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मानवता के हित में महिलाओं ने दिखाया हौसला, लेकिन रक्त की कमी बनी बाधा

Tue, 21 Jul 2020 04:28 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 21 Jul 2020 04:28 PM IST
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Women showed courage in the interest of humanity, but lack of blood became a hindrance
कोरोना की स्वदेशी वैक्सीन की रिसर्च में वालंटियर बनने के लिए आगे आई महिलाओं ने यह तो साबित कर दिया कि उनका हौसला किसी से कम नहीं है, लेकिन देश की महिलाओं की सबसे बड़ी समस्या उनका एनिमिक होना है। इस कारण वे इस रिसर्च में शामिल नहीं हो पाई। हालांकि रिसर्च में शामिल होने आए कुछ पुरुषों को भी स्वास्थ्य समस्या के चलते रिजेक्ट कर दिया गया। इसी बीच सोमवार को चार नये वालंटियरों को एक्सपर्ट की निगरानी में वैक्सीन की डोज दे दी गई। अब संस्थान की रिसर्च में 13 वालंटियर जुड़ गए हैं, इन सभी पर नजर रखी जा रही है।
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पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय रोहतक कोरोना वैक्सीन की रिसर्च कर रहे देश के 12 मेडिकल संस्थानों में एक है। यहां सोमवार को चार नये वालंटियरों को वैक्सीन की डोज ट्रायल के लिए दी गई है। इससे पहले नौ वालंटियरों को वैक्सीन की सामान्य से कम डोज दी जा चुकी है और सभी का स्वास्थ्य सही है। एक्सपर्ट ने बताया कि सभी वालंटियर 20 से 40 की आयु के बीच के हैं। अभी तक संस्थान 20 वालंटियरों की स्क्रीनिंग कर चुका है, इसमें से 15 ही आईसीएमआर की शर्तों को पूरा कर पाए हैं। रिसर्च में शामिल होने आई दो महिलाओं के एनिमिक होने के चलते वह रिजेक्ट हो गई। इसमें दस एचबी से कम रक्त मिला। यह देश की महिलाओं की सामान्य समस्या है, इसलिए महिलाओं को हेल्थ एक्सपर्ट आयरन की गोलियां लेने की सलाह देते हैं। वहीं कुछ पुरुषों को भी उनकी स्वास्थ्य समस्या की पहचान होने पर रिजेक्ट करना पड़ा है। इसमें एक व्यक्ति की जांच में थैलेसिमिया मिला है, जबकि उसे इस बारे में पता ही नहीं था। इसके अलावा कुछ लोगों को जेनेटिक समस्या के चलते इस रिसर्च से रिजेक्ट करना पड़ा है।
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सोमवार को चार नये वालंटियरों को कोवैक्सीजन की डोज दी गई है, चारों ठीक हैं। इसके अलावा कुछ वालंटियर स्क्रीनिंग में स्वास्थ्य समस्या से ग्रस्त मिले हैं। इन्हें रिसर्च में शामिल नहीं किया गया है। हम चाहते हैं कि रिसर्च में हेल्दी लोग सामने आएं, इसके लिए जारी हेल्पलाइन 9416447071 नंबर पर वह संपर्क कर सकते हैं।
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- डॉ. सविता वर्मा, प्रिंसिपल इंवेस्टिगेटर कोवैक्सीन ह्यूमन रिसर्च, पीजीआईएमएस रोहतक।
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