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Rohtak News: बाबा मस्तनाथ को शीश नवा कर मांगी मन्नतें
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रोहतक। बाबा मस्तनाथ मठ अस्थल बोहर मेले के दूसरे दिन अष्टमी को बाबा मस्तनाथ की समाधि पर श्रद्धालुओं ने शीश नवाते हुए मन्नतें मांगीं। अलसुबह शुरु हुआ श्रद्धालुओं का मठ पहुंचने का सिलसिला देर शाम तक जारी रहा। यहां देश भर से आए जटाधारी भस्म रमाए साधु-संतों का आशीर्वाद लेने के लिए श्रद्धालु उमड़ पड़े। ढोल नगाड़ों की थाप व भजनों पर झूमते श्रद्धालु मेले का आकर्षण बने रहे। यहां कृषि मंत्री जयप्रकाश दलाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। बाबा बालकपुरी डेरे के संस्थापक महामंडलेश्वर बाबा करणपुरी, महामंडलेश्वर बाबा कपिल पुरी, कालीदास धाम से बाबा कालीदास, भाजपा जिला अध्यक्ष अजय बंसल, सतीश नांदल, शानू यादव समेत अनेक लोग मेले में पहुंचे।
मठ के महंत योगी बालकनाथ मठ परंपरा के अनुसार सोमवार को गद्दी पर विराजमान हुए और भक्तों को आशीर्वाद दिया। मान्यता है कि गद्दी पर विराजमान महंत में भक्तों को बाबा मस्तनाथ के दर्शन होते हैं। यहां मांगी गई मन्नत पूरी होती है। इस विशेष अवसर पर योगी बालकनाथ के दर्शन के लिए भक्तों का तांता लगा रहा। सुबह चार बजे से ही मठ में धूने और समाधि पर पूजा का क्रम शुरू हो गया। श्रद्धालुओं ने कहीं देसी घी की जोत लगाई तो कहीं गुड़ और कंबल चढ़ा कर मन्नतें मांगी। सोमवार को प्रसाद रूप में लड्डू , बालूशाही, चावल, सब्जी, मूंग की दाल, रोटी और पूड़ी वितरित की गई। मठ परिसर में लगे झूलों पर बच्चों व बड़ों ने झूल कर मेले का लुत्फ उठाया। इस मौके पर प्रो-चांसलर डॉ. अंजना राव, कुलपति डॉ. आरएस यादव, रजिस्ट्रार डॉ. मनोज कुमार वर्मा, डीन एकेडमिक अफेयर्स डॉ. नवीन शर्मा, नायब तहसीलदार गोहाना डॉ. प्रमोद मेहरा, परीक्षा नियंत्रक डॉ. मुकेश सिंगला, सलाहकार ओपी सचदेवा, प्रो. बीएम यादव, डॉ. अरुणा आंचल, डॉ. ललित कुमार, प्रो. सुभाष चंद्र गुप्ता, डॉ. देवेंद्र वशिष्ठ, डॉ. नवदीप बिसला समेत अनेक लोग उपस्थित रहे।
तीन साल में पूरा होगा निमार्ण - योगी बालकनाथ
बाबा मस्तनाथ मठ के गद्दीनशीन योगी बालकनाथ सोमवार को मठ की गद्दी पर विराजमान हुए। उन्होंने श्रद्धालुओं को आशीर्वाद दिया। बीच-बीच में नीचे पंडाल में आकर उन्होंने प्रमुख लोगों से मंत्रणा भी की। इस दौरान योगी बालकनाथ ने कहा कि यहां भव्य मंदिर परिसर के निर्माण का कार्य काफी तेजी से चल रहा है। उनकी कोशिश रहेगी कि जल्द से जल्द मंदिर का निर्माण पूरा हो जाए। उसके बाद पूरे परिसर का निर्माण कार्य भी तेजी से हो सकेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि तीन साल के अंदर पूरे परिसर का निर्माण पूरा हो जाएगा।
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धूने के चारों ओर नाच गाकर रमाई भस्म
मंदिर में पूजा अर्चना से पूर्व साधु संतों ने धूने के चारों और नाचते गाते हुए अपने शरीर पर भस्म रमाई। संतों का भस्म रमाने का यह मनोहारी दृश्य देखने के लिए श्रद्धालुओं का हुजूम लगा रहा। सुरक्षा के लिहाज से मठ परिसर चारों ओर से पुलिस पहरे में घिरा रहा। दिल्ली रोड पर ट्रैफिक व्यवस्था संभालने के लिए भी कई पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई थी।
श्रद्धालुओं ने स्वास्थ्य जांच का उठाया लाभ
मेले के दूसरे दिन श्रद्धालुओं ने निशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर का लाभ उठाया। यहां चिकित्सकों ने जरूरतमंदों को दवा व उपचार मुहैया कराया। इसके लिए विशेष तौर शिविर लगाया गया।
संस्कृति को पहचानने का अवसर देते हैं मेले : कृषि मंत्री
माई सिटी रिपोर्टर
रोहतक। मेले हमारे सामाजिक जीवन का महत्वपूर्ण अंग हैं। ये हमारी संस्कृति को पहचानने का अवसर देते हैं। यह कहना है कृषि मंत्री जयप्रकाश दलाल का। वह सोमवार को अस्थल बोहर स्थित बाबा मस्तनाथ मठ में आयोजित मेले में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे थे।
उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों पर आयोजित मेले जीवन में प्रसन्नता भर देते हैं। मेले अन्य लोगों से मिलने व अपनी संस्कृति को पहचानने का सुअवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों पर आयोजित होने वाले मेलों का उत्साह भरा माहौल दुनिया में कहीं भी देखने को नहीं मिलता। मस्तनाथ मठ एक ऐसा धार्मिक स्थल हैं, जहां बाबा मस्तनाथ समेत अनेक साधु महात्माओं ने तपस्या की है। यह स्थल लाखों लोगों की आस्था व श्रद्धा का केंद्र है।
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मठ के महंत योगी बालकनाथ मठ परंपरा के अनुसार सोमवार को गद्दी पर विराजमान हुए और भक्तों को आशीर्वाद दिया। मान्यता है कि गद्दी पर विराजमान महंत में भक्तों को बाबा मस्तनाथ के दर्शन होते हैं। यहां मांगी गई मन्नत पूरी होती है। इस विशेष अवसर पर योगी बालकनाथ के दर्शन के लिए भक्तों का तांता लगा रहा। सुबह चार बजे से ही मठ में धूने और समाधि पर पूजा का क्रम शुरू हो गया। श्रद्धालुओं ने कहीं देसी घी की जोत लगाई तो कहीं गुड़ और कंबल चढ़ा कर मन्नतें मांगी। सोमवार को प्रसाद रूप में लड्डू , बालूशाही, चावल, सब्जी, मूंग की दाल, रोटी और पूड़ी वितरित की गई। मठ परिसर में लगे झूलों पर बच्चों व बड़ों ने झूल कर मेले का लुत्फ उठाया। इस मौके पर प्रो-चांसलर डॉ. अंजना राव, कुलपति डॉ. आरएस यादव, रजिस्ट्रार डॉ. मनोज कुमार वर्मा, डीन एकेडमिक अफेयर्स डॉ. नवीन शर्मा, नायब तहसीलदार गोहाना डॉ. प्रमोद मेहरा, परीक्षा नियंत्रक डॉ. मुकेश सिंगला, सलाहकार ओपी सचदेवा, प्रो. बीएम यादव, डॉ. अरुणा आंचल, डॉ. ललित कुमार, प्रो. सुभाष चंद्र गुप्ता, डॉ. देवेंद्र वशिष्ठ, डॉ. नवदीप बिसला समेत अनेक लोग उपस्थित रहे।
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तीन साल में पूरा होगा निमार्ण - योगी बालकनाथ
बाबा मस्तनाथ मठ के गद्दीनशीन योगी बालकनाथ सोमवार को मठ की गद्दी पर विराजमान हुए। उन्होंने श्रद्धालुओं को आशीर्वाद दिया। बीच-बीच में नीचे पंडाल में आकर उन्होंने प्रमुख लोगों से मंत्रणा भी की। इस दौरान योगी बालकनाथ ने कहा कि यहां भव्य मंदिर परिसर के निर्माण का कार्य काफी तेजी से चल रहा है। उनकी कोशिश रहेगी कि जल्द से जल्द मंदिर का निर्माण पूरा हो जाए। उसके बाद पूरे परिसर का निर्माण कार्य भी तेजी से हो सकेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि तीन साल के अंदर पूरे परिसर का निर्माण पूरा हो जाएगा।
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धूने के चारों ओर नाच गाकर रमाई भस्म
मंदिर में पूजा अर्चना से पूर्व साधु संतों ने धूने के चारों और नाचते गाते हुए अपने शरीर पर भस्म रमाई। संतों का भस्म रमाने का यह मनोहारी दृश्य देखने के लिए श्रद्धालुओं का हुजूम लगा रहा। सुरक्षा के लिहाज से मठ परिसर चारों ओर से पुलिस पहरे में घिरा रहा। दिल्ली रोड पर ट्रैफिक व्यवस्था संभालने के लिए भी कई पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई थी।
श्रद्धालुओं ने स्वास्थ्य जांच का उठाया लाभ
मेले के दूसरे दिन श्रद्धालुओं ने निशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर का लाभ उठाया। यहां चिकित्सकों ने जरूरतमंदों को दवा व उपचार मुहैया कराया। इसके लिए विशेष तौर शिविर लगाया गया।
संस्कृति को पहचानने का अवसर देते हैं मेले : कृषि मंत्री
माई सिटी रिपोर्टर
रोहतक। मेले हमारे सामाजिक जीवन का महत्वपूर्ण अंग हैं। ये हमारी संस्कृति को पहचानने का अवसर देते हैं। यह कहना है कृषि मंत्री जयप्रकाश दलाल का। वह सोमवार को अस्थल बोहर स्थित बाबा मस्तनाथ मठ में आयोजित मेले में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे थे।
उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों पर आयोजित मेले जीवन में प्रसन्नता भर देते हैं। मेले अन्य लोगों से मिलने व अपनी संस्कृति को पहचानने का सुअवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों पर आयोजित होने वाले मेलों का उत्साह भरा माहौल दुनिया में कहीं भी देखने को नहीं मिलता। मस्तनाथ मठ एक ऐसा धार्मिक स्थल हैं, जहां बाबा मस्तनाथ समेत अनेक साधु महात्माओं ने तपस्या की है। यह स्थल लाखों लोगों की आस्था व श्रद्धा का केंद्र है।