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Rohtak News: मन के भावों को पृष्ठों पर उकेरने का आत्मविश्वास ही लेखन

Wed, 05 Mar 2025 01:07 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 05 Mar 2025 01:07 AM IST
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Writing is the confidence to put your feelings on paper
फोटो 12- सोनीपत के मुरथल स्थित ताऊ देवीलाल राजकीय महिला महाविद्यालय में समीक्षा कार्यक्रम के दौ
सोनीपत। ताऊ देवीलाल राजकीय महिला महाविद्यालय, मुरथल के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (आईक्यूएसी) के लेखन पठन-पाठन मंच के अंतर्गत स्वरचित, अनुवादित कविता पाठ, पसंदीदा शो व पुस्तक समीक्षा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में छात्राओं ने अपने-अपने विचारों को प्रस्तुत किया।
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आईक्यूएसी की सदस्य डॉ. सरिता बांगा, डॉ. अनुप्रिया पूनिया, डॉ. संदीप दहिया, डॉ. सविता मलिक व नवीन निर्मल ने प्रोत्साहित किया। कार्यक्रम में सुमन, तन्नु व सोनालिका ने आईएम कलाम पुस्तक, रितिका ने आग के पंख, मुस्कान ने एक दिन जिंदगी बदल जाएगी, सोनू ने द नेमसेक उपन्यास, हिमांशी ने रामायण पुस्तक की समीक्षा प्रस्तुत की। प्रकोष्ठ की संयोजिका प्रोफेसर ज्योति राज ने बताया कि मंच का उद्देश्य छात्राओं को लेखन व पठन के प्रति उत्साहित करना है। मन के भावों को पृष्ठों पर उकेरने का आत्मविश्वास ही लेखन की ओर पहला कदम होता है। उन्होंने आह्वान किया कि छात्राएं स्वयं को कम न आंके व अपने लेख सार्वजनिक रूप से साझा करें। टीवी प्रोग्राम की समीक्षा सत्र में मीनाक्षी ने तेनालीराम, नेहा व शिवानी ने तारक मेहता का उल्टा चश्मा व हिमांशी ने रामसेतु फिल्म की समीक्षा प्रस्तुत की।
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स्वरचित कविता पाठ सत्र में छात्राओं व प्राध्यापकों के भाव
वैशाली : इतना खुला आसमान उड़ने को मन करता है, कांटों भरी गालियां फिर भी चलने को मन करता है।
मीनाक्षी : जीवन में कई उतार-चढ़ाव आते हैं, कई बार हम खुद को मुश्किलों में घिरा पाते हैं। हर बार नई चुनौती आती है, कभी-कभी जिंदगी बहुत मुश्किल हो जाती है।।
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अनुराधा : एक मात के चार पुत्र थे, समाज मैं तै भाई रै, ब्याह होते ही लड़न लाग गै, लाग्गी होण लड़ाई रै।
सिमरन : क्यूं इतनी उदास हो तुम, क्यूं खुद से बेइंतहा रूठी हो तुम।
सहायक प्रोफेसर संगीता मान : सोचा कि कुछ खास लिखूं अपने मन के जज्बात लिखूं, तेरा नाम ही लिखा था कि सोचा अब क्या नई बात लिखूं।
सहायक प्रोफेसर नितिन आंतिल : महान यूं ही नहीं बना जाता, एक बार बड़ा काम करके तो देख। आसमां सिमट आएगा आगोश में एक बार कोशिश करके तो देख।।
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