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युवाओं की महत्वाकांक्षा से भारत ने पकड़ी प्रगति की राह
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Sun, 01 Nov 2015 02:20 AM IST
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भारत 2020 तक विश्व का सबसे युवा देश बन जाएगा।
युवाओं की रूप बदलती महत्वाकांक्षा ने भारत के स्टार्टअप आयाम में एक उछाल ला दिया है और भारत को सबसे तेज प्रगति करने वाला देश बना दिया है।
यह बात प्रो. पी. रमेशन ने कही। वे शनिवार को आईआईएम की ओर से राधा कृष्णन सभागार में हो रहे दूसरे इंटरनेट स्टार्टअप शिखर सम्मेलन में बोल रहे थे। इस दौरान भारतीय इंटरनेट उद्यमों की विश्वस्तरीय प्रतिस्पर्धाओं पर विचार रखे गए।
ऑक्टेन मार्केटिंग के सह संस्थापक और निदेशक पुनीत मुदगिल ने इंटरनेट ऑफ थिंग्स और मार्केट के बीच संतुलन स्थापित करने पर चर्चा की। उत्पाद एवं डिजाइन जोमाटो के एवीपी अंकुर सरदाना ने स्कूल से ही अभिनव में रुचि जगाने की आवश्यकता पर जोर डाला।
वुल्फ मार्केटिंग के संस्थापक करियप्पा सी.के ने कहा कि गूगल और एमेजॉन अपने क्षेत्र में अग्रणी नहीं थे, लेकिन उनके विचारों के निष्पादन ने उन्हें विशाल बना दिया है। मानव संसाधन विकास कैश योर ड्राइव के अध्यक्ष ध्यान चौहान ने नॉनटेक स्टार्टअप पर भविष्य में आने वाली कठिनाइयों पर विचार रखे। दूसरे पैनल में मोबाइल क्रांति को लेकर चर्चा की गई। इसमें मोहित आहुजा और गोआईबीबो के निदेशक जगमिंदर पाल सिंह मोबाइल प्लेटफार्म की खोज पर जोर दिया।
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युवाओं की रूप बदलती महत्वाकांक्षा ने भारत के स्टार्टअप आयाम में एक उछाल ला दिया है और भारत को सबसे तेज प्रगति करने वाला देश बना दिया है।
यह बात प्रो. पी. रमेशन ने कही। वे शनिवार को आईआईएम की ओर से राधा कृष्णन सभागार में हो रहे दूसरे इंटरनेट स्टार्टअप शिखर सम्मेलन में बोल रहे थे। इस दौरान भारतीय इंटरनेट उद्यमों की विश्वस्तरीय प्रतिस्पर्धाओं पर विचार रखे गए।
ऑक्टेन मार्केटिंग के सह संस्थापक और निदेशक पुनीत मुदगिल ने इंटरनेट ऑफ थिंग्स और मार्केट के बीच संतुलन स्थापित करने पर चर्चा की। उत्पाद एवं डिजाइन जोमाटो के एवीपी अंकुर सरदाना ने स्कूल से ही अभिनव में रुचि जगाने की आवश्यकता पर जोर डाला।
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वुल्फ मार्केटिंग के संस्थापक करियप्पा सी.के ने कहा कि गूगल और एमेजॉन अपने क्षेत्र में अग्रणी नहीं थे, लेकिन उनके विचारों के निष्पादन ने उन्हें विशाल बना दिया है। मानव संसाधन विकास कैश योर ड्राइव के अध्यक्ष ध्यान चौहान ने नॉनटेक स्टार्टअप पर भविष्य में आने वाली कठिनाइयों पर विचार रखे। दूसरे पैनल में मोबाइल क्रांति को लेकर चर्चा की गई। इसमें मोहित आहुजा और गोआईबीबो के निदेशक जगमिंदर पाल सिंह मोबाइल प्लेटफार्म की खोज पर जोर दिया।
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