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Rohtak News: सोमवार तक बार में रहेगा वर्क सस्पेंड, रोजाना 500 से ज्यादा केस प्रभावित
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रोहतक। रेलवे रोड स्थित प्लॉट के विवाद में अधिवक्ता सुमित कुमार पर हुए मुकदमे में अधिवक्ता अभी काम पर लौटने के मूड में नहीं है। शुक्रवार को वकीलों ने वर्क सस्पेंड रखा, अब सोमवार तक वर्क सस्पेंड रहेगा। सोमवार को पुलिस अधिकारियों ने इस केस में जांच की स्थिति स्पष्ट की जाएगी। बार एसोसिएशन हाउस की बैठक में आगे की रणनीति बनाएगी। उधर, वर्क सस्पेंड से हर रोज 500 से अधिक वाद प्रभावित हो रहे हैं। हालांकि इस पर बार प्रधान ने कहा कि प्रत्येक अधिवक्ता अपने मुव्वकिल के केस में तारीख की जानकारी दे रहे हैं। जिससे परिवादी परेशान नहीं होते हैं।
दरअसल, सिटी थाने में 13 जून को हुई एफआईआर में बताया गया है कि 25 अक्तूबर 2023 को दिल्ली निवासी हर्षिता जैन और संजय गर्ग ने रेलवे रोड पर पीरजी मोहल्ला में स्थित 130 गज जमीन का सौदा किया था। इसके लिए बयाने के तौर पर हर्षिता को कुल 97.5 लाख रुपये दिए गए थे। मई 2024 में उसे पता चला कि हर्षिता ने मार्च माह में इसे बेच दिया था। 30 अगस्त को आर्य नगर थाने में एफआईआर नंबर 219 दर्ज की गई, जो रेलवे रोड की जमीन खरीद-फरोख्त केस से जुड़ी है। एफआईआर में दिल्ली की पालम कॉलोनी निवासी वकील अशोक यादव ने डीजीपी को शिकायत भेजकर आरोप लगाया कि उसे पुलिस ने सिटी थाने में बुलाया और 11 घंटे तक अवैध तरीके से हिरासत में रखा। इसके बाद दबाव बनाकर 50 लाख रुपये की वसूली की गई।
इस प्रकरण में आर्यनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। जिसमें सिटी थाना प्रभारी कुलदीप, एएसआई कुलदीप समेत 10 पर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस प्रकरण में अधिवक्ता सुमित कुमार का भी नाम एफआईआर में शामिल किया गया था। इसे लेकर सोमवार से अधिवक्ता वर्क सस्पेंड पर है। बुधवार को अधिवक्ताओं का एक प्रतिनिधि मंडल पुलिस अधीक्षक से भी मिला था। उनको एसपी ने निष्पक्ष जांच और निष्पक्ष कार्रवाई करने का आश्वासन दिया था। इसके बाद से अधिवक्ताओं ने भी जांच होने तक वर्क सस्पेंड की घोषणा कर दी थी। शुक्रवार को वर्क सस्पेंड के दौरान अधिवक्ताओं ने सोमवार तक वर्क सस्पेंड करने की घोषणा कर दी और कहा कि बार एसोसिएशन हाउस की बैठक बुलाई जाएगी। उसी में आगे का रणनीति तय की जाएगी।
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हर रोज अदालत में लगते हैं 500 केस
अदालतों में हर रोज 500 से अधिक केस की सुनवाई की जाती है, लेकिन सोमवार से 9 सितंबर तक अधिवक्ताओं ने वर्क सस्पेंड की घोषणा कर रखी है। इस तरह हर रोज 500 लोग अदालत में आते हैं। जबकि कुछ लोग इनके साथ आते हैं। चूंकि एक-एक केस में कई-कई लोग शामिल होते हैं। इससे हर रोज हजारों की संख्या में लोग बिना सुनवाई के चले जाते हैं।
अधिवक्ता देते हैं अपने मुव्वकिल को सूचना
जब-जब अदालत में वर्क सस्पेंड रहता है तो वकील की जिम्मेदारी होती है कि वह अपने-अपने मुव्वकिल को जानकारी दें। जिससे उनके मुव्वकिल अदालत में आकर परेशान न हों। इसका पूरा ध्यान रखा जाता है और प्रत्येक वकील ने अपने मुव्वकिल को केस को लेकर अपडेट करते हैं।
अरविंद श्योराण, प्रधान बार एसोसिएशन रोहतक।
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दरअसल, सिटी थाने में 13 जून को हुई एफआईआर में बताया गया है कि 25 अक्तूबर 2023 को दिल्ली निवासी हर्षिता जैन और संजय गर्ग ने रेलवे रोड पर पीरजी मोहल्ला में स्थित 130 गज जमीन का सौदा किया था। इसके लिए बयाने के तौर पर हर्षिता को कुल 97.5 लाख रुपये दिए गए थे। मई 2024 में उसे पता चला कि हर्षिता ने मार्च माह में इसे बेच दिया था। 30 अगस्त को आर्य नगर थाने में एफआईआर नंबर 219 दर्ज की गई, जो रेलवे रोड की जमीन खरीद-फरोख्त केस से जुड़ी है। एफआईआर में दिल्ली की पालम कॉलोनी निवासी वकील अशोक यादव ने डीजीपी को शिकायत भेजकर आरोप लगाया कि उसे पुलिस ने सिटी थाने में बुलाया और 11 घंटे तक अवैध तरीके से हिरासत में रखा। इसके बाद दबाव बनाकर 50 लाख रुपये की वसूली की गई।
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इस प्रकरण में आर्यनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। जिसमें सिटी थाना प्रभारी कुलदीप, एएसआई कुलदीप समेत 10 पर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस प्रकरण में अधिवक्ता सुमित कुमार का भी नाम एफआईआर में शामिल किया गया था। इसे लेकर सोमवार से अधिवक्ता वर्क सस्पेंड पर है। बुधवार को अधिवक्ताओं का एक प्रतिनिधि मंडल पुलिस अधीक्षक से भी मिला था। उनको एसपी ने निष्पक्ष जांच और निष्पक्ष कार्रवाई करने का आश्वासन दिया था। इसके बाद से अधिवक्ताओं ने भी जांच होने तक वर्क सस्पेंड की घोषणा कर दी थी। शुक्रवार को वर्क सस्पेंड के दौरान अधिवक्ताओं ने सोमवार तक वर्क सस्पेंड करने की घोषणा कर दी और कहा कि बार एसोसिएशन हाउस की बैठक बुलाई जाएगी। उसी में आगे का रणनीति तय की जाएगी।
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हर रोज अदालत में लगते हैं 500 केस
अदालतों में हर रोज 500 से अधिक केस की सुनवाई की जाती है, लेकिन सोमवार से 9 सितंबर तक अधिवक्ताओं ने वर्क सस्पेंड की घोषणा कर रखी है। इस तरह हर रोज 500 लोग अदालत में आते हैं। जबकि कुछ लोग इनके साथ आते हैं। चूंकि एक-एक केस में कई-कई लोग शामिल होते हैं। इससे हर रोज हजारों की संख्या में लोग बिना सुनवाई के चले जाते हैं।
अधिवक्ता देते हैं अपने मुव्वकिल को सूचना
जब-जब अदालत में वर्क सस्पेंड रहता है तो वकील की जिम्मेदारी होती है कि वह अपने-अपने मुव्वकिल को जानकारी दें। जिससे उनके मुव्वकिल अदालत में आकर परेशान न हों। इसका पूरा ध्यान रखा जाता है और प्रत्येक वकील ने अपने मुव्वकिल को केस को लेकर अपडेट करते हैं।
अरविंद श्योराण, प्रधान बार एसोसिएशन रोहतक।