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मंडी में जगह न होने से सड़कों पर अनाज डाल रहे किसान
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मंडी में जगह न होने से सड़कों पर अनाज डाल रहे किसान
सिरसा। अनाज मंडी सिरसा में गेहूं की अधिक आवक होने से फसल रखने की भी जगह नहीं बची है। मंडी में आने वाले किसान परेशान है कि उनकी सरसों की रजिस्ट्रेशन आईडी के देरी से चलने के कारण देरी से खरीद हुई। अब गेहूं के समय में उन्हें दो से तीन दिन मंडी में गुजारने पड़ रहे हैं। जहां किसानों को सबसे बड़ी समस्या आ रही है कि एक तो फसल डालने के लिए जगह नहीं है और उपर से रात को यहां बिजली भी नहीं रहती। जिस कारण से किसानों को सारी रात जाग कर निकालनी पड़ रही है। इसका कारण यह है कि पहले से आई हुई फसल का समय पर उठान नहीं हो पाया। अगर उसका उठान समय पर नहीं होगा तो किसानों को समस्या आएगी।
मार्केट कमेटी के द्वारा कुछ ही दिन पहले सड़कों पर पीली पट्टी खिंची गई थी। जिसका उद्देश्य था कि कोई भी किसान अपनी फसल सड़क पर ना डालें। इससे आने जाने वाले किसानों तथा वाहनों के लिए रुकावट पैदा होती है।
छह दिन से नहीं बिक रही फसल
बकरियांवाली से किसान रामजीलाल ने बताया कि उसको अपनी फसल लाए हुए पांच दिन हो चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई नहीं आया है। आने पर नमी अधिक होने का बताया जा रहा है। जबकि पांच दिन से यहां धूप में डाल रखी है। हमें सारी रात जागकर इसकी देखभाल करनी पड़ रही है। रात को यहां पशु तथा कुछ बच्चे आते हैं जो यहां से गेहूं डालकर ले जाते हैं। इसके लिए दिन रात हमें बैठा रहना पड़ता है। वहीं किसान अमन ने बताया कि एक तो किसान छह महीने खेत में परेशान होता है तथा उसके बाद यहां मंडी में परेशान होना पड़ता है। ना ही तो यहां अनाज रखने के लिए उचित जगह है तथा ना ही खरीद के लिए कोई उचित नियम बनाए गए हैं।
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कोट्स---
हमने पीली पट्टी इसलिए खिंचवाई थी कि किसी भी किसान की फसल सड़क पर ना आए। मंडी में जगह कम होने के कारण हम किसी को रोक भी नहीं सकते। उठान का कार्य चल रहा है। जिन किसानों की फसल गिली है, उन्ही की फसल सड़क पर पड़ी है। जिन किसानों की फसल बिक रही है उसका उठान करवाया जा रहा है। जिन किसानों की गेहूं में नमी की मात्रा 12 प्रतिशत से अधिक है, उनकी फसल को नहीं खरीदा जा रहा। कोई भी किसान अपनी नमी युक्त फसल ना लेकर आए।
--विकास सेतिया, मार्केट कमेटी सचिव, सिरसा।
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सिरसा। अनाज मंडी सिरसा में गेहूं की अधिक आवक होने से फसल रखने की भी जगह नहीं बची है। मंडी में आने वाले किसान परेशान है कि उनकी सरसों की रजिस्ट्रेशन आईडी के देरी से चलने के कारण देरी से खरीद हुई। अब गेहूं के समय में उन्हें दो से तीन दिन मंडी में गुजारने पड़ रहे हैं। जहां किसानों को सबसे बड़ी समस्या आ रही है कि एक तो फसल डालने के लिए जगह नहीं है और उपर से रात को यहां बिजली भी नहीं रहती। जिस कारण से किसानों को सारी रात जाग कर निकालनी पड़ रही है। इसका कारण यह है कि पहले से आई हुई फसल का समय पर उठान नहीं हो पाया। अगर उसका उठान समय पर नहीं होगा तो किसानों को समस्या आएगी।
मार्केट कमेटी के द्वारा कुछ ही दिन पहले सड़कों पर पीली पट्टी खिंची गई थी। जिसका उद्देश्य था कि कोई भी किसान अपनी फसल सड़क पर ना डालें। इससे आने जाने वाले किसानों तथा वाहनों के लिए रुकावट पैदा होती है।
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छह दिन से नहीं बिक रही फसल
बकरियांवाली से किसान रामजीलाल ने बताया कि उसको अपनी फसल लाए हुए पांच दिन हो चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई नहीं आया है। आने पर नमी अधिक होने का बताया जा रहा है। जबकि पांच दिन से यहां धूप में डाल रखी है। हमें सारी रात जागकर इसकी देखभाल करनी पड़ रही है। रात को यहां पशु तथा कुछ बच्चे आते हैं जो यहां से गेहूं डालकर ले जाते हैं। इसके लिए दिन रात हमें बैठा रहना पड़ता है। वहीं किसान अमन ने बताया कि एक तो किसान छह महीने खेत में परेशान होता है तथा उसके बाद यहां मंडी में परेशान होना पड़ता है। ना ही तो यहां अनाज रखने के लिए उचित जगह है तथा ना ही खरीद के लिए कोई उचित नियम बनाए गए हैं।
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हमने पीली पट्टी इसलिए खिंचवाई थी कि किसी भी किसान की फसल सड़क पर ना आए। मंडी में जगह कम होने के कारण हम किसी को रोक भी नहीं सकते। उठान का कार्य चल रहा है। जिन किसानों की फसल गिली है, उन्ही की फसल सड़क पर पड़ी है। जिन किसानों की फसल बिक रही है उसका उठान करवाया जा रहा है। जिन किसानों की गेहूं में नमी की मात्रा 12 प्रतिशत से अधिक है, उनकी फसल को नहीं खरीदा जा रहा। कोई भी किसान अपनी नमी युक्त फसल ना लेकर आए।
--विकास सेतिया, मार्केट कमेटी सचिव, सिरसा।