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दिव्यांगों के लिए बनेगा यूनिक आईडी कार्ड
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अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा। दिव्यांगों के लिए केंद्र सरकार ने डिसेबिल्टी यूनीक आईडी कार्ड जारी करने जा रही है। इसके लिए दिव्यांगों से आवेदन भरवाए जा रहे हैं। इस कार्ड को दिखाकर देश के किसी भी हिस्से में दिव्यांग सुविधा प्राप्त कर सकेंगे। आधार कार्ड की तर्ज पर इसकी देशभर में मान्यता रहेगी। एक बार कार्ड जारी होने के बाद दिव्यांगों को अन्य किसी भी कार्ड की जरूरत नहीं पड़ेगी। इस कार्ड से दिव्यांगों को देशभर में मिलने वाली सभी सुविधाओं का लाभ कहीं भी मिल सकेगा। सिरसा जिले में तीन लाख से अधि पंजीकृत दिव्यांग हैं।
अब तक दिव्यांगों को जिला स्तर पर ही पहचान पत्र जारी किया जाता था। इस कार्ड की मान्यता जिले भर में ही रहती थी। एक जिले से दूसरे जिले जाने या फिर अन्य प्रदेश में यात्रा करने के लिए इनको समाज कल्याण अधिकारी या उपायुक्त से विशेष अनुमति लेनी पड़ती थी। समाज कल्याण अधिकारी या फिर उपायुक्त से अनुमति मिलने के बाद ही दूसरे जिलों में सब प्रकार की सुविधा मिल पाती थी। इसमें केंद्र व राज्य शासन की अधिकांश सुविधाओं से वंचित करना पड़ता था। इसके लिए सरकार ने यूनिक आईडी जारी करने का निर्णय लिया है। जो कि पूरे देश में काम करेगी। इससे दिव्यांग को होने वाली परेशानी से निजात मिलेगी।
देश भर में मान्य होगा डिसेबिल्टी यूनिक कार्ड
दिव्यांगों के लिए जारी किए जाने वाले इस कार्ड को डिसेबिल्टी यूनिक कार्ड का नाम दिया गया है। सामाजिक अधिकारिता मंत्रालय ने इसके लिए विशेष सॉफ्टवेयर बनाया है। इसके लिए ऑन लाइन रजिस्ट्रेशन करवाना होगा। यूनिक आईडी कार्ड को आधार कार्ड से लिंक करने के बाद विशेष सॉफ्टवेयर में अपलोड करना होगा। ऑनलाइन स्वीकृति के बाद समाज कल्याण विभाग द्वारा यूनिक कार्ड जारी किया जाएगा। जिसके बाद कार्ड से ये लोग काम कर सकेंगे। जिससे दिव्यांग उन सभी सुविधाओं का फायदा उठा सकेंगे।
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वर्तमान केंद्र सरकार व राज्य सरकारों की योजनाओं का मिलता है लाभ
केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं में सहभागिता के लिए दिव्यांगों को विशेष छूट मिलती है। इसके लिए कार्ड दिखाना जरूरी होता है। इन सुविधाओं के अलावा यात्रा सहित व्यक्तिगत सुविधाओं का लाभ मिलता है। 40 फीसदी से अधिक दिव्यांग होने पर समाज कल्याण विभाग द्वारा यूनिक कार्ड जारी किया जाएगा। सिकलसेल मरीजों को पूरी तरह नि:शुल्क उपचार दिलाने के लिए उनका दिव्यांग प्रमाणपत्र बनाया जाएगा। बीमारी के स्तर के हिसाब से विकलांगता का प्रतिशत तय किया जाएगा।
केंद्र सरकार ने दिव्यांगों के लिए डिसेबिल्टी यूनिक आईकी कार्ड जारी करने का निर्णय लिया है। इसके लिए ऑन लाइन प्रक्रिया जारी की गई है। इसके तहत जिले के करीब3 लाख से ज्यादा दिव्यांगों के यूनिक आईडी कार्ड जारी किया जाएगा। उसके लिए दिव्यांगों से आवेदन फार्म भरवाएं जा रहे हैं। यूनिक आईडी कार्ड के बनने के बाद दिव्यांग को किसी भी कार्ड रखने का जरूरत नहीं पड़ेगी। इस कार्ड को दिखाकर देश के किसी भी हिस्से में दिव्यांग सुविधा प्राप्त कर सकेंगे।
- प्रमिला शर्मा, अनुभाग अधिकारी, सिरसा।
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सिरसा। दिव्यांगों के लिए केंद्र सरकार ने डिसेबिल्टी यूनीक आईडी कार्ड जारी करने जा रही है। इसके लिए दिव्यांगों से आवेदन भरवाए जा रहे हैं। इस कार्ड को दिखाकर देश के किसी भी हिस्से में दिव्यांग सुविधा प्राप्त कर सकेंगे। आधार कार्ड की तर्ज पर इसकी देशभर में मान्यता रहेगी। एक बार कार्ड जारी होने के बाद दिव्यांगों को अन्य किसी भी कार्ड की जरूरत नहीं पड़ेगी। इस कार्ड से दिव्यांगों को देशभर में मिलने वाली सभी सुविधाओं का लाभ कहीं भी मिल सकेगा। सिरसा जिले में तीन लाख से अधि पंजीकृत दिव्यांग हैं।
अब तक दिव्यांगों को जिला स्तर पर ही पहचान पत्र जारी किया जाता था। इस कार्ड की मान्यता जिले भर में ही रहती थी। एक जिले से दूसरे जिले जाने या फिर अन्य प्रदेश में यात्रा करने के लिए इनको समाज कल्याण अधिकारी या उपायुक्त से विशेष अनुमति लेनी पड़ती थी। समाज कल्याण अधिकारी या फिर उपायुक्त से अनुमति मिलने के बाद ही दूसरे जिलों में सब प्रकार की सुविधा मिल पाती थी। इसमें केंद्र व राज्य शासन की अधिकांश सुविधाओं से वंचित करना पड़ता था। इसके लिए सरकार ने यूनिक आईडी जारी करने का निर्णय लिया है। जो कि पूरे देश में काम करेगी। इससे दिव्यांग को होने वाली परेशानी से निजात मिलेगी।
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देश भर में मान्य होगा डिसेबिल्टी यूनिक कार्ड
दिव्यांगों के लिए जारी किए जाने वाले इस कार्ड को डिसेबिल्टी यूनिक कार्ड का नाम दिया गया है। सामाजिक अधिकारिता मंत्रालय ने इसके लिए विशेष सॉफ्टवेयर बनाया है। इसके लिए ऑन लाइन रजिस्ट्रेशन करवाना होगा। यूनिक आईडी कार्ड को आधार कार्ड से लिंक करने के बाद विशेष सॉफ्टवेयर में अपलोड करना होगा। ऑनलाइन स्वीकृति के बाद समाज कल्याण विभाग द्वारा यूनिक कार्ड जारी किया जाएगा। जिसके बाद कार्ड से ये लोग काम कर सकेंगे। जिससे दिव्यांग उन सभी सुविधाओं का फायदा उठा सकेंगे।
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वर्तमान केंद्र सरकार व राज्य सरकारों की योजनाओं का मिलता है लाभ
केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं में सहभागिता के लिए दिव्यांगों को विशेष छूट मिलती है। इसके लिए कार्ड दिखाना जरूरी होता है। इन सुविधाओं के अलावा यात्रा सहित व्यक्तिगत सुविधाओं का लाभ मिलता है। 40 फीसदी से अधिक दिव्यांग होने पर समाज कल्याण विभाग द्वारा यूनिक कार्ड जारी किया जाएगा। सिकलसेल मरीजों को पूरी तरह नि:शुल्क उपचार दिलाने के लिए उनका दिव्यांग प्रमाणपत्र बनाया जाएगा। बीमारी के स्तर के हिसाब से विकलांगता का प्रतिशत तय किया जाएगा।
केंद्र सरकार ने दिव्यांगों के लिए डिसेबिल्टी यूनिक आईकी कार्ड जारी करने का निर्णय लिया है। इसके लिए ऑन लाइन प्रक्रिया जारी की गई है। इसके तहत जिले के करीब3 लाख से ज्यादा दिव्यांगों के यूनिक आईडी कार्ड जारी किया जाएगा। उसके लिए दिव्यांगों से आवेदन फार्म भरवाएं जा रहे हैं। यूनिक आईडी कार्ड के बनने के बाद दिव्यांग को किसी भी कार्ड रखने का जरूरत नहीं पड़ेगी। इस कार्ड को दिखाकर देश के किसी भी हिस्से में दिव्यांग सुविधा प्राप्त कर सकेंगे।
- प्रमिला शर्मा, अनुभाग अधिकारी, सिरसा।