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भारतीय ज्ञान परंपरा के अनुरूप शिक्षा नीति लागू करना सबका दायित्व : बाल किशन
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07 रोहतक के बहु अकबरपुर स्थित शिक्षा भारती विद्यालय में 9 विषयों की कार्यशाला के दौरान उत्तर क
रोहतक। बहु अकबरपुर स्थित शिक्षा भारती विद्यालय में सोमवार को संकुल स्तरीय 9 विषयों की कार्यशाला की गई। उत्तर क्षेत्र सह संगठन मंत्री बालकिशन ने कहा कि एनईपी (नेशनल एजुकेशन पॉलिसी) को भारतीय ज्ञान परंपरा के अनुरूप लागू करना हम सभी का दायित्व है।
कार्यशाला में हिंदी, संस्कृत, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, कंप्यूटर, वाणिज्य व शिशु वाटिका विषयों के आचार्यों ने सहभागिता की। प्राचार्य डॉ. मंजीत मलिक ने कहा कि कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य आचार्यों के विषयगत ज्ञान को समृद्ध करना, शिक्षण की नवीन विधि से परिचित कराना व विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रभावी शिक्षण पद्धतियों को प्रोत्साहित करना रहा। कार्यशाला में संकुल के 12 विद्यालयों से विभिन्न विषयों में 222 आचार्यों ने भाग लिया।
कार्यक्रम में श्रीमद् भागवत गीता विद्यालय के निदेशक एवं उत्तर क्षेत्र के संस्कृति बोध परियोजना के संयोजक अनिल कुलश्रेष्ठ, शिशु वाटिका प्रांत सह संयोजक सोमदत्त शर्मा, हरियाणा प्रांत प्रशिक्षण संयोजक सोमनाथ व संकुल प्रमुख अश्वनी आदि उपस्थित रहे।
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कार्यशाला में हिंदी, संस्कृत, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, कंप्यूटर, वाणिज्य व शिशु वाटिका विषयों के आचार्यों ने सहभागिता की। प्राचार्य डॉ. मंजीत मलिक ने कहा कि कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य आचार्यों के विषयगत ज्ञान को समृद्ध करना, शिक्षण की नवीन विधि से परिचित कराना व विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रभावी शिक्षण पद्धतियों को प्रोत्साहित करना रहा। कार्यशाला में संकुल के 12 विद्यालयों से विभिन्न विषयों में 222 आचार्यों ने भाग लिया।
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कार्यक्रम में श्रीमद् भागवत गीता विद्यालय के निदेशक एवं उत्तर क्षेत्र के संस्कृति बोध परियोजना के संयोजक अनिल कुलश्रेष्ठ, शिशु वाटिका प्रांत सह संयोजक सोमदत्त शर्मा, हरियाणा प्रांत प्रशिक्षण संयोजक सोमनाथ व संकुल प्रमुख अश्वनी आदि उपस्थित रहे।
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