{"_id":"6747612f697c3d682406f542","slug":"10-teams-formed-to-stop-incidents-of-stubble-burning-sirsa-news-c-128-1-slko1008-129208-2024-11-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sirsa News: पराली जलाने की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए 10 टीमों का गठन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sirsa News: पराली जलाने की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए 10 टीमों का गठन
Wed, 27 Nov 2024 11:43 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Wed, 27 Nov 2024 11:43 PM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। उपायुक्त शांतनु शर्मा ने जिले में पराली जलाने की घटनाओं पर रोक के लिए कृषि, पुलिस व अग्निशमन विभाग के अधिकारियों की 10 टीमों का गठन किया है। ये टीमें रात 11 बजे से तीन बजे तक अपने संबंधित आवंटित गांव में भ्रमण करते हुए आगजनी की घटनाओं पर रोकथाम करेंगी। गौरतलब है कि हरसेक द्वारा जिला में पिछले कुछ दिनों से पराली जलाने की घटनाएं के बारे में जानकारी दी गई हैं, जिसके चलते इन टीमों का गठन किया गया है।
उप कृषि निदेशक डा. सुखदेव सिंह के नेतृत्व में गांव मंगाला, अलीपुर टिटूखेड़ा, वैदवाला, मोरीवाला, सूचान कोटली, केसूपुरा, कोटली, सिकंदरपुर आदि गांवों में दौरा किया। इस दौरान कई जगह आगजनी की घटनाएं पाई गईं। उन्होंने बताया कि जिला में धान की फसल कटाई का कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है व खेत में पराली के बचे हुए अवशेषों को किसानों द्वारा प्रबंधन किया जा रहा है। सरकार द्वारा किसानों को धान फसल अवशेष प्रबंधन करने के एवज में एक हजार रुपये प्रति एकड़ का अनुदान दिया जा रहा है।
किसान कृषि विभाग के पोर्टल पर आवेदन करके लाभ प्राप्त कर सकते हैं। इस योजना के तहत जिला में 23,682 किसानों द्वारा कुल 2,00,396 एकड़ का पंजीकरण करवाया है।
विज्ञापन
उन्होंने जिला के सभी किसानों से अपील की है कि वे अपने खेतों में धान की पराली को न जलाए व सरकार द्वारा पराली प्रबंधन के लिए दी जाने वाली स्कीमों का लाभ उठाएं। यदि कोई किसान फसल अवशेषों में आगजनी करते हुए पाया गया तो उसके खिलाफ चालान व एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी तथा उसके मेरी फसल-मेरा ब्यौरा रिकॉर्ड में रेड एंट्री अंकित कर दी जाएगी। जिस कारण वह किसान अगले दो सीजन तक ई-खरीद के माध्यम से मंडी में अपनी फसल की बिक्री नहीं कर पाएगा।
विज्ञापन
सिरसा। उपायुक्त शांतनु शर्मा ने जिले में पराली जलाने की घटनाओं पर रोक के लिए कृषि, पुलिस व अग्निशमन विभाग के अधिकारियों की 10 टीमों का गठन किया है। ये टीमें रात 11 बजे से तीन बजे तक अपने संबंधित आवंटित गांव में भ्रमण करते हुए आगजनी की घटनाओं पर रोकथाम करेंगी। गौरतलब है कि हरसेक द्वारा जिला में पिछले कुछ दिनों से पराली जलाने की घटनाएं के बारे में जानकारी दी गई हैं, जिसके चलते इन टीमों का गठन किया गया है।
उप कृषि निदेशक डा. सुखदेव सिंह के नेतृत्व में गांव मंगाला, अलीपुर टिटूखेड़ा, वैदवाला, मोरीवाला, सूचान कोटली, केसूपुरा, कोटली, सिकंदरपुर आदि गांवों में दौरा किया। इस दौरान कई जगह आगजनी की घटनाएं पाई गईं। उन्होंने बताया कि जिला में धान की फसल कटाई का कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है व खेत में पराली के बचे हुए अवशेषों को किसानों द्वारा प्रबंधन किया जा रहा है। सरकार द्वारा किसानों को धान फसल अवशेष प्रबंधन करने के एवज में एक हजार रुपये प्रति एकड़ का अनुदान दिया जा रहा है।
विज्ञापन
किसान कृषि विभाग के पोर्टल पर आवेदन करके लाभ प्राप्त कर सकते हैं। इस योजना के तहत जिला में 23,682 किसानों द्वारा कुल 2,00,396 एकड़ का पंजीकरण करवाया है।
विज्ञापन
उन्होंने जिला के सभी किसानों से अपील की है कि वे अपने खेतों में धान की पराली को न जलाए व सरकार द्वारा पराली प्रबंधन के लिए दी जाने वाली स्कीमों का लाभ उठाएं। यदि कोई किसान फसल अवशेषों में आगजनी करते हुए पाया गया तो उसके खिलाफ चालान व एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी तथा उसके मेरी फसल-मेरा ब्यौरा रिकॉर्ड में रेड एंट्री अंकित कर दी जाएगी। जिस कारण वह किसान अगले दो सीजन तक ई-खरीद के माध्यम से मंडी में अपनी फसल की बिक्री नहीं कर पाएगा।