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सिरसा की शैफाली बनी दूसरी महिला कंडक्टर
Updated Mon, 29 Oct 2018 01:57 AM IST
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आत्मनिर्भर बनने के लिया कंडक्टर बनने का फैसला: शैफाली
सिरसा। रोडवेज प्रशासन ने रविवार को डिपो की दूसरी महिला कंडक्टर के तौर पर सिरसा की शैफाली को नियुक्ति दी। हुडा सेक्टर 20 में रहने वाली शैफाली जेबीटी पास है और आईएएस बनना चाहती है। उसके पिता पवन सिरसा एसडीएम कार्यालय में नौकरी करते हैं। शैफाली का कहना वह दिन में रोडवेज की बस में यात्रियों की टिकटें काटेगी और रात को आईएएस की तैयारी करेगी।
शैफाली ने बताया कि वह आत्मनिर्भर बनाना चाहती थी इसलिए उसने कंडक्टर की नौकरी के लिए फार्म भरा था। रविवार को वह अपने पिता के साथ जीएम केआर कौशल के पास आई थी। जीएम ने तुरंत प्रभाव से ड्यूटी ज्वाइन करवा दी। दोपहर को डिपो प्रशासन ने शैफाली को सिरसा से कागदाना रुट पर भेजा। कंधे पर कंडक्टर वाला बैग टांग कर शैफाली बस में सवार हुई और यात्रियों की टिकटें काटनी शुरू कर दी। जीएम केआर कौशल का कहना है कि शैफाली के आत्मविश्वास को देखते हुए उन्होंने उसका दूसरी महिला परिचालक के तौर पर चयन किया है। उन्हें विश्वास है कि शैफाली बस कंडक्टर का काम सहजता से कर लेगी।
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सिरसा। रोडवेज प्रशासन ने रविवार को डिपो की दूसरी महिला कंडक्टर के तौर पर सिरसा की शैफाली को नियुक्ति दी। हुडा सेक्टर 20 में रहने वाली शैफाली जेबीटी पास है और आईएएस बनना चाहती है। उसके पिता पवन सिरसा एसडीएम कार्यालय में नौकरी करते हैं। शैफाली का कहना वह दिन में रोडवेज की बस में यात्रियों की टिकटें काटेगी और रात को आईएएस की तैयारी करेगी।
शैफाली ने बताया कि वह आत्मनिर्भर बनाना चाहती थी इसलिए उसने कंडक्टर की नौकरी के लिए फार्म भरा था। रविवार को वह अपने पिता के साथ जीएम केआर कौशल के पास आई थी। जीएम ने तुरंत प्रभाव से ड्यूटी ज्वाइन करवा दी। दोपहर को डिपो प्रशासन ने शैफाली को सिरसा से कागदाना रुट पर भेजा। कंधे पर कंडक्टर वाला बैग टांग कर शैफाली बस में सवार हुई और यात्रियों की टिकटें काटनी शुरू कर दी। जीएम केआर कौशल का कहना है कि शैफाली के आत्मविश्वास को देखते हुए उन्होंने उसका दूसरी महिला परिचालक के तौर पर चयन किया है। उन्हें विश्वास है कि शैफाली बस कंडक्टर का काम सहजता से कर लेगी।
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