह्लाद सिंह भारूखेड़ा ने कहा कि आज देशभर में ‘किसान बचाओ, खेती बचाओ’ नाम से किसानों की बात हो रही है लेकिन देश के किसानों के गुस्से को सही दिशा देने की जरूरत है।
वे शुक्रवार को धन्ना राम की अध्यक्षता में किसान भवन में आयोजित बैठक को संबोधित कर रहे थे। प्रह्लाद सिंह ने कहा कि आज देश के किसानों को गुस्से को सही दिशा देने की जरूरत है। इससे पूर्व भी किसान आंदोलन हुए हैं परंतु ये सभी आंदोलन जाति, धर्म और राजनीति की भेंट चढ़ गए। पर इस बार देश के किसानाें की एक सार्थक हलचल से एक बड़े आंदोलन की उम्मीद जगी है। उन्हाेंने कहा कि डर है कि यह आंदोलन भी सुनियोजित रूप से जाति, धर्म और राजनीति की भेंट न चढ़ जाए। आज देशभर के किसान संगठन राष्ट्रीय स्तर पर इकट्ठे हो रहे हैं और इस बार किसान संगठनाें में एक आम सहमति बनने की पूरी उम्मीद है।
विज्ञापन
प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि आज डॉ. स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने पर भी पूरे देश में बहस चल रही है परंतु यह रिपोर्ट भी पूर्ण रूप से किसानाें के पक्ष में नहीं है। यद्यपि इस रिपोर्ट में कुछ बातें किसानाें के पक्ष में है परंतु इसमें बहुत-सी ऐसी बातें हैं जो किसानाें के खिलाफ भी हैं। इस रिपोर्ट में स्पष्ट लिखा है कि किसानों की जमीन कंपनियों को पट्टों पर दी जानी चाहिए जो किसानों से उनकी जमीन छीनने का सुनियोजित षड्यंत्र है। इसलिए आज समय की जरूरत है कि किसान संगठनाें की एक आम समझ विकसित हो और कि सानाें को आंदोलन से हासिल होने वाले मुद्दों को केंद्र में रखते हुए अपने आर्थिक हालातों को सुधारने की दिशा में आम सहमति बनानी चािहए। उन्होंने कहा कि मंच ने जुलाई माह में सिरसा में किसान सम्मेलन रखने का फैसला लिया है। इस मौके पर ब्लॉक प्रधान गुरनाम पक्कां, ब्लॉक प्रधान गुरदीप झिड़ी, साहबराम ताजिया, गांधीराम, दीवानचन्द, मनफूल, अजैब सिंह ओढां, बनवारी लाल डिंग, रामस्वरूप, गुरमीत, कालूराम, विनीत, बूटा सिंह आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
किसानों के गुस्से को सही दिशा देने की जरूरत : प्रहलाद
हरियाणा किसान मंच की बैठक का आयोजन