फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rohtak News ›   Women of 12 villages are adding colour to their dreams by doing sewing and printing

Rohtak News: सिलाई-छपाई कर सपनों में रंग भर रहीं 12 गांवों की महिलाएं

Thu, 07 Aug 2025 02:33 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 07 Aug 2025 02:33 AM IST
विज्ञापन
Women of 12 villages are adding colour to their dreams by doing sewing and printing
लाखन माजरा में महिलाओं को छपाई की जानकारी देतीं उन्नति स्वयं सहायता समूह की सदस्य मानता शर्मा।
रोहित राठौर
विज्ञापन

रोहतक। लाखन माजरा ब्लॉक के 12 गांवों की महिलाएं सिलाई व छपाई कर परिवार की आजीविका चला रही हैं। सामान्य घरों की ये महिलाएं हथकरघा (हैंडलूम) का काम कर रही हैं। वर्ष 2015 में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ा 30 महिलाओं का यह कारवां अब बढ़कर 250 तक पहुंच गया है।
लाखन माजरा के चांदी, चिड़ी, इंद्रगढ़, खरैंटी, निंदाणा, बैंसी, गूगाहेड़ी, खरक, मदीना आदि गांवों की महिलाएं अलग-अलग स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर काम कर रही हैं। इन समूहों की महिलाओं ने अब उन्नति स्वयं सहायता समूह से जुड़कर बेडशीट, दोहर (एसी में ओढ़ने का कपड़ा), तकियों की छपाई, बेड कवर, साड़ियां व सूटों पर छपाई कर रही हैं।
विज्ञापन

सीजन के अनुसार ये महिलाएं घर बैठे ही रोज 500-600 रुपये कमा रही हैं। जुलाई 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी अपने मन की बात कार्यक्रम में महिलाओं के इस हुनर की प्रशंसा कर चुके हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

समूह की महिलाओं का प्रतिनिधित्व कर रहीं मानता शर्मा ने बताया कि हैदाराबाद, दिल्ली, गुरुग्राम, चंडीगढ़, मोहाली व जम्मू से उन्हें काम के ऑर्डर मिल रहे हैं। वर्ष 2023 में ऑस्ट्रेलिया में भी मेट, बेडशीट व कवर भेजे गए थे।
उन्होंने बताया कि सूरजकुंड मेला, इंडिया गेट, प्रगति मैदान, गुरुगाम, चंडीगढ़, मोहाली, पंचकूला व श्रीनगर में हैंडलूम की प्रदर्शनी लगा चुकी हैं। खादी इंडिया के चेयरमैन मनोज कुमार ने लाखन माजरा पहुंचकर हैंडलूम केंद्र का दौरा कर महिलाओं का हौसला बढ़ा चुके हैं। संवाद
2023 से महिलाओं को ट्रेनिंग दे रहींं ओमपति
लाखन माजरा की ओमपति ने बताया कि उसने खुद पहले हैंडलूम की ट्रेनिंग ली। अब वह दूसरी महिलाओं को हैंडलूम का प्रशिक्षण दे रही है। लाखन माजरा के ट्रेनिंग केंद्र में 2023 के बाद से 155 महिलाएं प्रशिक्षण ले चुकी हैं।
यही नहीं, महिलाएं स्कूलों में जाकर भी बच्चों को रंगाई व छपाई की जानकारी दे रही हैं। पिछले माह जुलाई में भी 40 बहनों को हैंडलूम के कार्य की ट्रेनिंग दी गई। इनके साथ माया, संतोष व राखी आदि समूह सदस्य भी इसमें अपना हुनर दिखा रही हैं।
----------
तीन साल से तीज कोथली के थैले तैयार कर रहीं महिलाएं

खरैंटी गांव की कविता ने बताया कि हरियाणा सरकार की ओर से तीन साल से तीज पर्व पर कोथली के थैले बनाने के लिए ऑर्डर मिल रहे हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2023 में 34 हजार, 2024 में 36 हजार और साल 2025 में 26 हजार कोथली के लिए थैले बनाए हैं। इस साल ढाई दिन में 250 महिलाओं ने कोथली के 26 हजार थैले तैयार किए हैं।

कोरोना काल में महिलाओं ने लाखों मास्क तैयार कर घर बैठे कमाई की। कविता ने यह भी बताया कि एक कंपनी की ओर से आटा पैकिंग के लिए थैले बनाने के लिए ऑर्डर मिला है। कंपनी का कहना कि पॉलिथीन नहीं, कपड़े के थैलों में आटे की पैकिंग की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article