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Sirsa News: साक्षर बनने के लिए 334 केंद्र पर 10,000 लोगों ने दी परीक्षा
Mon, 23 Sep 2024 07:20 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Mon, 23 Sep 2024 07:20 AM IST
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सिरसा के चेतना केंद्र में उल्लास योजना के तहत परीक्षा देते बुजुर्ग।
सिरसा। शिक्षा विभाग के उल्लास कार्यक्रम के तहत निरक्षर से साक्षर बनने के लिए रविवार को जिले में 10,000 लोगों ने परीक्षा दी। परीक्षा में महिलाओं ने भी भागीदारी दिखाई। परीक्षा लेने के लिए जिले में 334 केंद्र बनाए गए। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूल ने पहले चरण की प्रारंभिक परीक्षा ली।
ऐलनाबाद खंड के 100 साल के छाबा राम ने भी परीक्षा में भाग लिया। परीक्षा में अधिकतर महिलाएं व बुजुर्गों की उम्र 75 साल की रही। पांच से सात बुजुर्ग ही 75 से ज्यादा उम्र के रहे। अधिकारियों के अनुसार जिले में 24,608 परीक्षार्थियों ने परीक्षा के लिए आवेदन किया था। राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान से बुनियादी साक्षरता का प्रमाण पत्र पास होने वाले परीक्षार्थियों को दिया जाएगा। रविवार को हुई परीक्षा में 150 अंकों की है और इसमें 33 प्रतिशत अंक लेना जरूरी है।
अधिकारी रवि कुमार शर्मा ने बताया कि वर्ष 2022 में सरकार ने पांच साल की अवधि के लिए न्यू इंडिया लिटरेसी प्रोग्राम यानी उल्लास नामक केंद्र प्रायोजित योजना शुरू की। योजना का प्राथमिक उद्देश्य 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के सभी व्यस्क को साक्षर बनाना है। उल्लास के तहत रविवार को जिलेभर से 10 हजार से ज्यादा पढ़ने के इच्छुक लोगों ने 334 केंद्रों पर परीक्षा दी। 27 दिसंबर को परीक्षा का परिणाम घोषित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि परीक्षा को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को आदेश जारी किए थे। सभी परीक्षार्थियों की शत-प्रतिशत परीक्षा करवाना सुनिश्चित किया था। इतना ही नहीं, स्कूल के प्राचार्य को पूर्ण रूप से परीक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
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ऐलनाबाद खंड के 100 साल के छाबा राम ने भी परीक्षा में भाग लिया। परीक्षा में अधिकतर महिलाएं व बुजुर्गों की उम्र 75 साल की रही। पांच से सात बुजुर्ग ही 75 से ज्यादा उम्र के रहे। अधिकारियों के अनुसार जिले में 24,608 परीक्षार्थियों ने परीक्षा के लिए आवेदन किया था। राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान से बुनियादी साक्षरता का प्रमाण पत्र पास होने वाले परीक्षार्थियों को दिया जाएगा। रविवार को हुई परीक्षा में 150 अंकों की है और इसमें 33 प्रतिशत अंक लेना जरूरी है।
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अधिकारी रवि कुमार शर्मा ने बताया कि वर्ष 2022 में सरकार ने पांच साल की अवधि के लिए न्यू इंडिया लिटरेसी प्रोग्राम यानी उल्लास नामक केंद्र प्रायोजित योजना शुरू की। योजना का प्राथमिक उद्देश्य 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के सभी व्यस्क को साक्षर बनाना है। उल्लास के तहत रविवार को जिलेभर से 10 हजार से ज्यादा पढ़ने के इच्छुक लोगों ने 334 केंद्रों पर परीक्षा दी। 27 दिसंबर को परीक्षा का परिणाम घोषित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि परीक्षा को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को आदेश जारी किए थे। सभी परीक्षार्थियों की शत-प्रतिशत परीक्षा करवाना सुनिश्चित किया था। इतना ही नहीं, स्कूल के प्राचार्य को पूर्ण रूप से परीक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
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