{"_id":"2ba4d710-b7d9-11e2-811c-d4ae52bc57c2","slug":"sex-ratio-increased-in-haryana","type":"story","status":"publish","title_hn":"दस साल की कोशिशों के बाद हरियाणा में बढ़ीं बेटियां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दस साल की कोशिशों के बाद हरियाणा में बढ़ीं बेटियां
चंडीगढ़/ब्यूरो
Updated Wed, 08 May 2013 05:46 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बेटी बचाओ की कई कोशिशों के बाद हरियाणा में कुछ उम्मीद नजर आई है। साल 2011 के जनगणना के आंकड़ों से पता चलता है कि एक दशक में यहां लिंगानुपात में वृद्घि हुई है।
विज्ञापन
जनगणना विभाग ने हरियाणा के अंतिम आंकड़े जारी कर दिए हैं। इससे पहले प्रोवीजनल आंकड़े जारी किए थे। अंतिम आंकड़ों में हरियाणा का लिंगानुपात बढ़ गया है।
2001 में हुई जनगणना के अनुसार राज्य में कुल लिंगानुपात 861 था जो अब बढ़कर 879 हो गया है। ग्रामीण क्षेत्र में यह अनुपात 882 से बढ़कर 866 हुआ है और शहरों में 847 से 873 हुआ है।
विज्ञापन
19 फीसदी बढ़ी आबादी
हरियाणा जनगणना निदेशालय के उपनिदेशक विनोद बब्बर ने बताया कि अब हरियाणा की आबादी 2011 की जनगणना के मुताबिक 2.53 करोड़ है। इसमें से 1.34 करोड़ पुरुष और 1.18 करोड़ महिलाएं हैं।
विज्ञापन
प्रदेश की आबादी 2001 से 2011 के बीच 19.9 फीसदी बढ़ी। राष्ट्रीय स्तर पर 17.7 फीसदी आबादी बढ़ी है।
उन्होंने बताया कि आबादी का घनत्व भी बढ़ गया है। अब एक वर्ग किलोमीटर में 573 व्यक्ति रहते हैं जबकि 2001 में 478 व्यक्ति थे।
प्रदेश में शहरी आबादी 28.9 फीसदी से बढ़कर 34.9 फीसदी हो गई है जबकि शहरी क्षेत्रफल 4.46 फीसदी है।
बढ़ी अनुसूचित जाति की आबादी
बब्बर ने बताया कि प्रदेश में अनुसूचित जाति की आबादी 51,13,615 है। वर्ष 2001 की जनगणना में 40,91,110 आबादी थी। फतेहाबाद जिले में सबसे ज्यादा अनुसूचित जाति के लोग रहते हैं। जिले की कुल आबादी का 30.2 फीसदी अनुसूचित आबादी है।
तीन चौथाई लोग साक्षर
हरियाणा में 75.6 फीसदी लोग साक्षर हैं। वर्ष 2001 की जनगणना में 67.9 फीसदी साक्षर थे। महिला साक्षरता दर 55.7 से बढ़कर 65.9 प्रतिशत हो गई जबकि राष्ट्रीय महिला साक्षरता दर 64.6 प्रतिशत है।
ग्रामीण क्षेत्रों में महिला साक्षरता दर 49.3 प्रतिशत से बढ़कर 60.0 प्रतिशत हो गई जबकि शहरी क्षेत्र में यह 71.3 प्रतिशत से बढ़कर 76.9 प्रतिशत हो गई है।