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किसानों के साथ जोर जबरदस्ती नहीं होगी बर्दाश्त: भाटी
Updated Mon, 23 Oct 2017 12:31 AM IST
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किसानों के साथ जोर जबरदस्ती नहीं होगी बर्दाश्त : भाटी
अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा। राष्ट्रीय किसान संगठन के प्रदेशाध्यक्ष जसबीर सिंह भाटी ने कहा कि वर्ष में 364 दिन प्रदूषण फैलाने वाले लोग किसान द्वारा वर्ष में एक दिन पराली जलाने पर शोर मचाते हुए प्रदूषण के लिए किसान को दोषी ठहरा रहे हैं।
भाटी ओढ़ां क्षेत्र के गांवों में किसानों व ग्रामीणों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रदूषण के लिए जिम्मेदार फैक्ट्रियां, रिफाइनरी, शराब फैक्ट्रियां, मोटर व्हीकल व सड़कों पर जलते प्लास्टिक आदि को रोकने में सरकार व प्रशासन नाकाम हो रहे हैं। सरकार के अन्न भंडार भरने वाले किसान को 50 वर्ष में कम से कम रेट मिला जिसकी बदौलत कर्ज के जाल में बुरी तरह फंसा किसान आज आत्महत्या कर रहा है तो वहीं दूसरी ओर पराली की समस्या के समाधान के लिए सरकार व प्रशासन किसानों को दो-दो तीन-तीन लाख रुपये की मशीनरी खरीदने को कह रही है जो कि पराली की समस्या से पूरी तरह निजात भी नहीं दिला पाती। यदि किसान पराली नहीं जलाएगा तो गेहूं की बिजाई कैसे कर पाएगा अत: इस सीजन में किसान को पराली जलाने की छूट दी जानी चाहिए। मौके पर गुरदास सिंह, जगसीर सिंह, वकील सिंह बराड़, शिवचरण सिंह, जगसीर सिंह, सरदूल सिंह, बूटा सिंह प्रधान, अंग्रेज सिंह, मानिक सिंह और प्रकाश सिंह सहित अनेक किसान मौजूद थे।
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अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा। राष्ट्रीय किसान संगठन के प्रदेशाध्यक्ष जसबीर सिंह भाटी ने कहा कि वर्ष में 364 दिन प्रदूषण फैलाने वाले लोग किसान द्वारा वर्ष में एक दिन पराली जलाने पर शोर मचाते हुए प्रदूषण के लिए किसान को दोषी ठहरा रहे हैं।
भाटी ओढ़ां क्षेत्र के गांवों में किसानों व ग्रामीणों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रदूषण के लिए जिम्मेदार फैक्ट्रियां, रिफाइनरी, शराब फैक्ट्रियां, मोटर व्हीकल व सड़कों पर जलते प्लास्टिक आदि को रोकने में सरकार व प्रशासन नाकाम हो रहे हैं। सरकार के अन्न भंडार भरने वाले किसान को 50 वर्ष में कम से कम रेट मिला जिसकी बदौलत कर्ज के जाल में बुरी तरह फंसा किसान आज आत्महत्या कर रहा है तो वहीं दूसरी ओर पराली की समस्या के समाधान के लिए सरकार व प्रशासन किसानों को दो-दो तीन-तीन लाख रुपये की मशीनरी खरीदने को कह रही है जो कि पराली की समस्या से पूरी तरह निजात भी नहीं दिला पाती। यदि किसान पराली नहीं जलाएगा तो गेहूं की बिजाई कैसे कर पाएगा अत: इस सीजन में किसान को पराली जलाने की छूट दी जानी चाहिए। मौके पर गुरदास सिंह, जगसीर सिंह, वकील सिंह बराड़, शिवचरण सिंह, जगसीर सिंह, सरदूल सिंह, बूटा सिंह प्रधान, अंग्रेज सिंह, मानिक सिंह और प्रकाश सिंह सहित अनेक किसान मौजूद थे।
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