मंत्री के साथ वायरल फोटो: निहंग बाबा अमन सिंह बोले- बेअदबी मामले में हुई मुलाकात, अकेले नहीं गए, 8 निहंग सिख थे साथ
सोनीपत के कुंडली बॉर्डर पर युवक की हत्या के बाद निहंग फिर चर्चा में आ गए हैं। अब निहंग बाबा अमनदीप सिंह की केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर के साथ फोटो वायरल हो गई है, जिस पर बवाल मचा हुआ है। बाबा अमनदीप का कहना है कि वह वर्ष 2015 से अब तक हो रही बेअदबी के मामलों में भाजपा नेताओं से मिले थे। मिलने से पहले 8 बार वह पत्र लिख चुके थे।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
सोनीपत कुंडली बॉर्डर पर युवक की नृशंस हत्या की जिम्मेदारी लेने के बाद निहंग अब एक और विवाद में घिर गए हैं। निहंग बाबा अमन सिंह की केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के साथ फोटो वायरल हुई है, जिससे सोशल मीडिया पर हड़कंप मच गया है। फोटो में केंद्रीय कृषि मंत्री उन्हें सरोपा भेंट कर स्वागत करते दिख रहे हैं। अमन सिंह निहंग जत्थेदारों में शामिल हैं। एसकेएम ने फोटो पर सवाल उठाते हुए बेअदबी मामले में साजिश की आशंका जताई है। वहीं, बाबा अमनदीप का कहना है कि वह वर्ष 2015 से अब तक हो रही बेअदबी के मामलों में भाजपा नेताओं से मिले थे। मिलने से पहले 8 बार वह पत्र लिख चुके थे। उनके साथ आठ निहंग बाबा भी केंद्रीय मंत्री से मिले थे।
ये भी पढ़ें- रोहतक: सोनीपत के भाई-बहन को पैसे दोगुने करने का झांसा दे लगाया चूना, तीन नामजद
कुंडली बॉर्डर पर 15 अक्तूबर को तड़के तरनतारन के लखबीर पर गुरु ग्रंथ की बेअदबी का आरोप लगाते हुए उसकी बर्बरता से हत्या कर दी गई थी। हत्या की जिम्मेदारी निहंगों ने ली थी। इसके बाद से निहंग लगातार निशाने पर हैं। यहां तक कि संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने निहंगों के कृत्य को गलत बताते हुए, उन्हें किसान आंदोलन से अलग करार दिया था। वहीं, शुरुआत से बेअदबी के मामले में भी जांच करने की मांग किसान मोर्चा कर रहा है।
इधर, मंगलवार को अचानक केंद्रीय कृषि मंत्री के साथ बाबा अमन सिंह के वायरल हुए फोटो से सोशल मीडिया पर बवाल मच गया। कहा जा रहा है कि पूरी साजिश के तहत कुंडली बॉर्डर की घटना को अंजाम दिया गया है। बाबा अमन सिंह ने इस मामले में पहले समय मांगा था, लेकिन मंगलवार देर शाम उन्होंने कहा कि वह बेअदबी के मामले में केंद्रीय मंत्री से मिले थे।
अमन सिंह बोले- आठ पत्र लिख चुका, सरकार से जवाब मांगने गए थे
निहंग बाबा अमन सिंह ने कहा कि उनकी संगत की तरफ से 8 पत्र राष्ट्रपति, राज्यपाल, कृषि मंत्री व अन्य मंत्रियों को लिखें हैं। जिनमें बेअदबी के मामलों में जवाब मांगा गया था। उनके पत्र पर ही सरकार की ओर से उन्हें बुलाया गया था, लेकिन वहां पहुंचने के बाद उन्हें कुछ और ही कहा गया। भाजपा नेताओं ने पहले अपनी शर्तें रखी, जिन्हें मानने से हमने इनकार कर दिया। वह अकेले नहीं गए थे, बल्कि 8 निहंग बाबा उनके साथ गए थे। उन्होंने यह भी कहा कि वह केंद्र की सरकार से जवाब मांग रहे हैं। वह राष्ट्रपति से लेकर राज्यपाल तक से मिल चुके हैं, लेकिन हल नहीं हुआ। हमारा मतलब धर्म की रक्षा से है।
पहले ही जता दी थी साजिश की आशंका : एसकेएम
एसकेएम ने कहा कि उन्होंने पहले ही आशंका जताई थी कि बेअदबी के मामले में साजिश का शक है, लेकिन अब शक गहरा गया है। एसकेएम समन्वय समिति के सदस्य डॉ. दर्शनपाल ने कहा कि इस मामले की पूरी जांच होनी चाहिए। सरकार को स्वतंत्र एजेंसियों से जांच करवानी चाहिए, ताकि पूरा मामला साफ हो जाए। उन्होंने कहा कि केंद्रीय कृषि मंत्री और कृषि राज्य मंत्री द्वारा निहंग सिख समूह के नेता से जुलाई में मुलाकात की गई थी। यह निहंग सिख नेता उसी जत्थेबंदी से हैं जिसके सदस्यों पर 15 अक्तूबर को लखबीर की हत्या का आरोप लगा है। संयुक्त किसान मोर्चा एक बार फिर दोहराता है कि कुंडली बॉर्डर की घटना भाजपा और उसकी सरकारों द्वारा महसूस किए जा रहे लखीमपुर खीरी नरसंहार के दबाव से ध्यान भटकाने की साजिश में डूबी हुई प्रतीत होती है। इसकी तत्काल और गहराई से जांच की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि किसी भी धर्म और आस्था की बेअदबी अस्वीकार्य है और इसकी निंदा की जानी चाहिए।
किसान मोर्चा कल बैठक कर लेगा अहम फैसला
किसान नेता डॉ. दर्शनपाल ने कहा कि 21 अक्तूबर को किसान मोर्चा की कुंडली बॉर्डर पर बड़ी बैठक होने वाली है, जिसमें कई अहम फैसले लिए जाएंगे। उनके आंदोलन को दिल्ली की सीमाओं पर 26 अक्तूबर को 11 माह हो रहे हैं। निहंग मामले में बड़ी साजिश की बात सामने आ रही है। मृतक युवक की बहन का एक बयान आया था कि वह नशा करता था और कभी भी अपने गांव के पड़ोसी कस्बे में भी नहीं गया, लेकिन वह अचानक कुंडली बॉर्डर पर कैसे पहुंच गया। उससे पहले वह किसी से बात कर रहा था और अपनी बहन से कहा था कि उसके अब किसी बड़े आदमी के साथ संबंध हो गए हैं। इस घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश है। इस साजिश में लखबीर सिंह बलि का बकरा बन गया। पूरे मामले की जांच किसी एजेंसी को सौंपनी चाहिए।
वायरल फोटो मामले पर कांग्रेस भाजपा आमने-सामने
निहंग सिख की केंद्रीय कृषि मंत्री के साथ फोटो वायरल होने के मामले में कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट कर कहा है कि परतें उठ रही हैं, पर्दा खुल रहा है। कौन असल में पर्दे के पीछे किसके साथ खड़ा है, कौन किसानों के खिलाफ षड्यंत्र रच रहा है। इधर, भाजपा नेता राजीव जैन ने इसका जवाब देते हुए कहा कि बाबा अमन सिंह के मामले मे कांग्रेस दुष्प्रचार पर उतर आई है। किसी नेता या मंत्री से मिलने का मतलब यह नहीं कि उससे संबंध हैं। मंत्री और बाबा का फोटो काफी पुरानी है। यह कुंडली बॉर्डर पर हुई हत्या से न तो कुछ समय पहले की है और न ही हत्या के बाद की है। कांग्रेस की राजनीति दुष्प्रचार पर ही टिकी है।
आखिर कहां है बेअदबी का वीडियो
सवाल यह भी उठ रहे हैं कि आखिर निहंग बेअदबी से संबंधित कोई वीडियो फिलहाल क्यों नहीं पेश कर पाए हैं, जबकि युवक की हत्या से पहले की दर्जनों वीडियो निहंगों ने सोशल मीडिया पर वायरल किए थे। इसके अलावा पंजाब के बहुत से किसानों ने निहंगों का समर्थन करने का फैसला लिया है। उनका कहना है कि निहंग उनकी रक्षा के लिए ही सिंघु बॉर्डर पर डटे हैं। श्री गुरुग्रंथ साहिब जी की जो भी बेअदबी करेगा, उसके साथ ऐसा ही होना चाहिए। वहीं, मामले को लेकर एसकेएम की बैठक चल रही है। बैठक के बाद कोई जानकारी मिल सकती है।
अभी तक बेअदबी के सबूत नहीं मिले: विजय सांपला
राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष विजय सांपला ने श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह को पत्र लिखा। पत्र में उन्होंने लखबीर सिंह का भोग सिख मार्यादा के अनुसार कराने की अपील की। लखबीर सिंह की सिंघु बॉर्डर में निर्मम हत्या कर दी गई थी। पत्र में सांपला ने कहा कि वायरल वीडियो में कुछ लोग लखबीर सिंह पर बेअदबी का आरोप लगा रहे हैं लेकिन इस संबंध में अभी तक कोई वीडियो या फोटो प्रमाण के रूप में सामने नहीं आया है।
निहंग बाबा अमनदीप सिंह
जनमत संग्रह के आधार पर फैसला करेंगे, रुकेंगे या लौटेंगे: निहंग
निहंगों ने धरनास्थल से लौटने या रुकने को लेकर जनमत संग्रह करवाने का फैसला ले रखा है। निहंग 27 अक्तूबर को कुंडली बॉर्डर पर धार्मिक एकत्रता की बैठक करेंगे और इसमें जनमत संग्रह के आधार पर ही फैसला लेंगे कि उन्हें वापस जाना चाहिए या नहीं। निहंग बाबा राजा राम सिंह का कहना है कि वे किसानों की रक्षा के लिए यहां आए हैं।
27 को होने वाली बैठक में सिख कौम के बुद्धिजीवी भी शामिल होंगे। यहां निहंग जो फैसला लेंगे, उसे पूरी संगत मानेगी। साथ ही उन्होंने एसकेएम नेता योगेंद्र यादव पर पलटवार किया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि योगेंद्र यादव को एसकेएम ने सिर चढ़ा रखा है। वह भाजपा व आरएसएस का बंदा है।
ये भी पढ़ें- जींद: पेट्रोल पंप लूटने वाले तीन बदमाश गिरफ्तार, 3 पिस्तौल बरामद
किसानों ने कहा था -निहंगों को हमने नहीं बुलाया
संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा था कि वह निहंगों को धरनास्थल से लौटने के लिए नहीं कहेंगे। उन्होंने निहंगों को यहां आने के लिए नहीं कहा था। इस मामले में सिख कौम को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए। माना जा रहा था कि किसान मोर्चा निहंगों को धरनास्थल से वापस जाने के लिए कहेगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। संयुक्त किसान मोर्चा ने साफ किया था कि हत्या के मामले में पुलिस व कानून अपना काम करे, लेकिन बेअदबी के मामले में भी पुलिस गहराई तक जाए।
ये भी पढ़ें- महेंद्रगढ़: गौरव हत्याकांड में पुलिस को मिली बड़ी सफलता, मुख्य आरोपी समेत दो गिरफ्तार
कुंडली बॉर्डर पर हुई थी लखबीर की हत्या
कुंडली बॉर्डर पर पंजाब के तरनतारन जिले के गांव चीमा खुर्द निवासी लखबीर सिंह के हाथ व पैर काटकर उसे बैरिकेड से लटकाकर मारा गया था। निहंगों ने घटना की जिम्मेदारी ली थी। उनका कहना था कि युवक ने श्री गुरुग्रंथ साहिब जी की बेअदबी की है, इसलिए उसे मार डाला गया।