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विश्वविद्यालय की फैकल्टी ने पांच जुलाई को दिल्ली में दी प्रस्तुति, पांच नए कोर्स भी चलाने की अनुमति मांगी
Updated Mon, 09 Jul 2018 06:28 PM IST
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सीडीएलयू ने डिस्टेंस कोर्स के नए सत्र के लिए यूजीसी से मांगी अनुमति
सिरसा।
सीडीएलयू ने डिस्टेंस एजुकेशन के लिए शैक्षणिक सत्र 2018-19 में एडमिशन के लिए यूजीसी से अनुमति मांगी है। हालांकि यह अनुमति मिलने पर कुछ समय लगेगा। पांच जुलाई को सीडीएलयू ने नए सेशन चलाने के लिए यूजीसी में प्रजेटेंशन दी है। 40 मिनट की ये प्रजेंटेंशन चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय में यूनिवर्सिटी सेंटर फॉर डिस्टेंस लर्निंग के डायरेक्टर सुल्तान सिंह, डिप्टी डायरेक्टर सुल्तान सिंह ढांडा, अधीक्षक आर सी मौर्या और कर्मचारी विजय ने प्रस्तुत की। इस समारोह में देश भर के विश्वविद्यालय के प्रतिनिधि आए हुए थे। हालांकि अभी यह तय नहीं है कि सीडीएलयू को अबकी बार एक साल की अनुमति मिलेगी या दो साल की। यह यूजीसी पर निर्भर करता है। यूजीसी ने 2016 में सभी विश्वविद्यालयों को अपने दूरवर्ती पाठ्यक्रम चलाने के लिए दो साल की अनुमति दी थी। उसके बाद विश्वविद्यालय को नए शैक्षणिक सत्र चलाने के लिए दोबारा से अनुमति लेने का नियम बनाया गया। वहीं सीडीएलयू ने यूनिवर्सिटी सेंटर फॉर डिस्टेंस लर्निंग का नाम भी बदला जा रहा है। इसका नया नाम डायरेक्टरोट ऑफ डिस्टेंस एजुकेशन रखा जाएगा। वहीं डिस्टेंस कोर्स के लिए नया पाठ्यक्रम भी सेल्फ लर्निंग मेटेरियल के तौर पर दिया जाएगा। ताकि विद्यार्थी बिना टीचर के खुद ही पढ़कर सीखें।
पांच नए कोर्स के लिए भी किया आवेदन
अभी तक विश्वविद्यालय में एम हिंदी, इतिहास, पंजाबी, संस्कृति, एमकॉम के पांच नए विषयों को सत्र 2018,19 में चलाने की अनुमति मांगी है। ये वे कोर्स है जो कि अभी तक रेगुलर पढ़ाए जा रहे हैं। विश्वविद्यालय रेगुलर पढ़ाए जाने वाले कोर्स को डिस्टेंस में चलाने के लिए आवेदन कर सकता है। अभी तक मौजूदा समय में मास कम्युनिकेशन, बीए, बीकॉम, एमबीए, एमए एजुकेशन, एमए इंग्लिश, एमए मास कम्युनिकेशन, पीजीडीएमसी, पीजीडीबीएम, बीसीए, एमसीए कोर्स चल रहे हैं।
डिस्टेंस एजुकेशन में नए शैक्षणिक सत्र के लिए पांच जुलाई को प्रजेटेंशन दी जा चुकी है। जल्द ही अगले सत्र की अनुमति आने की उम्मीद है।
विजय कायत,वीसी, सीडीएलयू।
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सिरसा।
सीडीएलयू ने डिस्टेंस एजुकेशन के लिए शैक्षणिक सत्र 2018-19 में एडमिशन के लिए यूजीसी से अनुमति मांगी है। हालांकि यह अनुमति मिलने पर कुछ समय लगेगा। पांच जुलाई को सीडीएलयू ने नए सेशन चलाने के लिए यूजीसी में प्रजेटेंशन दी है। 40 मिनट की ये प्रजेंटेंशन चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय में यूनिवर्सिटी सेंटर फॉर डिस्टेंस लर्निंग के डायरेक्टर सुल्तान सिंह, डिप्टी डायरेक्टर सुल्तान सिंह ढांडा, अधीक्षक आर सी मौर्या और कर्मचारी विजय ने प्रस्तुत की। इस समारोह में देश भर के विश्वविद्यालय के प्रतिनिधि आए हुए थे। हालांकि अभी यह तय नहीं है कि सीडीएलयू को अबकी बार एक साल की अनुमति मिलेगी या दो साल की। यह यूजीसी पर निर्भर करता है। यूजीसी ने 2016 में सभी विश्वविद्यालयों को अपने दूरवर्ती पाठ्यक्रम चलाने के लिए दो साल की अनुमति दी थी। उसके बाद विश्वविद्यालय को नए शैक्षणिक सत्र चलाने के लिए दोबारा से अनुमति लेने का नियम बनाया गया। वहीं सीडीएलयू ने यूनिवर्सिटी सेंटर फॉर डिस्टेंस लर्निंग का नाम भी बदला जा रहा है। इसका नया नाम डायरेक्टरोट ऑफ डिस्टेंस एजुकेशन रखा जाएगा। वहीं डिस्टेंस कोर्स के लिए नया पाठ्यक्रम भी सेल्फ लर्निंग मेटेरियल के तौर पर दिया जाएगा। ताकि विद्यार्थी बिना टीचर के खुद ही पढ़कर सीखें।
पांच नए कोर्स के लिए भी किया आवेदन
अभी तक विश्वविद्यालय में एम हिंदी, इतिहास, पंजाबी, संस्कृति, एमकॉम के पांच नए विषयों को सत्र 2018,19 में चलाने की अनुमति मांगी है। ये वे कोर्स है जो कि अभी तक रेगुलर पढ़ाए जा रहे हैं। विश्वविद्यालय रेगुलर पढ़ाए जाने वाले कोर्स को डिस्टेंस में चलाने के लिए आवेदन कर सकता है। अभी तक मौजूदा समय में मास कम्युनिकेशन, बीए, बीकॉम, एमबीए, एमए एजुकेशन, एमए इंग्लिश, एमए मास कम्युनिकेशन, पीजीडीएमसी, पीजीडीबीएम, बीसीए, एमसीए कोर्स चल रहे हैं।
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डिस्टेंस एजुकेशन में नए शैक्षणिक सत्र के लिए पांच जुलाई को प्रजेटेंशन दी जा चुकी है। जल्द ही अगले सत्र की अनुमति आने की उम्मीद है।
विजय कायत,वीसी, सीडीएलयू।