{"_id":"6643fc6c7f7557d2f407e6c4","slug":"who-will-repair-the-clock-of-the-clock-tower-jhajjar-news-c-195-1-nnl1001-110307-2024-05-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rohtak News: घंटाघर की घड़ी का घंटा माैन, ठीक कराएगा काैन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rohtak News: घंटाघर की घड़ी का घंटा माैन, ठीक कराएगा काैन
Wed, 15 May 2024 05:36 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Wed, 15 May 2024 05:36 AM IST
विज्ञापन
झज्जर में स्थित टाउन हॉल में बना हुआ घंटाघर।स्त्रोत स्वयं
झज्जर। शहर के बाबू बालमुकुंद गुप्त जिला पुस्तकालय को टाउन हॉल के नाम से जाना जाता है। झज्जर शहर की शान टाउन हॉल घंटाघर के नाम से भी प्रसिद्ध है।
इसमें मुगल काल से हर घंटे बजने वाली घड़ियां लगी हैं, लेकिन कुछ दिन से घड़ियों की घंटियां बंद हैं। करीब दो साल पहले प्रशासन ने काफी बड़ी घड़ियां लगवाई थी इनमें हर घंटे घंटी बजती थी लेकिन अब ये भी खराब हो गया है। शहरवासियों ने प्रशासन से इसे ठीक कराने की मांग की है।
टाउन हाॅल पर सालों पुरानी घड़ियां किसी कारणवश बंद हो गई थी। लगभग 2 वर्ष पूर्व ऐतिहासिक टाउन हॉल घंटाघर पर प्रशासन ने बड़े आकार की घड़ियां लगवाई थी। इन घड़ियों में समय के साथ घंटा बजता है। हर एक घंटे के बाद जितना समय होता है, उतने बार घंटे बजते हैं। गणित शिक्षक अनिल छाबड़ा ने बताया कि कुछ दिनों से यह आवाज सुनाई नहीं दे रही। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि टाउन हॉल के एतिहासिक घड़ियों को ठीक कराकर शहरवासियों की भावनाओं की कद्र करे। इस घंटे की आवाज बहुत दूर तक सुनाई देती है। उन्होंने बताया कि हर घंटे की आवाज को सुनकर लोग अपनी घड़ियों में समय का मिलान करते है, जिससे शहर में समय की एकरूपता बनने लगी थी। बताया कि जब से इन घड़ियों से घंटे की आवाज शुरू हुई है, बहुत से लोगों ने कलाई घड़ी भी बांधना छोड़ दी है। वही आंबेडकर चौक निवासी नगर पालिका से सेवानिवृत 72 वर्षीय बुजुर्ग प्यारे लाल जाटव ने बताया कि पुराने समय में घड़ियों का प्रचलन बहुत कम था। उस दौरान लोग धूप की परछाई देखकर एवं घंटाघर पर लगी घड़ियों की ध्वनि सुनकर अपने आसपास के लोगों और परिवार में बच्चों को कितना समय हो गया है, इसकी जानकारी देते थे।ा
विज्ञापन
इसमें मुगल काल से हर घंटे बजने वाली घड़ियां लगी हैं, लेकिन कुछ दिन से घड़ियों की घंटियां बंद हैं। करीब दो साल पहले प्रशासन ने काफी बड़ी घड़ियां लगवाई थी इनमें हर घंटे घंटी बजती थी लेकिन अब ये भी खराब हो गया है। शहरवासियों ने प्रशासन से इसे ठीक कराने की मांग की है।
टाउन हाॅल पर सालों पुरानी घड़ियां किसी कारणवश बंद हो गई थी। लगभग 2 वर्ष पूर्व ऐतिहासिक टाउन हॉल घंटाघर पर प्रशासन ने बड़े आकार की घड़ियां लगवाई थी। इन घड़ियों में समय के साथ घंटा बजता है। हर एक घंटे के बाद जितना समय होता है, उतने बार घंटे बजते हैं। गणित शिक्षक अनिल छाबड़ा ने बताया कि कुछ दिनों से यह आवाज सुनाई नहीं दे रही। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि टाउन हॉल के एतिहासिक घड़ियों को ठीक कराकर शहरवासियों की भावनाओं की कद्र करे। इस घंटे की आवाज बहुत दूर तक सुनाई देती है। उन्होंने बताया कि हर घंटे की आवाज को सुनकर लोग अपनी घड़ियों में समय का मिलान करते है, जिससे शहर में समय की एकरूपता बनने लगी थी। बताया कि जब से इन घड़ियों से घंटे की आवाज शुरू हुई है, बहुत से लोगों ने कलाई घड़ी भी बांधना छोड़ दी है। वही आंबेडकर चौक निवासी नगर पालिका से सेवानिवृत 72 वर्षीय बुजुर्ग प्यारे लाल जाटव ने बताया कि पुराने समय में घड़ियों का प्रचलन बहुत कम था। उस दौरान लोग धूप की परछाई देखकर एवं घंटाघर पर लगी घड़ियों की ध्वनि सुनकर अपने आसपास के लोगों और परिवार में बच्चों को कितना समय हो गया है, इसकी जानकारी देते थे।ा
विज्ञापन